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होलिका की जमीन को लेकर उपजे विवाद को सुलझाने पहुंचे सीआरओ और एसपीसिटी
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 30 Jan 2018 01:02 AM IST
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विवाद
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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विकास खंड लालगंज के रेतवांचन्द्रभानपुर गांव में होलिका दहन की विवादित जमीन का सोमवार को मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसपीसिटी सुभाष चंद्र गंगवार विवादित जमीन का मौका मुआयना करने पहुंचे।
स्थलीय मुआयना के बाद नायब तहसील के नेतृत्व में एक फरवरी को पुन: पैमाइश करने के बाद ही आगे कोई कार्य करने का निर्देश दिया। जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
उल्लेखनीय है कि रेतवांचन्द्रभानपुर गांव के होलिका की जमीन व एक व्यक्ति की जमीन का मामला बीते वर्ष 2014 से चल रहा है। उसी वर्ष में उक्त मामले को आपसी रजामंदी से समाप्त करा दिया गया था।
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लेकिन बीच में यह मामला तहसील दिवस पर उठाया गया। उप जिलाधिकारी लालगंज अभय कुमार मिश्र द्वारा होलिका की जमीन का सीमांकन भी करा दिया गया, लेकिन ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए एवं कुछ शरारती तत्वों द्वारा पूर्व में बनाए गए चाहरदीवारी की दीवाल गिराने एवं पुन: उसे जोडने का विवाद को उग्र रूप लेता देखकर सोमवार को जिले के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना था कि उक्त व्यक्ति द्वारा चारदीवारी निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। जबकि उप जिलाधिकारी लालगंज अभय कुमार मिश्र द्वारा कोई भी निर्माण न करने की बात कही गई थी। सीमांकन भी गलत है।
एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार और मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा मौके पर पहुचकर दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले के निस्तारण के लिए प्रयास शुरू कर दिए। मुख्य राजस्व अधिकारी ने दोनों पक्षों से पक्षों से दो-दो लोग तथा प्रशासन की तरफ से भी चार लोगों की संयुक्त टीम बनाने की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार प्रियंका जायसवाल को सौंपी तथा एक फरवरी का दिन पैमाइश के लिए निश्चित किया।
जिसके तहत उक्त जमीन की पैमाइश होगी तब तक दोनों पक्षों में से कोई निर्माण कार्य नहीं करेगा। न हीं कोई वहां निर्माण हुए बाउंड्री को गिराएगा अधिकारियों की यह बात सुनकर दोनों पक्ष राजी हो गए तथा मौके से चले गए। इस अवसर पर पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, नागेंद्र सिंह एडवोकेट, योगेंद्र राय, अमरनाथ, अशोक प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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स्थलीय मुआयना के बाद नायब तहसील के नेतृत्व में एक फरवरी को पुन: पैमाइश करने के बाद ही आगे कोई कार्य करने का निर्देश दिया। जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
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उल्लेखनीय है कि रेतवांचन्द्रभानपुर गांव के होलिका की जमीन व एक व्यक्ति की जमीन का मामला बीते वर्ष 2014 से चल रहा है। उसी वर्ष में उक्त मामले को आपसी रजामंदी से समाप्त करा दिया गया था।
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लेकिन बीच में यह मामला तहसील दिवस पर उठाया गया। उप जिलाधिकारी लालगंज अभय कुमार मिश्र द्वारा होलिका की जमीन का सीमांकन भी करा दिया गया, लेकिन ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए एवं कुछ शरारती तत्वों द्वारा पूर्व में बनाए गए चाहरदीवारी की दीवाल गिराने एवं पुन: उसे जोडने का विवाद को उग्र रूप लेता देखकर सोमवार को जिले के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना था कि उक्त व्यक्ति द्वारा चारदीवारी निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। जबकि उप जिलाधिकारी लालगंज अभय कुमार मिश्र द्वारा कोई भी निर्माण न करने की बात कही गई थी। सीमांकन भी गलत है।
एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार और मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा मौके पर पहुचकर दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले के निस्तारण के लिए प्रयास शुरू कर दिए। मुख्य राजस्व अधिकारी ने दोनों पक्षों से पक्षों से दो-दो लोग तथा प्रशासन की तरफ से भी चार लोगों की संयुक्त टीम बनाने की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार प्रियंका जायसवाल को सौंपी तथा एक फरवरी का दिन पैमाइश के लिए निश्चित किया।
जिसके तहत उक्त जमीन की पैमाइश होगी तब तक दोनों पक्षों में से कोई निर्माण कार्य नहीं करेगा। न हीं कोई वहां निर्माण हुए बाउंड्री को गिराएगा अधिकारियों की यह बात सुनकर दोनों पक्ष राजी हो गए तथा मौके से चले गए। इस अवसर पर पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, नागेंद्र सिंह एडवोकेट, योगेंद्र राय, अमरनाथ, अशोक प्रजापति आदि मौजूद रहे।