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अफसर बनकर वसूली को आए पांच
azamgarh
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:22 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लाटघाट (आजमगढ़)। रौनापार थाना क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा कर चुके या कर रहे लोगों से अब फर्जी अफसर बनकर धन उगाही की जा रही है। शुक्रवार की रात एक सफेद रंग की जिप्सी में बैठे पांच लोग बैजाबारी गांव पहुंचे और खुद को आबकारी अधिकारी बताते हुए शराब का अवैध धंधा करने वाले एक व्यक्ति से दस हजार रुपये की मांग की। इसकी जानकारी होने पर ग्राम प्रधान सहित अन्य लोग पहुंच गए। ग्रामीणों ने पूछताछ के बाद पांचों को पकड़कर उनकी धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।
बता दें कि रौनापार और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में हाल ही में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई थी। इस क्षेत्र में अवैध शराब के धंधे ने कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। आए दिन अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र के किसी न किसी गांव में दबिश दे रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए शुक्रवार की रात करीब आठ बजे एक सफेद रंग की जिप्सी में बैठकर पांच लोग रौनापार थाना क्षेत्र के बैजाबारी गांव पहुंचे।
कभी शराब के अवैध धंधे में शामिल रहे रामकिशुन के दरवाजे पर गाड़ी खड़ी कर दी। जिप्सी से नीचे उतरकर दो लोग रामकिशुन के यहां पहुंचे और बोले कि तुम्हारी ही जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हुई है। अपनी जान बचाना चाहते हो तो गाड़ी में बैठे आबकारी इंस्पेक्टर को दस हजार रुपये दे दो। नहीं तो जेल चले जाओगे। तुम्हारे खिलाफ ग्राम प्रधान ने शिकायत की है। इस पर रामकिशुन और फर्जी आबकारी विभाग के लोगों में कहासुनी होने लगी। शोरगुल सुनकर ग्राम प्रधान चंद्रभान समेत अन्य लोग पहुंच गए। ग्रामीणों ने फर्जी आबकारी अधिकारी बनकर गांव पहुंचने वालों को पकड़ लिया और धुनाई कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। शनिवार को रौनापार थाने की पुलिस ने दो आरोपियों को छोड़ दिया। जबकि तीन लोगों को अभी भी थाने पर बैठाए हुए है। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि रौनापार और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में हाल ही में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई थी। इस क्षेत्र में अवैध शराब के धंधे ने कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। आए दिन अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र के किसी न किसी गांव में दबिश दे रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए शुक्रवार की रात करीब आठ बजे एक सफेद रंग की जिप्सी में बैठकर पांच लोग रौनापार थाना क्षेत्र के बैजाबारी गांव पहुंचे।
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कभी शराब के अवैध धंधे में शामिल रहे रामकिशुन के दरवाजे पर गाड़ी खड़ी कर दी। जिप्सी से नीचे उतरकर दो लोग रामकिशुन के यहां पहुंचे और बोले कि तुम्हारी ही जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हुई है। अपनी जान बचाना चाहते हो तो गाड़ी में बैठे आबकारी इंस्पेक्टर को दस हजार रुपये दे दो। नहीं तो जेल चले जाओगे। तुम्हारे खिलाफ ग्राम प्रधान ने शिकायत की है। इस पर रामकिशुन और फर्जी आबकारी विभाग के लोगों में कहासुनी होने लगी। शोरगुल सुनकर ग्राम प्रधान चंद्रभान समेत अन्य लोग पहुंच गए। ग्रामीणों ने फर्जी आबकारी अधिकारी बनकर गांव पहुंचने वालों को पकड़ लिया और धुनाई कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। शनिवार को रौनापार थाने की पुलिस ने दो आरोपियों को छोड़ दिया। जबकि तीन लोगों को अभी भी थाने पर बैठाए हुए है। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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