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नवजात की जान चली गई, सीएमओ को पता ही नहीं

Tue, 14 Jun 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Tue, 14 Jun 2016 12:15 AM IST
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Newborn were killed, CMOs do not know
जिला महिला अस्पतालों में बदइंतजामी है यह तो सभी को मालूम है लेकिन यहां पेशेगत संवेदनशीलता भी नहीं है, इसका खुलासा तब हुआ, जब डॉक्टरों और स्टाफ नर्स की लापरवाही से एक नव प्रसूता के नवजात बच्ची काल के गाल में समा गई। नव प्रसूता के घर वाले नवजात बच्ची की मौत पर बिफरे और गुस्से में हंगामा कर दिया। अंतत: अस्पताल प्रशासन ने दुखी परिवारवालों को पुलिस के जोर पर शांत करा दिया। सीएमएस डॉ. अमिता अग्रवाल ने मामले में लापरवाही होने की बात मानते हुए जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं जिले में स्वास्थ्य महकमे के सबसे बड़े अफसर सीएमओ डॉ. एके सिंह ने घटना की जानकारी होने से इन्कार करते हुए पल्ला झाड़ लिया।   
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रौनापार क्षेत्र के अखईपुर गांव निवासी मुकेश यादव की गर्भवती पत्नी किरन देवी (23) को परिवारवालों ने प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम को किरन की सास फूलमती देवी ने डॉक्टर डा. रश्मि सिन्हा और स्टाफ नर्स से बात की तो दोनों ने कहा कि अभी प्रसव में 20-25 दिन लगेंगे। यह कहकर उन्होंने किरन को घर ले जाने की सलाह भी दे दी। इसी बीच महराजगंज क्षेत्र के सरदहां गांव निवासी किरन के पिता रामकरन यादव, बड़ी बहन मीना यादव भी अस्पताल पहुंच गए। किरन की स्थिति ठीक न देख उन्होंने अस्पताल में ही रुकने के लिए कहा।
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रात करीब साढ़े ग्यारह बजे किरन को तेज दर्द शुरू हो गया। परिवार के लोग ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रश्मि सिन्हा और स्टाफ नर्स ममता देवी, गीता भारती और छाया को बुलाने के इधर-उधर दौड़े, पर इनमें से कोई वहां होता तो मिलता। दो संविदा नर्स भी उस वक्त ड्यूटी पर थीं लेकिन सब के सब न जाने कहां गायब हो गए थे। मजबूरी में कुछ देर बाद किरन बहन मीना को शौचालय ले गई, जहां उसने बच्ची को जन्म दे दिया। नवजात बच्ची शौचालय के पॉट में गिर गई और उसके सिर और चेहरे पर चोट लग गई। इसके बाद घर वालों ने एक बार फिर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स की तलाश की लेकिन उस समय भी कोई वहां मौजूद नहीं था।
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परिवारवालों की जद्दोजहद और खोजबीन के करीब एक घंटे बाद नर्सें बेमन से मौके पर पहुंची। मजबूरी में डॉक्टर भी आ गईं और नवजात का इलाज शुरू हुआ। चूंकि इलाज में पहले ही देर हो चुकी थी, सो सोमवार को दिन में 11 बजे नवजात की मौत हो गई।
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