फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Download apps only from trusted sources

Azamgarh News: केवल विश्वसनीय स्रोत से ही डाउनलोड करें एप

Tue, 11 Feb 2025 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
Download apps only from trusted sources
सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर हुई साइबर जागरूकता कार्यशाला
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। डीएम नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस मनाया गया। इस अवसर पर साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उपस्थित लोगों को साइबर क्राइम से किस प्रकार बच सकते हैं इसके उपाय बताए गए। डीआईओ एनआईसी चंदन यादव ने बताया कि केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप डाउनलोड करें।

इस अवसर पर डीआईओ एनआईसी चंदन यादव एवं साइबर क्राइम से ओम प्रकाश जायसवाल ने लोगों को बताया कि इस डिजिटल युग में सिर्फ एक क्लिक से अवसरों के साथ खतरों के दरवाजे खुल सकते हैं। सुरक्षित इंटरनेट दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो वैश्विक रूप से मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य आनलाइन सुरक्षा और डिजिटल कल्याण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि साइबर स्वच्छता एक ऐसी प्रक्रिया है, जो व्यक्तियों को उनके उपकरणों और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा बनाए रखने में मदद करती है। जैसे आप कीटाणुओं से बचने के लिए हाथ धोते हैं, वैसे ही साइबर स्वच्छता में आपकी ऑनलाइन आदतों को साफ करना शामिल है, ताकि आप अपनी डिजिटल जिंदगी को सुरक्षित रख सकें। अच्छी साइबर स्वच्छता से फिशिंग, हैकिंग और मैलवेयर जैसी चीजों से आपके व्यक्तिगत खातों और उपकरणों को प्रभावित होने से रोका जा सकता है। साइबर स्वच्छता के लिए फोन में आसान पासवर्ड का उपयोग करने से बचें, इसके बजाय अक्षरों, संख्याओं और प्रतीकों का मिश्रण करके मजबूत पासवर्ड बनाएं। दो चरणीय प्रमाणिकता सुरक्षा की एक अतिरिक्त स्तर जोड़ता है, जिसमें आपको एक दूसरा पासवर्ड जैसे आपके फोन पर भेजा गया कोड, के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होती है। अपने डिवाइस को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान या चेहरा पहचान) या एक मजबूत पिन व पासवर्ड का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि फोन में केवल विश्वसनीय श्रोतों से ही एप्स डाउनलोड करें। अनौपचारिक श्रोतों से एप्स में मैलवेयर हो सकता है या वे आपका डेटा चुराने के लिए डिजाइन किए जा सकते हैं। विशेषज्ञ साइबर सेल एक्सपर्ट हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश जायसवाल ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता, अगर ऐसा कोई वीडियो कॉल या फोन कॉल आता है तो आप अलर्ट हो जाएं, क्योंकि ये लोग साइबर अपराधी होते हैं और झांसा देकर लोगों को ठगने का काम करते हैं। सोशल मीडिया पर आप अपना पॉसवर्ड बहुत ही सिंपल न रखें, उसे स्पेशल कैरेक्टर का यूज करते हुए बनाएं, ताकि वह स्ट्रांग रहे और कोई हैक न कर सके। किसी भी प्रकार की साइबर फ्रॉड संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करें या फिर साइबर अपराध की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन में या ऑफिसियल वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
विज्ञापन

इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार, डीपीआरओ, मो. अबूशाद अहमद आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed