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Azamgarh News: फरिहा-खुरासनरोड रेल खंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम पूरा, स्पीड ट्रायल कल
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फरिहा-खुरासनरोड (20.01 किमी) रेल खंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में मऊ-शाहगंज (99.75 किमी) दोहरीकरण परियोजना के तहत हुए कार्य का बृहस्पतिवार को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर पूर्व सर्किल, प्रणजीव सक्सेना ने इस नए दोहरीकृत खंड का संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान गोरखपुर मुख्यालय, वाराणसी मंडल और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीआरएस ने फरिहा स्टेशन से निरीक्षण शुरू किया, जहां तकनीकी दस्तावेजों, स्टेशन वर्किंग नियम, सर्किट डायग्राम, फॉर्मेशन-अर्थवर्क रिकॉर्ड, पॉइंट्स क्रॉसिंग, लॉन्ग रेल वेल्डिंग, अल्ट्रासाउंड जांच और सिग्नलिंग रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके बाद मोटर ट्रॉली से फरिहा-सरायमीर (11 किमी) ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण किया गया। इस दौरान माइनर और मेजर ब्रिज, कर्वेचर, समपार फाटक संख्या 46 बी1 और 49सी, निर्माणाधीन लिमिटेड हाईट सबवे और संजारपुर हाल्ट स्टेशन की संरक्षा मानकों के आधार पर जांच हुई।
सरायमीर से खुरासनरोड तक जांच
सरायमीर स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म, लूप लाइन, ट्रैक फॉर्मेशन, ओवरहेड ट्रैक्शन पोल, सिग्नलिंग उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग रिले रूम और स्टेशन मास्टर पैनल का निरीक्षण किया गया। इसके बाद सरायमीर से खुरासनरोड (9.75 किमी) ब्लॉक सेक्शन में लाइन फिटिंग्स, सिग्नल, बैलास्ट कुशनिंग, रेल पथ जड़ाई, ट्रैक्शन लाइन फाउंडेशन, रेल अंडरपास, पुल-पुलियों और समपार फाटक संख्या 56बी व 55सी की जांच हुई। सभी संरक्षा मानकों का परीक्षण कर संतोष जताया गया।
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स्पीड ट्रायल की तैयारी
शुक्रवार काे यानी 28 मार्च को सीआरएस खुरासनरोड स्टेशन और फरिहा-खुरासनरोड खंड की तकनीकी जांच करेंगे, जिसके बाद फरिहा से खुरासनरोड तक सीआरएस स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल होगा। रेल प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस दौरान रेलपथ पर न जाएं और बच्चों या पशुओं को भी दूर रखें, क्योंकि यह जोखिम भरा हो सकता है।
क्षेत्र के लिए लाभ
यह दोहरीकरण परियोजना पूर्वांचल में रेल सेवाओं को तेज और सुलभ बनाएगी। ट्रेनों की आवाजाही में सुधार से माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी मंडल में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की यह कड़ी क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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सीआरएस ने फरिहा स्टेशन से निरीक्षण शुरू किया, जहां तकनीकी दस्तावेजों, स्टेशन वर्किंग नियम, सर्किट डायग्राम, फॉर्मेशन-अर्थवर्क रिकॉर्ड, पॉइंट्स क्रॉसिंग, लॉन्ग रेल वेल्डिंग, अल्ट्रासाउंड जांच और सिग्नलिंग रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके बाद मोटर ट्रॉली से फरिहा-सरायमीर (11 किमी) ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण किया गया। इस दौरान माइनर और मेजर ब्रिज, कर्वेचर, समपार फाटक संख्या 46 बी1 और 49सी, निर्माणाधीन लिमिटेड हाईट सबवे और संजारपुर हाल्ट स्टेशन की संरक्षा मानकों के आधार पर जांच हुई।
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सरायमीर से खुरासनरोड तक जांच
सरायमीर स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म, लूप लाइन, ट्रैक फॉर्मेशन, ओवरहेड ट्रैक्शन पोल, सिग्नलिंग उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग रिले रूम और स्टेशन मास्टर पैनल का निरीक्षण किया गया। इसके बाद सरायमीर से खुरासनरोड (9.75 किमी) ब्लॉक सेक्शन में लाइन फिटिंग्स, सिग्नल, बैलास्ट कुशनिंग, रेल पथ जड़ाई, ट्रैक्शन लाइन फाउंडेशन, रेल अंडरपास, पुल-पुलियों और समपार फाटक संख्या 56बी व 55सी की जांच हुई। सभी संरक्षा मानकों का परीक्षण कर संतोष जताया गया।
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स्पीड ट्रायल की तैयारी
शुक्रवार काे यानी 28 मार्च को सीआरएस खुरासनरोड स्टेशन और फरिहा-खुरासनरोड खंड की तकनीकी जांच करेंगे, जिसके बाद फरिहा से खुरासनरोड तक सीआरएस स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल होगा। रेल प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस दौरान रेलपथ पर न जाएं और बच्चों या पशुओं को भी दूर रखें, क्योंकि यह जोखिम भरा हो सकता है।
क्षेत्र के लिए लाभ
यह दोहरीकरण परियोजना पूर्वांचल में रेल सेवाओं को तेज और सुलभ बनाएगी। ट्रेनों की आवाजाही में सुधार से माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी मंडल में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की यह कड़ी क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।