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Basti News: लेखपाल पर गलत आख्या लगाने और रिश्वत मांगने का आरोप, दो पर प्राथमिकी
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बस्ती। सदर तहसील क्षेत्र के धमौरा गांव में सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के निस्तारण में कथित तौर पर गलत आख्या लगाने और रिश्वत मांगने के मामले में हल्का लेखपाल और ग्राम प्रधान के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
धमौरा गांव निवासी नितराम ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज घोले की जमीन को कुछ लोगों ने पाटकर कब्जा कर लिया है। इससे गांव की जलनिकासी बाधित हो रही है। उन्होंने इस संबंध में तहसील दिवस और डीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायत की थी।
नितराम का आरोप है कि हर बार हल्का लेखपाल रामजी ने ग्राम प्रधान रीता चौधरी के साथ मिलीभगत कर गलत आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। आरोप है कि एक अप्रैल 2025 को उन्होंने लेखपाल से मामले में सही रिपोर्ट लगाने को कहा तो उनसे दस हजार रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लेखपाल रामजी और ग्राम प्रधान रीता चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष शशांक शेखर राय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर लेखपाल और ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण काफी पुराना लग रहा है। इसके बारे में जानकारी कराई जाएगी। आरोपी लेखपाल के खिलाफ जांच कराई जाएगी। आरोपों की पुष्टि होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुमार, एसडीएम सदर।
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धमौरा गांव निवासी नितराम ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज घोले की जमीन को कुछ लोगों ने पाटकर कब्जा कर लिया है। इससे गांव की जलनिकासी बाधित हो रही है। उन्होंने इस संबंध में तहसील दिवस और डीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायत की थी।
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नितराम का आरोप है कि हर बार हल्का लेखपाल रामजी ने ग्राम प्रधान रीता चौधरी के साथ मिलीभगत कर गलत आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। आरोप है कि एक अप्रैल 2025 को उन्होंने लेखपाल से मामले में सही रिपोर्ट लगाने को कहा तो उनसे दस हजार रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लेखपाल रामजी और ग्राम प्रधान रीता चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष शशांक शेखर राय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर लेखपाल और ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण काफी पुराना लग रहा है। इसके बारे में जानकारी कराई जाएगी। आरोपी लेखपाल के खिलाफ जांच कराई जाएगी। आरोपों की पुष्टि होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुमार, एसडीएम सदर।