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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौचमुक्त बनाना है।
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:02 AM IST
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शौचालय न बनवाना चिंताजनक
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौचमुक्त बनाना है। इसके लिए पात्र परिवारों को सरकार धनराशि भी दे रही है। समाज में कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने संपन्न होने के बाद भी शौचालय नहीं बनवाया है। यह चिंता का विषय है। ये बातें जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने राहुल प्रेक्षागृह में शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुई बैठक में कहीं।
पल्हनी, सठियांव, जहानागंज, तहबरपुर के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिले के सभी गांवों को दो अक्टूबर 2018 तक खुले में शौचमुक्त बनाने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई थी।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के 2011 जनगणना के आधार पर पात्र परिवारों को सरकार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराती है लेकिन समाज के धनी वर्ग के कुछ लोगों ने भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया है जो चिंताजनक है। इसके लिए उन्हें पर्याप्त जागरूकता प्रदान करने की आवश्यकता हैै। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि वे क्षेत्रीय लोगों में जागरूकता फैलाएं।
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जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी जीतेंद्र कुमार मिश्रा को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्लाक तहबरपुर के सुरियाडीह गांव को माडल के रूप में चिह्नित करते हुए स्वच्छता संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराएं। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी जनता में जागरूकता के साथ खुले में शौचमुक्त और स्वच्छ भारत केे निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें।
मौके पर इंद्रमणि त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा पीके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय आदि उपस्थित थे।
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पल्हनी, सठियांव, जहानागंज, तहबरपुर के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिले के सभी गांवों को दो अक्टूबर 2018 तक खुले में शौचमुक्त बनाने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई थी।
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जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के 2011 जनगणना के आधार पर पात्र परिवारों को सरकार शौचालय निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराती है लेकिन समाज के धनी वर्ग के कुछ लोगों ने भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया है जो चिंताजनक है। इसके लिए उन्हें पर्याप्त जागरूकता प्रदान करने की आवश्यकता हैै। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि वे क्षेत्रीय लोगों में जागरूकता फैलाएं।
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जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी जीतेंद्र कुमार मिश्रा को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्लाक तहबरपुर के सुरियाडीह गांव को माडल के रूप में चिह्नित करते हुए स्वच्छता संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराएं। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी जनता में जागरूकता के साथ खुले में शौचमुक्त और स्वच्छ भारत केे निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें।
मौके पर इंद्रमणि त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा पीके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय आदि उपस्थित थे।