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दलित, मुसलमान सत्ता की चाबी
आजमगढ़/ ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:41 PM IST
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सम्मेलन में डा. इंदु चौधरी।
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तहसील क्षेत्र के बाग खालिस बाजार में कांशीराम परिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को बहुजन एकता सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि डा. इंदू चौधरी ने दलित, पिछड़ा और मुसलमान को सत्ता की चाभी बताया।
विशिष्ट वक्ता काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर डा. जितेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि काशीराम ने 85 प्रतिशत बहुजन समाज को इकठ्ठा करके इस समाज को चार-चार बार शासन सत्ता में भेजा। लेकिन वर्तमान में मनुवादी उसी 85 प्रतिशत समाज की एकता को तोडने का प्रयास कर रहे हैं। सारी एकता इतिहास की जानकारी और महापुरुषों का संघर्ष ही है जो इन मनुवादियों पर भारी हो सकता है। जरूरत है हमें अपने को पहचाने की। यदि यह समाज 20 प्रतिशत मुसलमान और 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जन जाति और पिछड़ा वर्ग का साथ हो तो हमें शासक बनने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्य अतिथि डा. इंदु चौधरी ने कहा कि वर्तमान में सत्ता की चाभी दलित, पिछड़ा और मुसलमान के हाथ में है। ये एक होकर अपने वोट की कीमत पहचाने और जिस तरह मनुवादी व्यवस्था के लोग हर प्रयाए कर रहे हैं कि बहुजन समाज इकठ्ठा ना हो पाए। इलेकिन हमको यह जानना होगा कि आरक्षण कोई भीख नहीं है बल्कि गरीबी उंमूलन का कार्यक्रम है। बल्कि यह पूना पैक्ट का वादा है वोटों के अधिकार और पृथक निर्वाचन क्षेत्र के एवज में दिया गया जो मुआवजा मात्र है। अंत में कार्यक्रम के आयोजक सैयद कंबर जफर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्षता मेराज खान और संचालन श्यामलाल और राजेश ने किया। इस मौके पर मोहमद उमैर, अतीकुर्रहमान, श्यामलाल, राजेश, गुलवास, पुजारी, सोनू, रामबृक्ष , रिजवान आदि उपस्थित थे।
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विशिष्ट वक्ता काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर डा. जितेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि काशीराम ने 85 प्रतिशत बहुजन समाज को इकठ्ठा करके इस समाज को चार-चार बार शासन सत्ता में भेजा। लेकिन वर्तमान में मनुवादी उसी 85 प्रतिशत समाज की एकता को तोडने का प्रयास कर रहे हैं। सारी एकता इतिहास की जानकारी और महापुरुषों का संघर्ष ही है जो इन मनुवादियों पर भारी हो सकता है। जरूरत है हमें अपने को पहचाने की। यदि यह समाज 20 प्रतिशत मुसलमान और 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जन जाति और पिछड़ा वर्ग का साथ हो तो हमें शासक बनने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्य अतिथि डा. इंदु चौधरी ने कहा कि वर्तमान में सत्ता की चाभी दलित, पिछड़ा और मुसलमान के हाथ में है। ये एक होकर अपने वोट की कीमत पहचाने और जिस तरह मनुवादी व्यवस्था के लोग हर प्रयाए कर रहे हैं कि बहुजन समाज इकठ्ठा ना हो पाए। इलेकिन हमको यह जानना होगा कि आरक्षण कोई भीख नहीं है बल्कि गरीबी उंमूलन का कार्यक्रम है। बल्कि यह पूना पैक्ट का वादा है वोटों के अधिकार और पृथक निर्वाचन क्षेत्र के एवज में दिया गया जो मुआवजा मात्र है। अंत में कार्यक्रम के आयोजक सैयद कंबर जफर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। अध्यक्षता मेराज खान और संचालन श्यामलाल और राजेश ने किया। इस मौके पर मोहमद उमैर, अतीकुर्रहमान, श्यामलाल, राजेश, गुलवास, पुजारी, सोनू, रामबृक्ष , रिजवान आदि उपस्थित थे।
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