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सड़कों व खेतों में नहीं दिखेंगे बेसहारा पशु, किसानों को मिलेगी राहत
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शहर की सड़कों और ग्रामीणांचल में घूम रहे बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या से लोगों को राहत देेने की योजना जिलाधिकारी ने बनाया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सड़कों और खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ कर गौशालाओं में रखने का निर्देश दिया। आदेश के तहत 10 जनवरी तक अभियान चलाकर पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में छोड़ने का आदेश है। नए आदेश पर अमल होने पर किसानों की फसल कम नुकसान होने और सड़क हादसों में कमी होने की पूरी संभावना है।
जिले में मौजूद 278 न्याय पंचायतें, 13 निकाय और 1858 ग्राम पंचायतें है, इनमें से 31 ग्राम पंचायतों और 11 निकायों में पशुआश्रय स्थल संचालित है। वर्तमान समय में इन आश्रय स्थलों में 4780 पशु रखे गए है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों को 10 जनवरी तक छुट्टा पशुओं से मुक्त कराना है। डीएम ने जिले के सभी एसडीएम को इस आदेश का पालन कराने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार छुट्टा पशुओं को पकड़कर समीप के आश्रय स्थलों में रखने और क्षमता के आधार पर अतिरिक्त शेड बनाकर उसमें संरक्षित कराने का निर्देश है। छुट्टा पशुओं को पकड़वाने के लिए ग्रामीणांचल में पंचायत विभाग के और शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग के साथ पशुपालन विभाग सहयोग करेंगे। इसके अलावा पशु स्थलों पर भ्रमण पंजिका रखने का आदेश है। इसमें पशु आश्रय का निरीक्षण करने के लिए आने वाले अधिकारियों के द्वारा किए गए निरीक्षण की तिथि, समय तथा निरीक्षण रिपोर्ट लिखना अवश्यक होगा। नामित नोडल अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो बार आश्रय स्थल का निरीक्षण करेंगे। एक निरीक्षण मंगलवार को तथा दूसरा निरीक्षण अपनी सुविधानुसार तिथि को करेंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर निराश्रित पशुओं को आश्रय स्थल में रखा जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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जिले में मौजूद 278 न्याय पंचायतें, 13 निकाय और 1858 ग्राम पंचायतें है, इनमें से 31 ग्राम पंचायतों और 11 निकायों में पशुआश्रय स्थल संचालित है। वर्तमान समय में इन आश्रय स्थलों में 4780 पशु रखे गए है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों को 10 जनवरी तक छुट्टा पशुओं से मुक्त कराना है। डीएम ने जिले के सभी एसडीएम को इस आदेश का पालन कराने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार छुट्टा पशुओं को पकड़कर समीप के आश्रय स्थलों में रखने और क्षमता के आधार पर अतिरिक्त शेड बनाकर उसमें संरक्षित कराने का निर्देश है। छुट्टा पशुओं को पकड़वाने के लिए ग्रामीणांचल में पंचायत विभाग के और शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग के साथ पशुपालन विभाग सहयोग करेंगे। इसके अलावा पशु स्थलों पर भ्रमण पंजिका रखने का आदेश है। इसमें पशु आश्रय का निरीक्षण करने के लिए आने वाले अधिकारियों के द्वारा किए गए निरीक्षण की तिथि, समय तथा निरीक्षण रिपोर्ट लिखना अवश्यक होगा। नामित नोडल अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो बार आश्रय स्थल का निरीक्षण करेंगे। एक निरीक्षण मंगलवार को तथा दूसरा निरीक्षण अपनी सुविधानुसार तिथि को करेंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर निराश्रित पशुओं को आश्रय स्थल में रखा जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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