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लड़की-लड़के में भेद सबसे बड़ा नासूर- शबाना आजमी
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गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबारी में बृहस्पतिवार को मिशन शक्ति तृतीय चरण के तहत नारी स्वावलंबन विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने छात्राओं को चुप्पी तोड़कर खुलकर बोलने की सलाह दी।
शबाना आजमी के महाविद्यालय पहुंचते ही छात्राओं ने चुप्पी तोड़ो खुल कर बोलो नारे और कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा, नया जमाना आएगा और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। इस दौरान शबाना आजमी ने कहा कि लड़का और लड़की बराबर हैं। लड़का लड़की में कोई भेद नहीं होता। यह विभेद हमारे समाज का बहुत बड़ा नासूर है। हम सबको मिलकर के इस भेद को मिटाना होगा। इस भेद को मिटाने के लिए सबको संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा. उदयभान यादव ने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी। पुरुष उनके हिस्से की धूप छोड़ देगा और महिलाएं मंच पर आ जाएंगी। जिस दिन वो अपनी भूमिका में आ जाएंगी पूरी दुनिया उनकी होगी शबाना आज सिर्फ और सिर्फ अपने नाम से जानी जाती हैं।
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शबाना आजमी ने पिता कैफी साहब की पंक्तियां पढ़ी उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे, जिसमें जलता हूं उसी आग में जलना है तुझे...। अध्यक्षता करते हुए डा. यादवेंद्र आर्य ने कहा कि आज हर क्षेत्र में छात्राएं आगे हैं। बेटियों के बगैर हमारा समाज नहीं है। इस मौके पर पूजा, पल्लवी, डा. नंदलाल चौरसिया, डा. अनिल यादव, डा. अनूप पांडेय, प्रिया मिश्रा, पूजा मौर्य, प्रतिभा देवी, सुशील त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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शबाना आजमी के महाविद्यालय पहुंचते ही छात्राओं ने चुप्पी तोड़ो खुल कर बोलो नारे और कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा, नया जमाना आएगा और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। इस दौरान शबाना आजमी ने कहा कि लड़का और लड़की बराबर हैं। लड़का लड़की में कोई भेद नहीं होता। यह विभेद हमारे समाज का बहुत बड़ा नासूर है। हम सबको मिलकर के इस भेद को मिटाना होगा। इस भेद को मिटाने के लिए सबको संघर्ष करना होगा।
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कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा. उदयभान यादव ने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी। पुरुष उनके हिस्से की धूप छोड़ देगा और महिलाएं मंच पर आ जाएंगी। जिस दिन वो अपनी भूमिका में आ जाएंगी पूरी दुनिया उनकी होगी शबाना आज सिर्फ और सिर्फ अपने नाम से जानी जाती हैं।
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शबाना आजमी ने पिता कैफी साहब की पंक्तियां पढ़ी उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे, जिसमें जलता हूं उसी आग में जलना है तुझे...। अध्यक्षता करते हुए डा. यादवेंद्र आर्य ने कहा कि आज हर क्षेत्र में छात्राएं आगे हैं। बेटियों के बगैर हमारा समाज नहीं है। इस मौके पर पूजा, पल्लवी, डा. नंदलाल चौरसिया, डा. अनिल यादव, डा. अनूप पांडेय, प्रिया मिश्रा, पूजा मौर्य, प्रतिभा देवी, सुशील त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।