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मजदूरों के खाते में दिसंबर से जमा होगी दिहाड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:59 PM IST
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सरकार के नोटबंदी फैसले के बाद सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक मजदूरी करने वालों को हो रही है। मजदूरी न मिलने से उनके घरों के चूल्हे ठंडा पड़ने की नौबत आ रही है। वहीं इस मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी असंगठित मजदूरों का खाता खोलने का निर्देश दिया है। सभी प्रमुख बैंकों के प्रबंधकों के पास शुक्रवार की शाम आए शासनादेश में मजदूरों का 30 नवंबर तक हर हाल में खोलने का निर्देश दिया गया है। दिसंबर से मजदूरी सीधे उनके खाते में जाएगी।
सरकार ने आम लोगों का खाता पहले ही जनधन योजना के तहत खुलवा चुकी है लेकिन तमाम असंगठित मजदूर ऐसे हैं जिनका अभी तक किसी बैंक में खाता ही नहीं खुला है। बुनकर, ईंट भट्ठा, भवन निर्माण, सड़क निर्माण या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मजदूरी करने वाले श्रमिकों के परिवार का गुजारा मजदूरी में मिले रुपये से ही होती है। कमाने के लिए घर परिवार छोड़ कर अन्य राज्यों में जाते हैं। ऐसे असंगठित मजदूरों की संख्या अधिक है। आठ नवंबर की रात से 500 और 1000 हजार रुपये के नोट अमान्य किए जाने के बाद से सबसे अधिक परेशानी मजदूरों को हुई है।
रोज कमाने खाने वाले मजदूरों को लोग पांच सौ के नोट देने लगे हैं जो उनके किसी काम के नहीं है। स्थिति यह है कि पांच सौ के नोट नहीं लेने पर उनकी मजदूरी बकाया है। ऐसे मजदूरों का खाता नहीं होने के कारण वे बड़े नोट जमा भी नहीं कर सकते। मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने सभी असंगठित मजदूरों का खाता खोलने का निर्देश दिया है। इस संबंध में शुक्रवार की शाम बैंक अधिकारियों के पास वित्त मंत्रालय शासनदेश आया है। इसमें कहा गया है कि 30 नवंबर तक हर हाल में असंगठित मजदूरों का खाता खोला जाए। ऐसे मजदूरों की मजदूरी दिसंबर से सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी। बैंक मैनेजरों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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सरकार की मंशा है कि दिहाड़ी मजदूरों को भी मजदूरी नगद न देकर उनके खाते में भेजा जाए। इस संबंध में वित्त मंत्रालय का आदेश मिल चुका है। खाता खुलवाने का कार्य शनिवार से शुरू कर दिया जाएगा। 30 नवंबर तक हर हाल में सभी का खाता खोल देना है। ताकि दिसंबर से उनके खाते में मजदूरी भेजी जा सके। - मनोज कुमार, एलडीएम, यूनियन बैंक
शासन के निर्देश पर मजदूरों का खाता खोलने के लिए श्रम विभाग और तहसील कर्मचारियों को लगाया गया है। जल्द ही सभी तरह के मजदूरों का खाता खोलवा दिया जाएगा। - महेंद्र वर्मा, प्रभारी डीएम/सीडीओ
जनधन योजना में खुलेगा खाता ः असंगठित दिहाड़ी मजदूरों का सर्वे कर जनधन योजना के बीएसबीडी एस के तहत खोला जाएगा। शून्य बैलेंस से खुलने वाले इस प्रकार के खातों में 50 हजार रुपये तक की रकम रखी जा सकती है। इसमें से 10 हजार से अधिक रकम एक बार में नहीं निकाला जा सकता। खाता खोलने के लिए कोई आवश्यक नहीं कि मजदूरों को उनका पूरा आईडी प्रूफ ही देना पड़े। वह अपना एक फोटो और नाम, पता लिखकर देंगे। उनका खाता खोल दिया जाएगा।
मजदूरों का करवाया जाएगा सर्वे ः यूनियन बैंक आफ इंडिया के एलडीएम मनोज कुमार ने बताया कि असंगठित गैर पंजीकृत दिहाड़ी मजदूरों का खाता खोलने के लिए उनका सर्वे श्रम विभाग के अधिकारियों की मदद से कराया जाएगा। श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों की सूची मांगी गई है। श्रम विभाग सर्वे कर दिहाड़ी मजदूरों का खाता खुलवाएगा।
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सरकार ने आम लोगों का खाता पहले ही जनधन योजना के तहत खुलवा चुकी है लेकिन तमाम असंगठित मजदूर ऐसे हैं जिनका अभी तक किसी बैंक में खाता ही नहीं खुला है। बुनकर, ईंट भट्ठा, भवन निर्माण, सड़क निर्माण या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मजदूरी करने वाले श्रमिकों के परिवार का गुजारा मजदूरी में मिले रुपये से ही होती है। कमाने के लिए घर परिवार छोड़ कर अन्य राज्यों में जाते हैं। ऐसे असंगठित मजदूरों की संख्या अधिक है। आठ नवंबर की रात से 500 और 1000 हजार रुपये के नोट अमान्य किए जाने के बाद से सबसे अधिक परेशानी मजदूरों को हुई है।
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रोज कमाने खाने वाले मजदूरों को लोग पांच सौ के नोट देने लगे हैं जो उनके किसी काम के नहीं है। स्थिति यह है कि पांच सौ के नोट नहीं लेने पर उनकी मजदूरी बकाया है। ऐसे मजदूरों का खाता नहीं होने के कारण वे बड़े नोट जमा भी नहीं कर सकते। मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने सभी असंगठित मजदूरों का खाता खोलने का निर्देश दिया है। इस संबंध में शुक्रवार की शाम बैंक अधिकारियों के पास वित्त मंत्रालय शासनदेश आया है। इसमें कहा गया है कि 30 नवंबर तक हर हाल में असंगठित मजदूरों का खाता खोला जाए। ऐसे मजदूरों की मजदूरी दिसंबर से सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी। बैंक मैनेजरों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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सरकार की मंशा है कि दिहाड़ी मजदूरों को भी मजदूरी नगद न देकर उनके खाते में भेजा जाए। इस संबंध में वित्त मंत्रालय का आदेश मिल चुका है। खाता खुलवाने का कार्य शनिवार से शुरू कर दिया जाएगा। 30 नवंबर तक हर हाल में सभी का खाता खोल देना है। ताकि दिसंबर से उनके खाते में मजदूरी भेजी जा सके। - मनोज कुमार, एलडीएम, यूनियन बैंक
शासन के निर्देश पर मजदूरों का खाता खोलने के लिए श्रम विभाग और तहसील कर्मचारियों को लगाया गया है। जल्द ही सभी तरह के मजदूरों का खाता खोलवा दिया जाएगा। - महेंद्र वर्मा, प्रभारी डीएम/सीडीओ
जनधन योजना में खुलेगा खाता ः असंगठित दिहाड़ी मजदूरों का सर्वे कर जनधन योजना के बीएसबीडी एस के तहत खोला जाएगा। शून्य बैलेंस से खुलने वाले इस प्रकार के खातों में 50 हजार रुपये तक की रकम रखी जा सकती है। इसमें से 10 हजार से अधिक रकम एक बार में नहीं निकाला जा सकता। खाता खोलने के लिए कोई आवश्यक नहीं कि मजदूरों को उनका पूरा आईडी प्रूफ ही देना पड़े। वह अपना एक फोटो और नाम, पता लिखकर देंगे। उनका खाता खोल दिया जाएगा।
मजदूरों का करवाया जाएगा सर्वे ः यूनियन बैंक आफ इंडिया के एलडीएम मनोज कुमार ने बताया कि असंगठित गैर पंजीकृत दिहाड़ी मजदूरों का खाता खोलने के लिए उनका सर्वे श्रम विभाग के अधिकारियों की मदद से कराया जाएगा। श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों की सूची मांगी गई है। श्रम विभाग सर्वे कर दिहाड़ी मजदूरों का खाता खुलवाएगा।