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Azamgarh News: पोखरे की जमीन पर शव दफनाने पर विवाद, गांव में हुई पंचायत
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कप्तानगंज थाना के बछुवापार में पोखरे की जमीन पर शव दफनाने के विवाद को लेकर जमा ग्रामीण। स्रोत-स
बूढ़नपुर थाना क्षेत्र के बछुवापार गांव में पोखरे की जमीन पर एक व्यक्ति का शव दफनाए पर सोमवार को विवाद हो गया। गांव निवासी राधेश्याम यादव ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर शव दफनाया गया है, वह ग्राम पंचायत की जमीन है।
उनका कहना है कि इस स्थान पर गांव के लोग जिउतिया और छठ जैसे पर्व भी मनाते हैं। ऐसे में वहां शव दफनाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से बछुवापार गांव में रह रहे हैं और गांव के निवासी हैं।
उनका कहना है कि पहले उनके परिवार के लोगों के शव दूसरे गांव स्थित कब्रिस्तान में दफनाए जाते थे। गांव में लंबे समय से रहने के बावजूद उनके लिए अलग कब्रिस्तान की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शव दफनाने से पहले ग्राम प्रधान से बातचीत की गई थी और उनकी मौजूदगी में शव को दफनाया गया।
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गांव निवासी हरदेव यादव ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग गांव के निवासी हैं, लेकिन उनके लिए अब तक कब्रिस्तान की अलग भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है।
हमारी मांग है कि जिस स्थान पर शव दफनाया गया है, उसे छोड़कर यदि गांव में कोई बंजर या अन्य उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो तो उसे कब्रिस्तान के लिए उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद की स्थिति न बने।
विवाद की सूचना न तो प्रशासन को दी गई और न ही पुलिस को दी गई। लोगों ने आपस में ही इसका समाधान निकालने का निर्णय लिया। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। न ही किसी की ओर से कोई तहरीर ही दी गई है। मीडिया सेल के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। प्रधान को बुलाया गया है।
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उनका कहना है कि इस स्थान पर गांव के लोग जिउतिया और छठ जैसे पर्व भी मनाते हैं। ऐसे में वहां शव दफनाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से बछुवापार गांव में रह रहे हैं और गांव के निवासी हैं।
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उनका कहना है कि पहले उनके परिवार के लोगों के शव दूसरे गांव स्थित कब्रिस्तान में दफनाए जाते थे। गांव में लंबे समय से रहने के बावजूद उनके लिए अलग कब्रिस्तान की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शव दफनाने से पहले ग्राम प्रधान से बातचीत की गई थी और उनकी मौजूदगी में शव को दफनाया गया।
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गांव निवासी हरदेव यादव ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग गांव के निवासी हैं, लेकिन उनके लिए अब तक कब्रिस्तान की अलग भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है।
हमारी मांग है कि जिस स्थान पर शव दफनाया गया है, उसे छोड़कर यदि गांव में कोई बंजर या अन्य उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो तो उसे कब्रिस्तान के लिए उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद की स्थिति न बने।
विवाद की सूचना न तो प्रशासन को दी गई और न ही पुलिस को दी गई। लोगों ने आपस में ही इसका समाधान निकालने का निर्णय लिया। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। न ही किसी की ओर से कोई तहरीर ही दी गई है। मीडिया सेल के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। प्रधान को बुलाया गया है।