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घट रही घाघरा, कम नहीं हो रही दुश्वारियां
azamgarh
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:17 PM IST
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घाघरा नदी से सामान लेकर जाते ग्रामीण
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लाटघाट(अाजमगढ़)। भले ही घाघरा का जलस्तर घटने लगा है लेकिन कटान तेज हो गई है। पिछले 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में 17 सेमी घटाव दर्ज किया गया है। देवारा खास राजा गांव के बगहवा के पास त्रिपुरारी के पुरवा में तेज कटान से 19 घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
बुधवार की शाम चार बजे तक बदरहुआ पर जलस्तर 71.99 सेमी और डिघिया पर 71.12 सेमी दर्ज किया गया। बता दें कि बदरहुआ पर घाघरा का खतरा बिंदू 71.68 और डिघिया पर खतरा बिंदू 70.40 सेमी है। वहीं अभी भी शारदा बैराज से 18680, गिरजा बैराज से 91466 और बनबसा बैराज से 49656 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। उधर जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। देवारा खास शराजा गांव के बगहवा के पास त्रिपुरारी के पुरवा के यहां कटान तेज हो गई है। मंगलवार की रात में ही करीब 50 बीघा जमीन काट चुकी है। अचल नगर में देवारा गरीब दुबे, देवारा रामसरन, देवारा भिक्षुकदास, देवरा रामशरण दुबे में भी कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों को नाव के अभाव में कमर भर पानी से होकर पशुओं के लिए चारा, घर के लिए राशन आदि लेकर आ-जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से 14 नाव चलाई जा रही हैं। जबकि अभी भी 300 मजरे पानी से घिरे हुए हैं। तहसील प्रशासन की उदासीनता से बाढ़ पीड़ितों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बुधवार की शाम चार बजे तक बदरहुआ पर जलस्तर 71.99 सेमी और डिघिया पर 71.12 सेमी दर्ज किया गया। बता दें कि बदरहुआ पर घाघरा का खतरा बिंदू 71.68 और डिघिया पर खतरा बिंदू 70.40 सेमी है। वहीं अभी भी शारदा बैराज से 18680, गिरजा बैराज से 91466 और बनबसा बैराज से 49656 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। उधर जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। देवारा खास शराजा गांव के बगहवा के पास त्रिपुरारी के पुरवा के यहां कटान तेज हो गई है। मंगलवार की रात में ही करीब 50 बीघा जमीन काट चुकी है। अचल नगर में देवारा गरीब दुबे, देवारा रामसरन, देवारा भिक्षुकदास, देवरा रामशरण दुबे में भी कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों को नाव के अभाव में कमर भर पानी से होकर पशुओं के लिए चारा, घर के लिए राशन आदि लेकर आ-जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से 14 नाव चलाई जा रही हैं। जबकि अभी भी 300 मजरे पानी से घिरे हुए हैं। तहसील प्रशासन की उदासीनता से बाढ़ पीड़ितों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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