{"_id":"613e42c78ebc3e8667574bcb","slug":"dengue-knocked-department-upset-azamgarh-news-vns6112220122","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू ने दी दस्तक, महकमा परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू ने दी दस्तक, महकमा परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। निजी और सरकारी अस्पताल बुखार के मरीजों से अटे पड़े हैं। इस बीच डेंगू के तीन मरीज मिलने से जिले प्रशासन हरकत में आ गया है। शहर भर में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारी ने ग्रामीण इलाकों में भी मच्छर मार दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
अब तक स्वास्थ्य महकमा जिले में डेंगू के मरीजों के होने की बात से इनकार करता रहा है। डेंगू वार्ड से ताला नहीं खोला गया था। अलबत्ता बुखार के मरीजों से अस्पताल पट गए थे। जिले में अब डेंगू के तीन मरीज मिलने के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी उसे नकारने में ही लगे हैं जबकि डेंगू के एक भी मरीज के मिलने का सीधा मतलब है कि जिले में एडीज मच्छरों की मौजूदगी है और वे लोगों को काट रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का कहना है कि डेंगू का जिले में फिलहाल कोई असर नहीं है। तीन मरीज चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दो दो बाहर में इसकी चपेट में आए हैं। सीएचसी-पीएचसी पर रैपिड किट से जांच की जा रही है। पॉजिटिव आने पर जिला अस्पताल या मेडिकल कालेज भेज कर एइलाजा टेस्ट कराया जा रहा है। हर स्थिति से निपटने को महकमा पूरी तरह से तैयार है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चाहे जितने निश्चिंत नजर आएं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दो दिनों से शहर की सफाई तेज कर दी गई है। शनिवार को समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सीएमओ, नगर निकायों और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों से डेंगू रोकने के जरूरी उपाय करने को कहा था। बुखार के मरीजों की तलाश के लिए जिले में 1200 टीमें लगाने का दावा किया जा रहा है। एडिशनल सीएमओ डॉ. एके सिंह के मुताबिक एक दिन में 60 हजार घरों में जांच की जा रही है और रोजाना 300 से ज्यादा बुखार के मरीज मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि प्रशासन ने डेंगू के आंकड़े जारी करने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में पैथालाजी सेंटर पर सही सूचना नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
जांच की 700 किट और प्लेटलेट्स उपलब्ध
आजमगढ़। स्वास्थ्य ने फिलहाल डेंगू जांच के लिए 700 किट जिले मंगाए हैं। एलाइजा जांच की सुविधा भी जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज की पैथलॉजी में उपलब्ध है। डेंगू के गंभीर रोगियों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगता है। ऐसे में उन्हें प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत होती है। जिला अस्पताल परिसर के ब्लड बैंक प्रभारी सुबास पांडेय ने बताया कि प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं है। किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए हमारी पूरी तैयारी है।
विज्ञापन
अब तक स्वास्थ्य महकमा जिले में डेंगू के मरीजों के होने की बात से इनकार करता रहा है। डेंगू वार्ड से ताला नहीं खोला गया था। अलबत्ता बुखार के मरीजों से अस्पताल पट गए थे। जिले में अब डेंगू के तीन मरीज मिलने के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी उसे नकारने में ही लगे हैं जबकि डेंगू के एक भी मरीज के मिलने का सीधा मतलब है कि जिले में एडीज मच्छरों की मौजूदगी है और वे लोगों को काट रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का कहना है कि डेंगू का जिले में फिलहाल कोई असर नहीं है। तीन मरीज चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दो दो बाहर में इसकी चपेट में आए हैं। सीएचसी-पीएचसी पर रैपिड किट से जांच की जा रही है। पॉजिटिव आने पर जिला अस्पताल या मेडिकल कालेज भेज कर एइलाजा टेस्ट कराया जा रहा है। हर स्थिति से निपटने को महकमा पूरी तरह से तैयार है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चाहे जितने निश्चिंत नजर आएं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दो दिनों से शहर की सफाई तेज कर दी गई है। शनिवार को समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सीएमओ, नगर निकायों और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों से डेंगू रोकने के जरूरी उपाय करने को कहा था। बुखार के मरीजों की तलाश के लिए जिले में 1200 टीमें लगाने का दावा किया जा रहा है। एडिशनल सीएमओ डॉ. एके सिंह के मुताबिक एक दिन में 60 हजार घरों में जांच की जा रही है और रोजाना 300 से ज्यादा बुखार के मरीज मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि प्रशासन ने डेंगू के आंकड़े जारी करने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में पैथालाजी सेंटर पर सही सूचना नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
जांच की 700 किट और प्लेटलेट्स उपलब्ध
आजमगढ़। स्वास्थ्य ने फिलहाल डेंगू जांच के लिए 700 किट जिले मंगाए हैं। एलाइजा जांच की सुविधा भी जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज की पैथलॉजी में उपलब्ध है। डेंगू के गंभीर रोगियों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगता है। ऐसे में उन्हें प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत होती है। जिला अस्पताल परिसर के ब्लड बैंक प्रभारी सुबास पांडेय ने बताया कि प्लेटलेट्स की कोई कमी नहीं है। किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए हमारी पूरी तैयारी है।