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रोवां में गली से सड़क तक पसरा सन्नाटा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 15 Mar 2017 11:58 PM IST
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रोवां में गली से सड़क तक पसरा सन्नाटा
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रानी की सराय थाना क्षेत्र के रोवां गांव में होलिका दहन को लेकर उपजे विवाद के चौथे दिन बुधवार को गांव में शांति रही। हालांकि दोनों पक्षों में अभी तनाव बरकरार है। रोवां बाजार और गांव में जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। घटना के बाद से लोगों का इधर से गुजरना कम हो गया है। बीच-बीच में अधिकारियों की गाड़ियों का सायरन सुनाई दे रहा था। सिपाहियों और खुफिया पुलिस की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
बता दें कि रोवां गांव में होलिका दहन की जमीन के बगल में गांव के शाबिर ने मड़ई डालकर कब्जा किया है। होलिका दहन के दिन इस बात को लेकर विवाद हुआ और दो पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। यह मामला दूसरे दिन होली के दिन पुन: गरमा गया और दो पक्षों के बीच मारपीट और जमकर ईंट पत्थर चले। इसमें एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए।
हालांकि पुलिस इस बार भी मामले को शांत करा दी लेकिन तीसरे दिन मंगलवार को एक पक्ष दूसरे पक्ष पर दर्ज कराए गए मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने लगा। जिसको लेकर फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान एक पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए गांव के पास आजमग-लखनऊ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी भरकम पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए बीते 48 घंटे से सीओ नगर शिवनाथ गुप्ता गांव में कैंप किए हैं। पुलिस फोर्स की तैनाती होने से बुधवार को भी रोवां बाजार और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था।
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क्षेत्र में सिर्फ पुलिस और अधिकारियों के गाड़ियों का सायरन सुनाई दे रहा था। सीओ नगर शिवनाथ गुप्ता ने बताया कि मैं स्वयं मौके पर बीते 48 घंटे से मौजूद हूं। सिपाहियों और खुफिया विभाग के लोगों की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के रोवां गांव में हुई दो पक्षों के बीच मारपीट, पथराव के मामले में मंगलवार को और तीन लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज कराने वालों में रोडवेज बस का चालक, एसओ रानी की सराय और एक ग्रामीण शामिल हैं।
रोवां कांड से जुड़ी रिपोर्ट मैनपुरी डिपो के बस चालक मनोज कुमार ने दर्ज कराई। इसमें अज्ञात लोगों को आरोपित किया है। चालक मनोज का आरोप है कि 13 मार्च को वह पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को लेकर सरायमीर से आजमगढ़ की तरफ जा रहा था। रोवां गांव के पास उपद्रव करने वालों ने बस पर पथराव कर शीशा आदि तोड़ दिया। दूसरी रिपोर्ट रोवां गांव निवासी मो. वामिक ने दर्ज कराई। उसने गांव के सूबेदार यादव, जुगनू, श्रवण आदि को आरोपित किया है।
वामिक का आरोप है कि 13 मार्च को वह साइकल से आटा लेने जा रहा था। आरोपियों ने उस पर ईंट पत्थर से हमलाकर उसे घायल कर दिया। तीसरी रिपोर्ट प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय हसीब अहमद ने दर्ज कराई। उसने रोवां गांव निवासी प्रदूमन वर्मा, सूबेदार यादव, जुगनू सहित 150 लोगों को आरोपित किया है। आरोप है कि आरोपीगण धारदार हथियार और लाठी-डंडे से लैस होकर सड़क जामकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर गाली देते हुए पथराव किया। एक रिपोर्ट सोमवार को ही रोवां गांव निवासी श्रवण कुमार ने दर्ज कराई है। इसमें श्रवण ने गांव के गुफरान सहिंत 14 लोगों को आरोपित किया है।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के रोवां गांव में होलिका दहन की जमीन को लेकर उपजे विवाद को शांत कराकर भले ही अधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए की बात कह रहे हैं। लोग इस घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जमीन का विवाद दूर कर दिया गया होता या इस मामले को पहले ही गंभीरता से लिया गया होता तो यह घटना नहीं होती। रोवां गांव में जिस जगह पर होलिका दहन वर्षों से होते चला आ रहा है, वह जमीन नवीन परती और होलिका दहन के नाम से अभिलेखों में आवंटित है।
यहीं पर एक चबूतरे का निर्माण कर लोग पूजापाठ भी करते हैं। बीते कुछ माह पूर्व रोवां गांव निवासी शाबिर ने इस जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मड़ई डाल दिया। जिस वक्त मड़ई डाली गई गांव के लोगों ने उसका विरोध किया। सब कुछ जानने के बाद भी तहसील प्रशासन ने इस मड़ई को नहीं हटवाया। जिसके चलते गांव में तनाव बरकरार रहा। ऐसे में रानी की सराय थाने की पुलिस ने भी इस स्थल पर होलिका दहन के दिन होने वाले विवाद को हल्के में लिया। जिसका परिणाम सामने है। इस संबंध में एसडीएम निजामाबाद अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शाबिर की मड़ई अवैध तरीके से होलिका दहन और नवीन परती की जगह पर रखी गई है। इस संबंध में बेदखली का मुकदमा तहसीलदार न्यायालय में लंबित है।
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बता दें कि रोवां गांव में होलिका दहन की जमीन के बगल में गांव के शाबिर ने मड़ई डालकर कब्जा किया है। होलिका दहन के दिन इस बात को लेकर विवाद हुआ और दो पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। यह मामला दूसरे दिन होली के दिन पुन: गरमा गया और दो पक्षों के बीच मारपीट और जमकर ईंट पत्थर चले। इसमें एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए।
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हालांकि पुलिस इस बार भी मामले को शांत करा दी लेकिन तीसरे दिन मंगलवार को एक पक्ष दूसरे पक्ष पर दर्ज कराए गए मुकदमे में सुलह का दबाव बनाने लगा। जिसको लेकर फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान एक पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए गांव के पास आजमग-लखनऊ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी भरकम पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए बीते 48 घंटे से सीओ नगर शिवनाथ गुप्ता गांव में कैंप किए हैं। पुलिस फोर्स की तैनाती होने से बुधवार को भी रोवां बाजार और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था।
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क्षेत्र में सिर्फ पुलिस और अधिकारियों के गाड़ियों का सायरन सुनाई दे रहा था। सीओ नगर शिवनाथ गुप्ता ने बताया कि मैं स्वयं मौके पर बीते 48 घंटे से मौजूद हूं। सिपाहियों और खुफिया विभाग के लोगों की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के रोवां गांव में हुई दो पक्षों के बीच मारपीट, पथराव के मामले में मंगलवार को और तीन लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज कराने वालों में रोडवेज बस का चालक, एसओ रानी की सराय और एक ग्रामीण शामिल हैं।
रोवां कांड से जुड़ी रिपोर्ट मैनपुरी डिपो के बस चालक मनोज कुमार ने दर्ज कराई। इसमें अज्ञात लोगों को आरोपित किया है। चालक मनोज का आरोप है कि 13 मार्च को वह पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को लेकर सरायमीर से आजमगढ़ की तरफ जा रहा था। रोवां गांव के पास उपद्रव करने वालों ने बस पर पथराव कर शीशा आदि तोड़ दिया। दूसरी रिपोर्ट रोवां गांव निवासी मो. वामिक ने दर्ज कराई। उसने गांव के सूबेदार यादव, जुगनू, श्रवण आदि को आरोपित किया है।
वामिक का आरोप है कि 13 मार्च को वह साइकल से आटा लेने जा रहा था। आरोपियों ने उस पर ईंट पत्थर से हमलाकर उसे घायल कर दिया। तीसरी रिपोर्ट प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय हसीब अहमद ने दर्ज कराई। उसने रोवां गांव निवासी प्रदूमन वर्मा, सूबेदार यादव, जुगनू सहित 150 लोगों को आरोपित किया है। आरोप है कि आरोपीगण धारदार हथियार और लाठी-डंडे से लैस होकर सड़क जामकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर गाली देते हुए पथराव किया। एक रिपोर्ट सोमवार को ही रोवां गांव निवासी श्रवण कुमार ने दर्ज कराई है। इसमें श्रवण ने गांव के गुफरान सहिंत 14 लोगों को आरोपित किया है।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के रोवां गांव में होलिका दहन की जमीन को लेकर उपजे विवाद को शांत कराकर भले ही अधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए की बात कह रहे हैं। लोग इस घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जमीन का विवाद दूर कर दिया गया होता या इस मामले को पहले ही गंभीरता से लिया गया होता तो यह घटना नहीं होती। रोवां गांव में जिस जगह पर होलिका दहन वर्षों से होते चला आ रहा है, वह जमीन नवीन परती और होलिका दहन के नाम से अभिलेखों में आवंटित है।
यहीं पर एक चबूतरे का निर्माण कर लोग पूजापाठ भी करते हैं। बीते कुछ माह पूर्व रोवां गांव निवासी शाबिर ने इस जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मड़ई डाल दिया। जिस वक्त मड़ई डाली गई गांव के लोगों ने उसका विरोध किया। सब कुछ जानने के बाद भी तहसील प्रशासन ने इस मड़ई को नहीं हटवाया। जिसके चलते गांव में तनाव बरकरार रहा। ऐसे में रानी की सराय थाने की पुलिस ने भी इस स्थल पर होलिका दहन के दिन होने वाले विवाद को हल्के में लिया। जिसका परिणाम सामने है। इस संबंध में एसडीएम निजामाबाद अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शाबिर की मड़ई अवैध तरीके से होलिका दहन और नवीन परती की जगह पर रखी गई है। इस संबंध में बेदखली का मुकदमा तहसीलदार न्यायालय में लंबित है।