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डायरिया का प्रकोप
azamgarh
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:08 AM IST
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डायरिया पीड़ित।
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विकास खंड के नवापुरा खालसा गांव में डायरिया ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया है। पिछले पांच दिनों में डायरिया से जहां चार लोगों की मौत हो चुकी हैं, वहीं 25 से ज्यादा लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। निजी अस्पतालों में इलाज कराने के कारण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मामले की भनक तक नहीं लगी। मंगलवार की रात गांव में तीसरी मौत के बाद ग्राम प्रधान मोहम्मद करीम ने इसकी जानकारी सीएमओ को दी। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच जांच की और दवा का छिड़काव कराया।
बताते चलें कि हानागंज विकास खंड के नवापुरा खालसा गांव में पांच दिनों से डायरिया का प्रकोप है। उल्टी दस्त की शिकायत पर लोग स्थानीय और मऊ जनपद के रानीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराते रहे। डायरिया की चपेट में आने से शनिवार को नवापुरा खालसा निवासी गुलजार (3) पुत्र जमालू, रविवार को हसीना (5) पुत्री रज्जाक और मंगलवार को तबारफ (58) पुत्र अभिमुल्ला की मौत हो गई। इसके अलावा दर्जनों लोग इससे पीड़ित हो गए।
सभी का उपचार स्थानीय निजी अस्पताल और मऊ जनपद में रानीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर हो रहा था। जिले का स्वास्थ्य विभाग इससे अनजान था। गांव में तीसरी मौत के बाद ग्राम प्रधान ने बुधवार को इसकी जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी को दी। डायरिया फैलने की सूचना मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फ़ानन में
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने गुरुवार को जहानागंज स्वास्थ्य केंद्र से टीम गांव में भेजी। टीम ने पूरे गांव में घूम-घूमकर दवा का छिड़काव किया और लोगों में दवा का वितरण करने के साथ ही पानी को उबाल कर पीने की सलाह दी।
वहीं डायरिया की चपेट में आने से पड़ोसी करऊत गांव में महेंद्र पासी के तीन वर्षीय पुत्र राज की बुधवार की रात मौत हो गई। करहा बाजार में शहनाज (30), नेहा (4), इरशाद, सना (10), आदिल (3), लालपरी (65), करिश्मा (17), मजलूम (52), शारदा (55), अयकन (28), सदरून्निशा (50) का उपचार हो रहा है। अफरोज( 5), कईम (4), दिलशाद (15), ईयान (3), हजरतन्निशा (19) को दवा देर घर भेज दिया गया।
गांव के शौकत, नौशाद, नईमुलशेख, इसराईल, रहमान आदि ने कहा कि गांव में चिकित्सकों की टीम आ रही है, लेकिन एक घंटे में घूमकर लौट जा रही है।
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बताते चलें कि हानागंज विकास खंड के नवापुरा खालसा गांव में पांच दिनों से डायरिया का प्रकोप है। उल्टी दस्त की शिकायत पर लोग स्थानीय और मऊ जनपद के रानीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराते रहे। डायरिया की चपेट में आने से शनिवार को नवापुरा खालसा निवासी गुलजार (3) पुत्र जमालू, रविवार को हसीना (5) पुत्री रज्जाक और मंगलवार को तबारफ (58) पुत्र अभिमुल्ला की मौत हो गई। इसके अलावा दर्जनों लोग इससे पीड़ित हो गए।
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सभी का उपचार स्थानीय निजी अस्पताल और मऊ जनपद में रानीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर हो रहा था। जिले का स्वास्थ्य विभाग इससे अनजान था। गांव में तीसरी मौत के बाद ग्राम प्रधान ने बुधवार को इसकी जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी को दी। डायरिया फैलने की सूचना मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फ़ानन में
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने गुरुवार को जहानागंज स्वास्थ्य केंद्र से टीम गांव में भेजी। टीम ने पूरे गांव में घूम-घूमकर दवा का छिड़काव किया और लोगों में दवा का वितरण करने के साथ ही पानी को उबाल कर पीने की सलाह दी।
वहीं डायरिया की चपेट में आने से पड़ोसी करऊत गांव में महेंद्र पासी के तीन वर्षीय पुत्र राज की बुधवार की रात मौत हो गई। करहा बाजार में शहनाज (30), नेहा (4), इरशाद, सना (10), आदिल (3), लालपरी (65), करिश्मा (17), मजलूम (52), शारदा (55), अयकन (28), सदरून्निशा (50) का उपचार हो रहा है। अफरोज( 5), कईम (4), दिलशाद (15), ईयान (3), हजरतन्निशा (19) को दवा देर घर भेज दिया गया।
गांव के शौकत, नौशाद, नईमुलशेख, इसराईल, रहमान आदि ने कहा कि गांव में चिकित्सकों की टीम आ रही है, लेकिन एक घंटे में घूमकर लौट जा रही है।