{"_id":"5740a64a4f1c1bfe16ac799a","slug":"father-son-gets-life-in-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में पिता-दो पुत्रों समेत पांच को उम्र कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या में पिता-दो पुत्रों समेत पांच को उम्र कैद
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 21 May 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगाने से हुई एक महिला के मौत के मामले में अदालत ने आरोपी पिता और उसके दो पुत्रों समेत पांच को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। शनिवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने सुनाई। मामले में कुल छह आरोपी थी। छठें आरोपी मनोज को नाबालिग पाते हुए उसकी पत्रावली को अलग कर दी गई थी। घटना सिधारी थाना के पल्हनी गांव की है।
इस मामले में पल्हनी गांव निवासी मृतका श्रीमत्ति देवी के पति राजाराम ने 14 जनवरी 2011 को सिधारी थाने में छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में क हा था कि उसके पट्टीदार शंकर मौर्य चकरोड में जबरदस्ती मकान बनाए हैं जिसको लेकर आरोपियों से कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश को लेकर घटना की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे उसकी पत्नी जब घर से बाहर गई तो गांव के आरोपी शंकर पुत्र अनूप मौर्य और उसके लड़के विनोद, प्रमोद, मनोज, सुदर्शन पुत्र फूलचंद मौर्य और सुरेंद्र यादव पुत्र सत्यदेव यादव, निवासी रामपुर जप्ती ने उसे घेरकर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी। उसके चिल्लाने और लोगों के पहुंचने पर आरोपी उसे जलता छोड़ भाग गए। घायलावस्था में उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में सिधारी थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
सत्र परीक्षण के दौरान इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव और प्राइवेट काउंसिल निर्मल कुमार शर्मा ने वादी समेत कुल बारह गवाहों को और बचाव पक्ष ने भी तीन गवाहों को बतौर साक्षी पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद नामजद पांचों आरोपियों भादंवि की धारा 302/ 34 में दोषी पाते हुए उम्र कैद के साथ प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्राप्त राशि का आधी धनराशि मृतका के पति और उसके पुत्र को दिए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मामले में पल्हनी गांव निवासी मृतका श्रीमत्ति देवी के पति राजाराम ने 14 जनवरी 2011 को सिधारी थाने में छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में क हा था कि उसके पट्टीदार शंकर मौर्य चकरोड में जबरदस्ती मकान बनाए हैं जिसको लेकर आरोपियों से कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश को लेकर घटना की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे उसकी पत्नी जब घर से बाहर गई तो गांव के आरोपी शंकर पुत्र अनूप मौर्य और उसके लड़के विनोद, प्रमोद, मनोज, सुदर्शन पुत्र फूलचंद मौर्य और सुरेंद्र यादव पुत्र सत्यदेव यादव, निवासी रामपुर जप्ती ने उसे घेरकर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी। उसके चिल्लाने और लोगों के पहुंचने पर आरोपी उसे जलता छोड़ भाग गए। घायलावस्था में उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में सिधारी थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन
सत्र परीक्षण के दौरान इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव और प्राइवेट काउंसिल निर्मल कुमार शर्मा ने वादी समेत कुल बारह गवाहों को और बचाव पक्ष ने भी तीन गवाहों को बतौर साक्षी पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद नामजद पांचों आरोपियों भादंवि की धारा 302/ 34 में दोषी पाते हुए उम्र कैद के साथ प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्राप्त राशि का आधी धनराशि मृतका के पति और उसके पुत्र को दिए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन