{"_id":"57af66ca4f1c1bee2cee475d","slug":"women-are-serious-police-abuse","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला उत्पीड़न के मामलों में गंभीर रहे पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला उत्पीड़न के मामलों में गंभीर रहे पुलिस
azamgarh
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते आईजी एसके भगत।
- फोटो : azamgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने महिला उत्पीड़न के मामलों में सख्त रुख अख्तियार किया है। इसके तहत महिला उत्पीडऩ रोकने और सरकार की ओर से जारी महिला हेल्पलाइन 1090 के विषय में जानकारी देने और नियमों के सख्ती से पालन कराने के लिए मंडल मुख्यालयों पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में कार्यशाला आयोजित की गई। आईजी जोन वाराणसी एसके भगत ने कहा कि पुलिस महिला उत्पीड़न के मामलों में गंभीरता बरते। आईजी ने मौजूद कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया।
एसके भगत ने बताया कि जो महिलाएं थाने पर समस्या से ग्रसित होकर आती हैं। वह हमारे और आप के बीच से ही आती हैं। ऐसे में बगैर किसी भेदभाव के उनकी समस्या सुनें और उसे तत्काल निस्तारित करें। आईजी ने कहा कि भले ही आम लोगों की तुलना में हमें अधिक काम करना पड़ रहा है लेकिन यह गौरव हर किसी को नहीं मिलता। आईजी ने कहा कि प्रत्येक सूचनाओं को गंभीरता से लिया जाए। एसओ महिला थाना नगीना राय ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि बलात्कार पीड़िता का मेडिकल और मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 का बयान कराने में कम से कम दस दिन का समय लगता है। ऐसे में पीड़िता को सुरक्षित रखने और भोजन कराने संबंधी कोई भी सुविधा पुलिस के पास नहीं है।
वहीं मऊ जिले की महिला कांस्टेबल मृदुला मौर्य ने कहा कि थानों पर महिला कर्मचारियों को काम करने में दिक्कतें होती हैं। वहां के स्टाफ ही महिला कर्मचारियों को दूसरी नजर से देखता है। ड्यूटी के वक्त हम खुद असुरक्षित महसूस करती हैं। समस्याएं सुनने के बाद आईजी जोन ने जल्द ही निस्तारण कराने का भरोसा दिया। स अवसर पर एसपी अजय कुमार साहनी, एसपी सिटी डा. विपिन ताडा, एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकता हीना देसाई आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसके भगत ने बताया कि जो महिलाएं थाने पर समस्या से ग्रसित होकर आती हैं। वह हमारे और आप के बीच से ही आती हैं। ऐसे में बगैर किसी भेदभाव के उनकी समस्या सुनें और उसे तत्काल निस्तारित करें। आईजी ने कहा कि भले ही आम लोगों की तुलना में हमें अधिक काम करना पड़ रहा है लेकिन यह गौरव हर किसी को नहीं मिलता। आईजी ने कहा कि प्रत्येक सूचनाओं को गंभीरता से लिया जाए। एसओ महिला थाना नगीना राय ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि बलात्कार पीड़िता का मेडिकल और मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 का बयान कराने में कम से कम दस दिन का समय लगता है। ऐसे में पीड़िता को सुरक्षित रखने और भोजन कराने संबंधी कोई भी सुविधा पुलिस के पास नहीं है।
विज्ञापन
वहीं मऊ जिले की महिला कांस्टेबल मृदुला मौर्य ने कहा कि थानों पर महिला कर्मचारियों को काम करने में दिक्कतें होती हैं। वहां के स्टाफ ही महिला कर्मचारियों को दूसरी नजर से देखता है। ड्यूटी के वक्त हम खुद असुरक्षित महसूस करती हैं। समस्याएं सुनने के बाद आईजी जोन ने जल्द ही निस्तारण कराने का भरोसा दिया। स अवसर पर एसपी अजय कुमार साहनी, एसपी सिटी डा. विपिन ताडा, एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकता हीना देसाई आदि मौजूद थे।
विज्ञापन