{"_id":"594810484f1c1b66678b46ea","slug":"disillusionment-with-government-seeds","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी बीजों से मोहभंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी बीजों से मोहभंग
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
गेंहू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धान की नर्सरी डालने की मियाद खत्म होने में मात्र कुछ दिन शेष है लेकिन विभाग बीज बिक्री के निर्धारित लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सका है। इसका मुख्य कारण सरकारी गोदामों पर मिलने वाला बीज है। जनपद में किसान जिस धान की उपज करते हैं, उस धान का बीज सरकारी बीज गोदामों पर उपलब्ध ही नहीं है। हालांकि इन बीजों को खरीदने पर सरकार भारी-भरकम अनुदान भी दे रही हैै लेकिन इसके बाद भी किसान इन बीजों को हाथ लगाने को तैयार नहीं है।
इस वर्ष सरकारी बीज गोदामों में डीडीआर 44, डीडीआर 42, मालवीय 105, मालवीय 10.9, स्वर्णा सब वन, आरएच 42 और आरएच 44 नामक प्रजातियों के धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। जनपद में धान के बीज की बिक्री का लक्ष्य 1449 कुंतल है। वहीं, हाईब्रिड धान के बीज का लक्ष्य 900 कुंतल निर्धारित है। इस प्रकार, दोनों प्रजाति के धान के बीजों का कुल लक्ष्य 2349 कुंतल है। इसमें से साधारण धान के 951 कुंतल बीज जनपद को उपलब्ध कराया गया लेकिन अब तक 741 कुंतल धान के बीज की ही बिक्री हो सकी है।
वहीं, हाइब्रिड धान के मात्र 236 कुंतल बीज की ही बिक्री हो सकी है। बाकी बीज गोदामों में डंप है। जबकि सरकार द्वारा इन बीजों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम अनुदान भी दिया जा रहा है। किसान महीन प्रजाति के धान की खेती करते हैं। जो किसान क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करते हैं। वह अच्छी पैदावार के लिए इन बीजों का प्रयोग करते हैं। बाकी किसान बाजार से मोती, कोमल, संपूर्णा, सोनम, टिंकू, दफ्तरी आदि प्रजातियों के बीज को बाजार से खरीदकर प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
बीजों पर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। किसानों की सब्सिडी का पैसा हर हाल में उनके खातों में पहुंचेगा लेकिन इसके बाद भी किसान बीज लेने से कतरा रहे हैं। बीज गोदामों पर डंप पड़ा है। हमारी किसान भाइयों से अपील है कि वह सरकार द्वारा दी जा रही छूट का फायदा उठाएं। - संगम मौर्य, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी
बीज बिक्री पर प्रमुख सचिव ने जताया असंतोष
?प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता ने सोमवार को एनआईसी भवन में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बीजों के वितरण आदि की जानकारी ली। बीजों के कम वितरण पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को बीज पर मिलने वाले अनुुदान की जानकारी दी जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रतिदिन कम से कम पांच किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाकर सम्मिलित किया जाए। किसानों को बताएं कि उनकी सब्सिडी 100 प्रतिशत उनके खातों में भेजी जाएगी। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है वह पंजीकरण कराकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। कांफ्रेंसिंग में संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्य मौजूद थे।
विज्ञापन
इस वर्ष सरकारी बीज गोदामों में डीडीआर 44, डीडीआर 42, मालवीय 105, मालवीय 10.9, स्वर्णा सब वन, आरएच 42 और आरएच 44 नामक प्रजातियों के धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। जनपद में धान के बीज की बिक्री का लक्ष्य 1449 कुंतल है। वहीं, हाईब्रिड धान के बीज का लक्ष्य 900 कुंतल निर्धारित है। इस प्रकार, दोनों प्रजाति के धान के बीजों का कुल लक्ष्य 2349 कुंतल है। इसमें से साधारण धान के 951 कुंतल बीज जनपद को उपलब्ध कराया गया लेकिन अब तक 741 कुंतल धान के बीज की ही बिक्री हो सकी है।
विज्ञापन
वहीं, हाइब्रिड धान के मात्र 236 कुंतल बीज की ही बिक्री हो सकी है। बाकी बीज गोदामों में डंप है। जबकि सरकार द्वारा इन बीजों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम अनुदान भी दिया जा रहा है। किसान महीन प्रजाति के धान की खेती करते हैं। जो किसान क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करते हैं। वह अच्छी पैदावार के लिए इन बीजों का प्रयोग करते हैं। बाकी किसान बाजार से मोती, कोमल, संपूर्णा, सोनम, टिंकू, दफ्तरी आदि प्रजातियों के बीज को बाजार से खरीदकर प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
बीजों पर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। किसानों की सब्सिडी का पैसा हर हाल में उनके खातों में पहुंचेगा लेकिन इसके बाद भी किसान बीज लेने से कतरा रहे हैं। बीज गोदामों पर डंप पड़ा है। हमारी किसान भाइयों से अपील है कि वह सरकार द्वारा दी जा रही छूट का फायदा उठाएं। - संगम मौर्य, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी
बीज बिक्री पर प्रमुख सचिव ने जताया असंतोष
?प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता ने सोमवार को एनआईसी भवन में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बीजों के वितरण आदि की जानकारी ली। बीजों के कम वितरण पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को बीज पर मिलने वाले अनुुदान की जानकारी दी जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रतिदिन कम से कम पांच किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाकर सम्मिलित किया जाए। किसानों को बताएं कि उनकी सब्सिडी 100 प्रतिशत उनके खातों में भेजी जाएगी। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है वह पंजीकरण कराकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। कांफ्रेंसिंग में संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, उप कृषि निदेशक डा. आरके मौर्य, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्य मौजूद थे।