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Amroha News: रक्षक ही बन गए भक्षक...दुस्साहस इतना कि युवती को लेकर कोतवाली तक पहुंच गए
Thu, 24 Sep 2026 12:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:40 AM IST
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हसनपुर (अमरोहा)। महिला सुरक्षा के चौतरफा प्रयासों में जिस वर्दी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है उसे पहनने वाले ही नारी सम्मान के भक्षक बन गए। पुलिस और सीआरपीएफ में जिम्मेदारी भरे ओहदे संभालने वाले चार सरकारी मुलाजिमों ने न सिर्फ एक युवती की इज्जत तार-तार की बल्कि दुस्साहस इतना कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसे लेकर हसनपुर कोतवाली के गेट तक पहुंच गए।
वर्दीधारियों के बहशीपन की शिकार युवती ने जब आपबीती बताई तो सुनने वाले पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। युवती ने पुलिस को बताया कि सोनीपत से सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित उसे मनौना धाम ले जाने का झांसा देकर कार में साथ लाया था। मेरठ से कार में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम भी सवार हो गया। इसके बाद वे कार लेकर हसनपुर कोतवाली पहुंचे, जहां गेट पर मौजूद कोतवाली में तैनात दरोगा संजय तोमर भी कार में बैठ गया।
युवती की इस जानकारी ने पुलिस अफसरों को भी चौंका दिया कि दुष्कर्म जैसी वारदात की साजिश रचने वाले पुलिस और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी थाने तक पहुंचने में नहीं झिझके। यही नहीं इस बात ने भी हर किसी को हैरान किया है कि आरोपी दरोगा संजय तोमर का अगले साल ही रिटायरमेंट है। सेवानिवृत्ति से सालभर पहले खुद पर एेसा दाग लगा बैठे जो आसानी से नहीं धुलेगा।
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एसपी लखन सिंह यादव ने कहा कि महिला अपराध के मामलों में पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए हसनपुर प्रकरण में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने और जेल भेजने की तैयारी है। आरोपी दरोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन के साथ विभागीय जांच व अन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीआरपीएफ के दोनों कर्मचारियों के मामले में भी संबंधित अधिकारियों (सीआरपीएफ मुख्यालय) को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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एसपी बोले, आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त होंगे दोनों पुलिसकर्मी
अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव ने कहा है कि आरोपी भले पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान हैं लेकिन मामले की जांच से लेकर जरूरी कार्रवाई तक पूरी सख्ती बरती जाएगी। हसनपुर कोतवाली के दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में आरोप सिद्ध होने पर नियमानुसार बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी
पुलिस बोली, पूर्व परिचित हैं सभी
हसनपुर। एसपी लखन सिंह यादव के अनुसार शुरुआती जांच में पीड़िता और आरोपी मोहित और लालाराम के पूर्व से एक-दूसरे के परिचित होने की बात सामने आई है।
पीड़िता की मुलाकात सीआरपीएफ दिल्ली में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से सोनीपत में हुई थी। मंगलवार को पीड़िता, मोहित और असम में तैनात सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम के साथ हसनपुर पहुंची थी। यहां मोहित ने हसनपुर थाने में तैनात दरोगा संजय तोमर से मुलाकात की, जिसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्महाउस पहुंचे और दो कमरे किराये पर लिए। बाद में पुलिस लाइन में तैनात सिपाही प्रमोद भी खाना लेकर वहां पहुंचा। एसपी ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों और पीड़िता के आरोपों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। संवाद
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वर्दीधारियों के बहशीपन की शिकार युवती ने जब आपबीती बताई तो सुनने वाले पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। युवती ने पुलिस को बताया कि सोनीपत से सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल मोहित उसे मनौना धाम ले जाने का झांसा देकर कार में साथ लाया था। मेरठ से कार में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम भी सवार हो गया। इसके बाद वे कार लेकर हसनपुर कोतवाली पहुंचे, जहां गेट पर मौजूद कोतवाली में तैनात दरोगा संजय तोमर भी कार में बैठ गया।
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युवती की इस जानकारी ने पुलिस अफसरों को भी चौंका दिया कि दुष्कर्म जैसी वारदात की साजिश रचने वाले पुलिस और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी थाने तक पहुंचने में नहीं झिझके। यही नहीं इस बात ने भी हर किसी को हैरान किया है कि आरोपी दरोगा संजय तोमर का अगले साल ही रिटायरमेंट है। सेवानिवृत्ति से सालभर पहले खुद पर एेसा दाग लगा बैठे जो आसानी से नहीं धुलेगा।
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एसपी लखन सिंह यादव ने कहा कि महिला अपराध के मामलों में पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए हसनपुर प्रकरण में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने और जेल भेजने की तैयारी है। आरोपी दरोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन के साथ विभागीय जांच व अन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीआरपीएफ के दोनों कर्मचारियों के मामले में भी संबंधित अधिकारियों (सीआरपीएफ मुख्यालय) को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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एसपी बोले, आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त होंगे दोनों पुलिसकर्मी
अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव ने कहा है कि आरोपी भले पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान हैं लेकिन मामले की जांच से लेकर जरूरी कार्रवाई तक पूरी सख्ती बरती जाएगी। हसनपुर कोतवाली के दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में आरोप सिद्ध होने पर नियमानुसार बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी
पुलिस बोली, पूर्व परिचित हैं सभी
हसनपुर। एसपी लखन सिंह यादव के अनुसार शुरुआती जांच में पीड़िता और आरोपी मोहित और लालाराम के पूर्व से एक-दूसरे के परिचित होने की बात सामने आई है।
पीड़िता की मुलाकात सीआरपीएफ दिल्ली में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से सोनीपत में हुई थी। मंगलवार को पीड़िता, मोहित और असम में तैनात सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम के साथ हसनपुर पहुंची थी। यहां मोहित ने हसनपुर थाने में तैनात दरोगा संजय तोमर से मुलाकात की, जिसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्महाउस पहुंचे और दो कमरे किराये पर लिए। बाद में पुलिस लाइन में तैनात सिपाही प्रमोद भी खाना लेकर वहां पहुंचा। एसपी ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों और पीड़िता के आरोपों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। संवाद