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कमियां मिलने पर डीपीएम, कर्मचारियों को दी चेतावनी कार्रवाई
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आजमगढ़। कमिश्नर विजय विश्वास पन्त ने बुधवार को रानी की सराय के ग्राम फिरुद्दूपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कमियां मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीपीएम (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) के साथ ही एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा आदि को चेतावनी दी कि एक माह के अंदर कार्यों में सुधार नहीं होता है तो कार्रवाई की जाएगी।
आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण में अवगत कराया गया कि गांव के यादव पुरवा का टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के लिए 10 लाभार्थियों का नाम दर्ज था, लेकिन टीकाकरण सिर्फ एक का ही हुआ था। टीकाकरण रजिस्टर में वह अद्यतन नहीं पाया गया। रजिस्टर में अंकित, अनुराग नामक बच्चे को लगे टीके और अवशेष टीके के बारे में पूछने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुनीता ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बच्चे के घर से टीकाकरण संबंधी कार्ड मंगाकर देखा तो उस पर भी स्पष्ट अंक दर्ज नहीं था। गर्भवती महिलाओं की संख्या एवं उनके टीकाकरण सम्बन्धी रजिस्टर भी ठीक नहीं मिला। मण्डलायुक्त ने आगामी माह में होने वाले प्रसव, गर्भवती महिलाओं के पूर्ण टीकाकरण, टीकाकरण के लिए अवशेष गर्भवती महिलाओं आदि की संख्या के बारे में पूछे जाने पर एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा ठोस जवाब नहीं मिला। कब-कब टीकाकरण किया जाना है, इस सम्बन्ध में भी उन लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही की जा रही है। टीकाकरण स्थल पर एचबी टेस्टिंग किट्स, शूगर टेस्टिंग किट्स, बीपी मशीन भी उपलब्ध नहीं पाई गई। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए पर्दा घर भी नहीं बनाया गया था। कहा कि बिना सामान के टेस्टिंग संभव ही नहीं है। इस घोर लापरवाही और शासकीय कार्यों के प्रति बरती जा रही उदासीनता से स्पष्ट है कि डीपीएम पर्यवेक्षण भी नहीं कर रहे हैं। डीपीएम अरशद अन्सारी को सख्त हिदायत दी कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र पर उपलब्ध सभी सामग्री, रजिस्टर के साथ ही सारी योजनाओं के क्रियान्वयन की तत्काल जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। एक माह के अन्दर सुधार लाएं।
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आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण में अवगत कराया गया कि गांव के यादव पुरवा का टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के लिए 10 लाभार्थियों का नाम दर्ज था, लेकिन टीकाकरण सिर्फ एक का ही हुआ था। टीकाकरण रजिस्टर में वह अद्यतन नहीं पाया गया। रजिस्टर में अंकित, अनुराग नामक बच्चे को लगे टीके और अवशेष टीके के बारे में पूछने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुनीता ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बच्चे के घर से टीकाकरण संबंधी कार्ड मंगाकर देखा तो उस पर भी स्पष्ट अंक दर्ज नहीं था। गर्भवती महिलाओं की संख्या एवं उनके टीकाकरण सम्बन्धी रजिस्टर भी ठीक नहीं मिला। मण्डलायुक्त ने आगामी माह में होने वाले प्रसव, गर्भवती महिलाओं के पूर्ण टीकाकरण, टीकाकरण के लिए अवशेष गर्भवती महिलाओं आदि की संख्या के बारे में पूछे जाने पर एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा ठोस जवाब नहीं मिला। कब-कब टीकाकरण किया जाना है, इस सम्बन्ध में भी उन लोगों को कोई जानकारी नहीं थी। मण्डलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही की जा रही है। टीकाकरण स्थल पर एचबी टेस्टिंग किट्स, शूगर टेस्टिंग किट्स, बीपी मशीन भी उपलब्ध नहीं पाई गई। गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए पर्दा घर भी नहीं बनाया गया था। कहा कि बिना सामान के टेस्टिंग संभव ही नहीं है। इस घोर लापरवाही और शासकीय कार्यों के प्रति बरती जा रही उदासीनता से स्पष्ट है कि डीपीएम पर्यवेक्षण भी नहीं कर रहे हैं। डीपीएम अरशद अन्सारी को सख्त हिदायत दी कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र पर उपलब्ध सभी सामग्री, रजिस्टर के साथ ही सारी योजनाओं के क्रियान्वयन की तत्काल जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। एक माह के अन्दर सुधार लाएं।
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