{"_id":"6298fab283d50d634d6f9c29","slug":"dm-reviews-election-preparations-azamgarh-news-vns6568718147","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा की
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट के सभागार में आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव को लेकर बैठक करते डीएम विशाल भरद्वाज।
- फोटो : AZAMGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण, परिवहन, आदर्श आचार संहिता, स्ट्रांग रूम, मतगणना, कम्युनिकेशन प्लान, प्रेक्षक, ईवीएम/वीवीपैट, व्यय अनुवीक्षण, लेखन/निर्वाचन सामग्री की पैकेटिंग व वीडियोग्राफी, सीसीटीवी, वेबकास्टिंग की समीक्षा की गईद्य जिलाधिकारी ने बताया कि मतदान कार्मिकों को 4 जून से प्रशिक्षण दिया जाना है। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन मतदान कार्मिकों द्वारा निर्वाचन ड्यूटी न करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है उसकी जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अपर जिलाधिकारी वि.रा. को निर्देशित किया कि मतदान के दृष्टिगत भारी व हल्के वाहनों की व्यवस्था समय से कर लें। मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी एसडीएम से समन्वय स्थापित कर कम्युनिकेशन प्लान तैयार करें। इसी के साथ ही लेखन सामग्री की पैकेटिंग, वेबकास्टिंग कराने का निर्देश दिया।
निगरानी समिति का गठन
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल भारद्वाज ने बताया कि उप चुनाव के दौरान नकदी व अन्य सामानों की जब्ती और इन्हें छोड़े जाने के लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन किया गया है। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला मो. 9454644684 को अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी वि.रा. आजाद भगत सिंह मो. 9454417592 को सदस्य व मुख्य कोषाधिकारी/नोडल अधिकारी व्यय अनुवीक्षण विजय शंकर मो. 8765923587 को संयोजक नामित किया गया है।निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये दिशा निर्देश के क्रम में उपरोक्त समिति में लगाये गये अधिकारी, पुलिस, स्थैतिक निगरानी दल या उड़नदस्ते द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले की जांच करेंगे। संवाद
छोटे-बड़े वाहनों के मालिकों को अधिग्रहण के लिए भेज रहे नोटिस
लोकसभा उपचुनाव आजमगढ़ में मतदान कर्मियों को बूथों तक पहुंचाने और चुनाव में लगे अधिकारियों को वाहनों की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी एआरटीओ को सौंपी गई है। जिला प्रशासन से डिमांड मिलने के बाद एआरटीओ ने छोटे-बड़े 2300 वाहनों के लिए वाहन मालिकों को पत्र जारी किया गया है।
विज्ञापन
लोकसभा उपचुनाव का नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव की घोषणा होते ही प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। कर्मचारियों को बूथों तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था में संभागीय परिवहन विभाग लगा हुआ है। लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों को बूथों तक भेजने के लिए विधानसभावार बड़े वाहनों को लगाया जाएगा। इसमें सदर (आजमगढ़) 120, गोपालपुर 98, मुबारकपुर 110, सगड़ी 102 व मेंहनगर 111 बसों की जरूरत होगी। एआरटीओ प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 548 भारी वाहन (बस) व 350 हल्के वाहन लगाए जाएंगे।
प्रोजेक्टर पर से मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण
लोक सभा आजमगढ़ सदर उप चुुनाव को सकुशल व शांतिपूर्ण ढ़ंग से संपंन कराने के लिए बृहस्पतिवार को नेहरू हाल के सभागार में जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय की अध्यक्षता में 70 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से कहा कि प्रशिक्षण को गम्भीरता व पूरे मनोयोग के साथ प्राप्त करें और मतदान कार्मिकों को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण दें।
मास्टर ट्रेनर इंजी. कुलभूषण सिंह ने ट्रेनरों को प्रोजेक्टर पर पीपीटी के माध्यम से संपूर्ण मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। कहा कि पोलिंग पार्टी रवानगी स्थल पर ईवीएम को चेक करें व ईवीएम का कनेक्शन कदापि न करें। ईवीएम पर लगे हुए एड्रेस टैग को चेक करें कि संबंधित बूथ का ही है। सीयू का बैट्री लेवल हाई रहना चाहिए। इसी के साथ ही बीयू में यह देखें कि जितने प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, उतने ही नीली बटन (नोटा सहित) खुला होना चाहिए। बाकि बटन सफेद मास्क से ढ़का होना चाहिए। मतदान के दिन मॉकपोल की प्रक्रिया पोलिंग एजेन्टों की उपस्थिति में 90 मिनट पहले ही शुरू कर दें। मॉकपोल के दौरान कम से कम नोटा सहित 50 वोट डलवाएं। मॉकपोल के दौडान डाले गये वोटों का मिलान सीयू के रिजल्ट से कर लें। इसके अलावा वीवी पैट से निकली हुई पर्चियों से भी मिलान करें।
विज्ञापन
निगरानी समिति का गठन
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल भारद्वाज ने बताया कि उप चुनाव के दौरान नकदी व अन्य सामानों की जब्ती और इन्हें छोड़े जाने के लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन किया गया है। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला मो. 9454644684 को अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी वि.रा. आजाद भगत सिंह मो. 9454417592 को सदस्य व मुख्य कोषाधिकारी/नोडल अधिकारी व्यय अनुवीक्षण विजय शंकर मो. 8765923587 को संयोजक नामित किया गया है।निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये दिशा निर्देश के क्रम में उपरोक्त समिति में लगाये गये अधिकारी, पुलिस, स्थैतिक निगरानी दल या उड़नदस्ते द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले की जांच करेंगे। संवाद
विज्ञापन
छोटे-बड़े वाहनों के मालिकों को अधिग्रहण के लिए भेज रहे नोटिस
लोकसभा उपचुनाव आजमगढ़ में मतदान कर्मियों को बूथों तक पहुंचाने और चुनाव में लगे अधिकारियों को वाहनों की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी एआरटीओ को सौंपी गई है। जिला प्रशासन से डिमांड मिलने के बाद एआरटीओ ने छोटे-बड़े 2300 वाहनों के लिए वाहन मालिकों को पत्र जारी किया गया है।
विज्ञापन
लोकसभा उपचुनाव का नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव की घोषणा होते ही प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। कर्मचारियों को बूथों तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था में संभागीय परिवहन विभाग लगा हुआ है। लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों को बूथों तक भेजने के लिए विधानसभावार बड़े वाहनों को लगाया जाएगा। इसमें सदर (आजमगढ़) 120, गोपालपुर 98, मुबारकपुर 110, सगड़ी 102 व मेंहनगर 111 बसों की जरूरत होगी। एआरटीओ प्रवर्तन संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 548 भारी वाहन (बस) व 350 हल्के वाहन लगाए जाएंगे।
प्रोजेक्टर पर से मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण
लोक सभा आजमगढ़ सदर उप चुुनाव को सकुशल व शांतिपूर्ण ढ़ंग से संपंन कराने के लिए बृहस्पतिवार को नेहरू हाल के सभागार में जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय की अध्यक्षता में 70 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से कहा कि प्रशिक्षण को गम्भीरता व पूरे मनोयोग के साथ प्राप्त करें और मतदान कार्मिकों को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण दें।
मास्टर ट्रेनर इंजी. कुलभूषण सिंह ने ट्रेनरों को प्रोजेक्टर पर पीपीटी के माध्यम से संपूर्ण मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। कहा कि पोलिंग पार्टी रवानगी स्थल पर ईवीएम को चेक करें व ईवीएम का कनेक्शन कदापि न करें। ईवीएम पर लगे हुए एड्रेस टैग को चेक करें कि संबंधित बूथ का ही है। सीयू का बैट्री लेवल हाई रहना चाहिए। इसी के साथ ही बीयू में यह देखें कि जितने प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, उतने ही नीली बटन (नोटा सहित) खुला होना चाहिए। बाकि बटन सफेद मास्क से ढ़का होना चाहिए। मतदान के दिन मॉकपोल की प्रक्रिया पोलिंग एजेन्टों की उपस्थिति में 90 मिनट पहले ही शुरू कर दें। मॉकपोल के दौरान कम से कम नोटा सहित 50 वोट डलवाएं। मॉकपोल के दौडान डाले गये वोटों का मिलान सीयू के रिजल्ट से कर लें। इसके अलावा वीवी पैट से निकली हुई पर्चियों से भी मिलान करें।