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एफआईआर को वापस लेने की मांग, प्रदर्शन
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अजमतगढ़ ब्लॉक पर प्रदर्शन करते रोजगार सेवक।
- फोटो : AZAMGARH
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सगड़ी। डिघवनिया काजी ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव और जेई पर दर्ज भ्रष्टाचार का मुकदमा वापस लेने के लिए सोमवार को अजमतगढ़ ब्लॉक कार्यालय के सामने प्रधानों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि मुकदमा वापस होने तक वे कार्य का बहिष्कार करते रहेंगे।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मनीष मिश्र, ग्राम प्रधान अध्यक्ष वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि काम कराया गया है लेकिन सही तरीके से जांच नहीं की गई है। गलत जांच के आधार पर ग्राम प्रधान, सचिव और जेई को फंसाया गया है। मुकदमा वापस लेकर मामले की दोबारा जांच कराई जानी चाहिए। इसके बाद भी वे दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर मुकदमा वापस नहीं किया गया तो मंगलवार से आंदोलन तेज किया जाएगा। अनशन करने भी शुरू किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान संघ अध्यक्ष विरेंद्र यादव, दीपक यादव, सोनू सोनकर, विजय यादव, विजय चौहान, श्रवण सिंह, जयराम सिंह पटेल, मनोज चौरसिया, सोनू सिंह, फैजुलुर्रहमान, प्रदीप विश्वकर्मा, मोनू सिंह आदि मौजूद थे।
रोजगार सेवकों ने भी किया प्रदर्शन
सगड़ी। रोजगार सेवक पर मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में अजमतगढ़ ब्लाक पर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की जांच करा मुकदमा वापस लेने की मांग की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी कमीशन के चक्कर में फर्जी भुगतान कर रहे हैं और रोजगार सेवकों व प्रधान को बलि का बकरा बना रहे हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीघवनिया काजी गांव में रोजगार सेवक पर भी मुकदमा दर्ज कराना गलत है क्योंकि पूरा भुगतान खंड विकास अधिकारी और जेई, सेक्रेटरी, कंप्यूटर ऑपरेटर स्तर से किया जा रहा है। इसमें रोजगार सेवक की क्या गलती। बगैर वर्क आईडी के मस्टरोल जारी कर दिया जाता है और बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर के मनरेगा का डोंगल के माध्यम से भुगतान कर दिया जा रहा है। प्रदर्शन में ललिता यादव, वीर बहादुर राय, श्याम बिहारी, संजय कुमार, मधुबाला यादव, बिंदु देवी, जीतराम, कमल कुमार, नन्हें राम, विश्राम यादव, अनीता यादव, राजू यादव, सीमा यादव, रमेश आदि शामिल थे।
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ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मनीष मिश्र, ग्राम प्रधान अध्यक्ष वीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि काम कराया गया है लेकिन सही तरीके से जांच नहीं की गई है। गलत जांच के आधार पर ग्राम प्रधान, सचिव और जेई को फंसाया गया है। मुकदमा वापस लेकर मामले की दोबारा जांच कराई जानी चाहिए। इसके बाद भी वे दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर मुकदमा वापस नहीं किया गया तो मंगलवार से आंदोलन तेज किया जाएगा। अनशन करने भी शुरू किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान संघ अध्यक्ष विरेंद्र यादव, दीपक यादव, सोनू सोनकर, विजय यादव, विजय चौहान, श्रवण सिंह, जयराम सिंह पटेल, मनोज चौरसिया, सोनू सिंह, फैजुलुर्रहमान, प्रदीप विश्वकर्मा, मोनू सिंह आदि मौजूद थे।
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रोजगार सेवकों ने भी किया प्रदर्शन
सगड़ी। रोजगार सेवक पर मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में अजमतगढ़ ब्लाक पर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की जांच करा मुकदमा वापस लेने की मांग की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी कमीशन के चक्कर में फर्जी भुगतान कर रहे हैं और रोजगार सेवकों व प्रधान को बलि का बकरा बना रहे हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीघवनिया काजी गांव में रोजगार सेवक पर भी मुकदमा दर्ज कराना गलत है क्योंकि पूरा भुगतान खंड विकास अधिकारी और जेई, सेक्रेटरी, कंप्यूटर ऑपरेटर स्तर से किया जा रहा है। इसमें रोजगार सेवक की क्या गलती। बगैर वर्क आईडी के मस्टरोल जारी कर दिया जाता है और बिना रोजगार सेवक के हस्ताक्षर के मनरेगा का डोंगल के माध्यम से भुगतान कर दिया जा रहा है। प्रदर्शन में ललिता यादव, वीर बहादुर राय, श्याम बिहारी, संजय कुमार, मधुबाला यादव, बिंदु देवी, जीतराम, कमल कुमार, नन्हें राम, विश्राम यादव, अनीता यादव, राजू यादव, सीमा यादव, रमेश आदि शामिल थे।