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शिकायतों की न हो अनदेखी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 08 Jan 2015 11:20 PM IST
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मंडलायुक्त सभागार में गुरुवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक हुई।
इस अवसर पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी/कर्मचारी लापरवाही बरतते हैं तो संबंधित के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
इस दौरान उन्होंने मंडल के 46 मामलों की समीक्षा की। शेष मामलों की जांच आख्या एक माह में देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयोग संवैधानिक संस्था है, इसमें अधिकार दिए गए हैं कि आयोग नोटिस, सम्मन, वारंट जारी कर सकता है।
शिकायतों के निस्तारण के मामले में अधिकारी यदि लापरवाही बरतते हुए कार्यवाही करने में विलंब करेगा तो संबंधित के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति की प्रथम सूचना रिपोर्ट तत्काल दर्ज होनी चाहिए और उसकी जनसुनवाई में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होने कहा कि आयोग द्वारा रिपोर्ट मांगने पर भी समय से रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है। समय से रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मानिटरिंग कमेटी की तीन माह में एक बार बैठक अवश्य हो। जिसमें पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति होनी चाहिए।
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राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष ने आजमगढ़ में 33, मऊ में पांच तथा बलिया के आठ मामलों की समीक्षा की। कहा कि शेष मामलों की जॉंच आख्या एक माह में दें।
इस मौके पर आईजी वाराणसी जोन आमरेंद्र कुमार सेंगर, मंडलायुक्त आज़मगढ़ एमकेएस सुंदरम, डीआईजी आरके श्रीवास्तव, जिलाधिकारी आज़मगढ़ रणवीर प्रसाद, जिलाधिकारी बलिया, मऊ सहित तीनों जिले के एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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इस अवसर पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी/कर्मचारी लापरवाही बरतते हैं तो संबंधित के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
इस दौरान उन्होंने मंडल के 46 मामलों की समीक्षा की। शेष मामलों की जांच आख्या एक माह में देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयोग संवैधानिक संस्था है, इसमें अधिकार दिए गए हैं कि आयोग नोटिस, सम्मन, वारंट जारी कर सकता है।
शिकायतों के निस्तारण के मामले में अधिकारी यदि लापरवाही बरतते हुए कार्यवाही करने में विलंब करेगा तो संबंधित के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति की प्रथम सूचना रिपोर्ट तत्काल दर्ज होनी चाहिए और उसकी जनसुनवाई में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होने कहा कि आयोग द्वारा रिपोर्ट मांगने पर भी समय से रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है। समय से रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मानिटरिंग कमेटी की तीन माह में एक बार बैठक अवश्य हो। जिसमें पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति होनी चाहिए।
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राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष ने आजमगढ़ में 33, मऊ में पांच तथा बलिया के आठ मामलों की समीक्षा की। कहा कि शेष मामलों की जॉंच आख्या एक माह में दें।
इस मौके पर आईजी वाराणसी जोन आमरेंद्र कुमार सेंगर, मंडलायुक्त आज़मगढ़ एमकेएस सुंदरम, डीआईजी आरके श्रीवास्तव, जिलाधिकारी आज़मगढ़ रणवीर प्रसाद, जिलाधिकारी बलिया, मऊ सहित तीनों जिले के एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।