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सीएए को एनआरसी से जोड़कर न देंखें : डीएम
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शहर के पहाड़पुर में शांति व्यवस्था के लिए तैनात आरएएफ।
- फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। नागरिकता संशोधन कानून-2019 को लेकर जनपद में भी तनाव के हालात हैं। जनपद में शांति बनाए रखने के लिए अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मदरसा अध्यापक और प्रबंधकों के साथ जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में नेहरू हाल में बैठक कर लोगों से शांति की अपील की गई।
डीएम ने कहा कि सीएए को एनआरसी या एनआरपी से जोड़कर न देखें। जाए। ये कानून1955 के शहरीयत तरमीम कानून में कुछ तबदीलियां करता है। इसके तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान में मजहवी बुनियाद पर जुल्म के शिकार हिन्दू, इसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी को हिन्दुस्तानी शहरीयत को मौका फराहम करता है। मौजूदा लगभग 30 करोड़ हिन्दुस्तानी मुसलमान पर यह कानून किसी भी तरह असर अंदाज नहीं होता, जो अपने हिन्दू हम वतनों के बराबर का हुकूक रखते हैं और आईन्दा भी रखते रहेंगे। इस कानून के नेफाज के बाद किसी भी हिन्दुस्तानी खासतौर से मुसलमानों को अपनी शहरीयत साबित करने के लिए किसी भी तरह के दस्तावेज पेश करने को नहीं कहा जाएगा। न ही मुसलमानों की शहरीयत रद्द होगी। शहरीयत तरमीम कानून 2019 हिन्दुस्तानी मुसलमानों पर किसी भी तरह से असरअंदाज नहीं होता है।
बेशक आप एक जमहूरी मुल्क में रहते हैं, जमहूरियत में अपने गमों गुस्से का इजहार करने का आपको पूरा हक है। जमहूरियत में आपको अपनी बात हूकूमत तक पहुंचाने का पूरा हक है। आप अपने गमों गुस्से का पूरी तरह से इजहार करें, मगर कानून के दायरे में रहकर कानून को अपने हाथ में न लें। डीएम ने सभी से मोअद्दबाना से अपील की कि आप लोग आपसी भाईचारा व अमनो अमान बनाये रखें। सरकारी मिलकीयत आपकी मिलकीयत है, जज्बात में आकर कोई काम ऐसा न करें, जिससे मुशतरका तहजीब पामाल हो और सरकारी मिलकीयत को नुकसान पहुंचे।
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125 स्थानों पर जागरूक हो रहे लोग
आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जनपद में 125 जगहों को चिन्हित किया गया है। यहां पर शनिवार को एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार जाकर सीएए के बारे में युवाओं को जागरूक कर रहे हैं। ताकि उनकी आशंकाओं को दूर किया जा सके। मो. ताहिर मदनी ने कहा कि नागरीक संशोधन कानून 2019 के परिप्रेक्ष्य में आवाम अपनी बातों को रखना चाहते हैं, उसके लिए हम लोगों को मौका मिलान चाहिए। अब्दुल वफ्त ने कहा कि हमारे जज्बात आपके माध्यम से सरकार के पास जाने चाहिए। मुफ्ती निजामुद्दीन ने कहा कि हमारा पैगाम मोहब्बत लाना है, इस दुनिया में और हर मुल्क में हर मजहब के लोग रहते हैं, हम भी कोशिश करें कि हम अमन और शांति से रहें। मजाहिर हुसैन ने ‘सारे जहं से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा’ सुनाकर लोगों से अपील की। शायर इमाम मेंहदी ने कहा कि आजमगढ़ के लोगों पूरे देश को बता दिया कि हम लोग अमन और चैन चाहते हैं। आमिर तल्हा ने कहा कि यह पूरा मामला भरोसे का है। इस मौके पर मुफ्ती निजामुद्दीन, मिर्जा आरिफ ाबेग, मोमान साहब, महाहिर हुसैन, इमाम मेंहदी, डॉ. मसूद प्रधानाचार्य शिब्ली डिग्री कालेज, कैशर जावेद आदि संबंधित उपस्थित रहे।
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डीएम ने कहा कि सीएए को एनआरसी या एनआरपी से जोड़कर न देखें। जाए। ये कानून1955 के शहरीयत तरमीम कानून में कुछ तबदीलियां करता है। इसके तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान में मजहवी बुनियाद पर जुल्म के शिकार हिन्दू, इसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी को हिन्दुस्तानी शहरीयत को मौका फराहम करता है। मौजूदा लगभग 30 करोड़ हिन्दुस्तानी मुसलमान पर यह कानून किसी भी तरह असर अंदाज नहीं होता, जो अपने हिन्दू हम वतनों के बराबर का हुकूक रखते हैं और आईन्दा भी रखते रहेंगे। इस कानून के नेफाज के बाद किसी भी हिन्दुस्तानी खासतौर से मुसलमानों को अपनी शहरीयत साबित करने के लिए किसी भी तरह के दस्तावेज पेश करने को नहीं कहा जाएगा। न ही मुसलमानों की शहरीयत रद्द होगी। शहरीयत तरमीम कानून 2019 हिन्दुस्तानी मुसलमानों पर किसी भी तरह से असरअंदाज नहीं होता है।
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बेशक आप एक जमहूरी मुल्क में रहते हैं, जमहूरियत में अपने गमों गुस्से का इजहार करने का आपको पूरा हक है। जमहूरियत में आपको अपनी बात हूकूमत तक पहुंचाने का पूरा हक है। आप अपने गमों गुस्से का पूरी तरह से इजहार करें, मगर कानून के दायरे में रहकर कानून को अपने हाथ में न लें। डीएम ने सभी से मोअद्दबाना से अपील की कि आप लोग आपसी भाईचारा व अमनो अमान बनाये रखें। सरकारी मिलकीयत आपकी मिलकीयत है, जज्बात में आकर कोई काम ऐसा न करें, जिससे मुशतरका तहजीब पामाल हो और सरकारी मिलकीयत को नुकसान पहुंचे।
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125 स्थानों पर जागरूक हो रहे लोग
आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जनपद में 125 जगहों को चिन्हित किया गया है। यहां पर शनिवार को एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार जाकर सीएए के बारे में युवाओं को जागरूक कर रहे हैं। ताकि उनकी आशंकाओं को दूर किया जा सके। मो. ताहिर मदनी ने कहा कि नागरीक संशोधन कानून 2019 के परिप्रेक्ष्य में आवाम अपनी बातों को रखना चाहते हैं, उसके लिए हम लोगों को मौका मिलान चाहिए। अब्दुल वफ्त ने कहा कि हमारे जज्बात आपके माध्यम से सरकार के पास जाने चाहिए। मुफ्ती निजामुद्दीन ने कहा कि हमारा पैगाम मोहब्बत लाना है, इस दुनिया में और हर मुल्क में हर मजहब के लोग रहते हैं, हम भी कोशिश करें कि हम अमन और शांति से रहें। मजाहिर हुसैन ने ‘सारे जहं से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा’ सुनाकर लोगों से अपील की। शायर इमाम मेंहदी ने कहा कि आजमगढ़ के लोगों पूरे देश को बता दिया कि हम लोग अमन और चैन चाहते हैं। आमिर तल्हा ने कहा कि यह पूरा मामला भरोसे का है। इस मौके पर मुफ्ती निजामुद्दीन, मिर्जा आरिफ ाबेग, मोमान साहब, महाहिर हुसैन, इमाम मेंहदी, डॉ. मसूद प्रधानाचार्य शिब्ली डिग्री कालेज, कैशर जावेद आदि संबंधित उपस्थित रहे।

नेहरू हाल में आयोजित धर्मगुरुओं की मीटिंग को संबोधित करते ताहिर मदनी।- फोटो : AZAMGARH

नेहरू हाल में धर्मगुरुओं की आयोजित बैठक के संबोधित करते डीएम एनपी सिंह।- फोटो : AZAMGARH