{"_id":"685eeb1340c59c210d0be404","slug":"dealers-arbitrariness-to-be-curbed-vehicle-registration-papers-to-be-sent-within-7-days-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-133545-2025-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: डीलरों की मनमानी पर अंकुश, 7 दिन में भेजने होंगे वाहन पंजीयन के कागज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: डीलरों की मनमानी पर अंकुश, 7 दिन में भेजने होंगे वाहन पंजीयन के कागज
विज्ञापन
आजमगढ़। वाहन पंजीयन को लेकर अब डीलरों की मनमानी नहीं चल पाएगी। शासन ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिया है कि नए वाहन की बिक्री के बाद सात दिन में संबंधित कागजात एआरटीओ कार्यालय में भेजना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने वाले डीलरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका व्यवसाय प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया जाएगा।
जनपद में वाहन डीलरों की मनमानी पर रोक लगाने और वाहन मालिकों को सहूलियत देने का संभागीय परिवहन विभाग ने कार्य शुरू कर दिया गया है। वाहन खरीदने वाले लोगों को वाहन लेने के बाद उस पर नंबर लगवाने और कागजात पाने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती हैं। एजेंसी पर जाने के बाद कुछ डीलर उन्हें एआरटीओ कार्यालय भेज देते थे। वहां जाने के बाद उनको एजेंसी से कागजात मिलने की जानकारी दिया जाती थी। इसके वजह से वाहन मालिकों को परेशानी होती है। बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने पड़ते हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे डीलर पर शिकंजा कसने का काम शुरू कर दिया है। समय से वाहन के कागजात संबंधित वाहन स्वामी को न देने पर और बिना कागजात वाहन चलते मिले तो उसे बेचने वाले एजेंसी का व्यवसाय प्रमाण निरस्त कर दिया जाएगा। जिससे निरस्त अवधि में डीलर वाहन नहीं बेच पाएंगे।
सात दिन का लगता है समय
परिवहन विभाग की मानें तो गाड़ी के नंबर प्लेट और कागजात तैयार होने में लगभग सात दिन का समय लगता है। हालांकि, डीलरों की लापरवाही के चलते वाहन स्वामी को समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं मिल पाता है। ऐसे में वह कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश हो जाते है।
विज्ञापन
कुछ डीलर की शिकायत मिल रही थी कि वह समय से वाहन के नंबर प्लेट एवं कागजात नहीं उपलब्ध करा रहे थे। शासन की ओर से ऐसे तीन डीलरों को नोटिस भी जारी किया गया था। यदि अब ऐसे डीलरों की शिकायत मिलेगी तो जांच की जाएगी। यदि समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं दिया जाता है, तो उनका व्यवसाय प्रमाण निरस्त किया जाएगा। -विष्णु दत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन आजमगढ़।
विज्ञापन
जनपद में वाहन डीलरों की मनमानी पर रोक लगाने और वाहन मालिकों को सहूलियत देने का संभागीय परिवहन विभाग ने कार्य शुरू कर दिया गया है। वाहन खरीदने वाले लोगों को वाहन लेने के बाद उस पर नंबर लगवाने और कागजात पाने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती हैं। एजेंसी पर जाने के बाद कुछ डीलर उन्हें एआरटीओ कार्यालय भेज देते थे। वहां जाने के बाद उनको एजेंसी से कागजात मिलने की जानकारी दिया जाती थी। इसके वजह से वाहन मालिकों को परेशानी होती है। बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने पड़ते हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे डीलर पर शिकंजा कसने का काम शुरू कर दिया है। समय से वाहन के कागजात संबंधित वाहन स्वामी को न देने पर और बिना कागजात वाहन चलते मिले तो उसे बेचने वाले एजेंसी का व्यवसाय प्रमाण निरस्त कर दिया जाएगा। जिससे निरस्त अवधि में डीलर वाहन नहीं बेच पाएंगे।
विज्ञापन
सात दिन का लगता है समय
परिवहन विभाग की मानें तो गाड़ी के नंबर प्लेट और कागजात तैयार होने में लगभग सात दिन का समय लगता है। हालांकि, डीलरों की लापरवाही के चलते वाहन स्वामी को समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं मिल पाता है। ऐसे में वह कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश हो जाते है।
विज्ञापन
कुछ डीलर की शिकायत मिल रही थी कि वह समय से वाहन के नंबर प्लेट एवं कागजात नहीं उपलब्ध करा रहे थे। शासन की ओर से ऐसे तीन डीलरों को नोटिस भी जारी किया गया था। यदि अब ऐसे डीलरों की शिकायत मिलेगी तो जांच की जाएगी। यदि समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं दिया जाता है, तो उनका व्यवसाय प्रमाण निरस्त किया जाएगा। -विष्णु दत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन आजमगढ़।