मेजवां। फिल्म अभिनेत्री शाबाना आजमी के आग्रह पर बुधवार को डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवा पहुंचे। डीएम ने कैफी आजमी सिलाई और चिकनकारी सेंटर पहुंचे और महिलाओं के कार्याें को देखा और सराहा।
कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर में शबाना आजमी ने महिलाओं द्वारा बनाए गए चिकनकारी के कार्यो को डीएम को दिखाया। इस दौरान डीएम ने मिजवां सोसाइटी द्वारा मुंबई में आयोजित फैशन शो में मॉडल द्वारा प्रयोग किए गए चिकनकारी युक्त फेबरिक को देखा और सराहा। डीएम ने कहा कि 1988 के दशक में जब कैफी साहब फूलपुर से मेजवा तक के लिए सड़क बनाने का प्रयास कर रहे थे तो मैंने उनकी काफी मदद की थी। कैफी साहब का शुरू से ही गांव की तरफ झुकाव रहा है। गांव की पुरानी चीजें कुआं, तालाब उन्हें खींच लाया। कैफी साहब ने जो पौध लगाए थे, वह अब बहुत बड़े वृक्ष के रूप में खडे़ हैं। महिला समूहों पर उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक समूह बनाए इससे महिलाएं सशक्त बनेगी। मैंने खुद एक वर्ष में कई समूह बनवाए और हजारों महिलाओं को बैंकों से जोड़ा। उन्होंने कुटीर उद्योग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर धर्म और मजहब में महिलाओं को सम्मान दिया गया है। शबाना जी का इस गांव के विकास में काफी योगदान है। शबाना आजमी ने कहा कि डीएम साहब खुद अपनी तरफ से महिलाओ के लिए बहुत सारा काम किया है। कैफी साहब गांव की तरक्की चाहते थे। यही वजह है कि आज मिजवां सभी सुविधएं उपलब्ध है । शबाना ने गांव में निर्माणाधीन स्टेडियम को बड़े पैमाने पर विकसित करने की बात कही। डीएम लगभग तीन घंटे चिकनकारी सेंटर में थे। इस दौरान शबाना ने शौकत कैफी द्वारा लिखी यादों की राहगुजर पुस्तक उन्हें भेंट किया। इस मौके पर आशुतोष त्रिपाठी, संयोगिता, एसडीएम बागीश शुक्ला, अधिशाषी अभियंता शिवाजी सिंह, विकास यादव, राजस्व निरीक्षक शिवशंकर सिंह, प्रकाश चंद यादव, योगेंद्र यादव, राजेश यादव, मोहम्मद हाशिम, आफताब, लाडली बानो आदि मौजूद रहीं।