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डीएम ने लेखपालों को डिजास्टर प्लान के तहत दी ट्रेनिंग, महामारी में लेखपालों को बताया उनका दायित्व
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आजमगढ़। कोरोना महामारी के दौरान लाकडाउन की अवधि में आम जनमानस की सहायता के लिए डीएम एनपी सिंह ने बृहस्पतिवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज, अतरौलिया में बूढ़नपुर के लेखपालों को डिजास्टर प्लान के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिया। डीएम ने समस्त लेखपालों को कोरोना महामारी के दौरान उनके द्वारा किए जाने वाले दायित्वों का बोध कराया।
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में हमलोगों ने प्रकृति का इतना दोहन किया है जिससे हमारे सामने तमाम तरह की समस्या आकर सामने खड़ी हो रही है। इस महामारी के हमें शतप्रतिशत प्रयत्न करने की जरूरत है। आपदा के समय में पहले से तैयार रहने की जरूरत है। प्रवासी मजदूर जो जनपद में बाहर से आ रहे हैं, यदि स्वास्थ्य परीक्षण में उनको सर्दी, बुखार, जुकाम आदि के लक्षण नही हैं तो उनको 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन के लिए भेजा जा रहा है। होम क्वारंटीन हुए प्रवासी मजदूरों की निगरानी करने के लिए प्रत्येक ग्रामों में निगरानी समिति बनाई गई है। जो उक्त व्यक्ति के घर जाकर उसके बारे में जानकारी प्राप्त करते रहेंगे। अगर महामारी से संबंधित कोई बिमारी होती है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित करेंगे। जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरित कराना, मनरेगा से जोड़कर कार्य उपलब्ध कराना, श्रम विभाग में श्रमिकों को पंजीकृत कराना, जिसके पास आधार कार्ड व राशन कार्ड नहीं उनका आधार व राशन कार्ड बनवाना, दिहाड़ी मजदूर हो तो उसको 1000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराना, ऐसा व्यक्ति जो किसी भी प्रकार की योजनाओं से आच्छादित नहीं है, उसे सप्ताहवार लाकडाउन की अवधि तक राशन उपलब्ध कराते रहना आप सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे व्यक्ति जिनके पास न अंत्योदय कार्ड, न ही पात्र गृहस्थी कार्ड, न ही मनरेगा के सक्रिय जाब कार्डधारक एवं न ही श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक हैं और न ही उनके पास आधार व बैंक खाता हैं, ऐसे व्यक्तियों को एक-एक सप्ताह के लिए लाकडाउन की अवधि तक राशन उपलब्ध कराते रहें। इनका आधार नंबर व बैंक खाता खुलवाएं। राशन कार्ड बनवाने के लिए डीएसओ व आपूर्ति निरीक्षक से समंवय स्थापित कर राशन कार्ड बनवाएं। यदि ऐसे कोई व्यक्ति जो किसी भी योजनाओं से आच्छादित न हो उनको 1000 रुपये की अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
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उन्होंने कहा कि आज की तारीख में हमलोगों ने प्रकृति का इतना दोहन किया है जिससे हमारे सामने तमाम तरह की समस्या आकर सामने खड़ी हो रही है। इस महामारी के हमें शतप्रतिशत प्रयत्न करने की जरूरत है। आपदा के समय में पहले से तैयार रहने की जरूरत है। प्रवासी मजदूर जो जनपद में बाहर से आ रहे हैं, यदि स्वास्थ्य परीक्षण में उनको सर्दी, बुखार, जुकाम आदि के लक्षण नही हैं तो उनको 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन के लिए भेजा जा रहा है। होम क्वारंटीन हुए प्रवासी मजदूरों की निगरानी करने के लिए प्रत्येक ग्रामों में निगरानी समिति बनाई गई है। जो उक्त व्यक्ति के घर जाकर उसके बारे में जानकारी प्राप्त करते रहेंगे। अगर महामारी से संबंधित कोई बिमारी होती है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित करेंगे। जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरित कराना, मनरेगा से जोड़कर कार्य उपलब्ध कराना, श्रम विभाग में श्रमिकों को पंजीकृत कराना, जिसके पास आधार कार्ड व राशन कार्ड नहीं उनका आधार व राशन कार्ड बनवाना, दिहाड़ी मजदूर हो तो उसको 1000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराना, ऐसा व्यक्ति जो किसी भी प्रकार की योजनाओं से आच्छादित नहीं है, उसे सप्ताहवार लाकडाउन की अवधि तक राशन उपलब्ध कराते रहना आप सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे व्यक्ति जिनके पास न अंत्योदय कार्ड, न ही पात्र गृहस्थी कार्ड, न ही मनरेगा के सक्रिय जाब कार्डधारक एवं न ही श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक हैं और न ही उनके पास आधार व बैंक खाता हैं, ऐसे व्यक्तियों को एक-एक सप्ताह के लिए लाकडाउन की अवधि तक राशन उपलब्ध कराते रहें। इनका आधार नंबर व बैंक खाता खुलवाएं। राशन कार्ड बनवाने के लिए डीएसओ व आपूर्ति निरीक्षक से समंवय स्थापित कर राशन कार्ड बनवाएं। यदि ऐसे कोई व्यक्ति जो किसी भी योजनाओं से आच्छादित न हो उनको 1000 रुपये की अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
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