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डॉक्टर से पांच लाख की रंगदारी
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 17 Mar 2016 11:59 PM IST
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पवई थाना क्षेत्र के रज्जाकपुर गांव निवासी एक डॉक्टर से उसके बेटे का दोस्त पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रुपया न देने पर बेटे की हत्या करने की धमकी दी। पुलिस ने मोबाइल डिटेल खंगालने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस बात का खुलासा गुरुवार को हुआ।
छह दिन पूर्व आरोपी युवक अपने मित्र के घर आया था। उसका ठाठ-बाट देखने के बाद उसकी नीयत में खोट आ गई। एसओ पवई तेजबहादुर सिंह ने बताया कि रज्जाकपुर गांव निवासी डा. नरमधेश्वर सिंह का परिवार संपन्न है। वह निजामाबाद तहसील में प्लांनटेशन करते हैं। इनका बड़ा बेटा बिपुल सिंह भी डाक्टर है। उसकी शादी तय है। 11 मार्च को उसका तिलक था।
नरमधेश्वर का छोटा बेटा अश्वनी पांडेय कानपुर में स्थित कालेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा। बड़े भाई के तिलक में अश्वनी ने रानी की सराय थाने के सोनवार गांव निवासी अपने मित्र अर्जुन राम को भी निमंत्रण दिया था। 11 मार्च को दोस्त के घर पहुंचा अर्जुन मित्र के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीकठाक देखा तो 15 मार्च को नरमधेश्वर के मोबाइल पर फोन किया। उसने कहा कि तुम्हारे बेटे के नाम की दो लाख रुपये में सुपारी दी गई है।
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इसलिए बेटे की जान की सलामती चाहते हो तो पांच लाख रुपया दे दो। अन्यथा बेटे की हत्या कर दी जाएगी। डाक्टर को अर्जुन ने अपना नाम फैसल बताया था। रुपया कहां पहुंचाना है, इसकी भी जानकारी नहीं दी थी।
उधर, रंगदारी मांगे जाने की सूचना से हलाकान डा. नरमधेश्वर ने 16 मार्च को पवई थाने में फैसल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस इनके द्वारा दिए गए फोन नंबर का कॉल डिटेल निकलवाने के बाद गुरुवार को रानी की सराय थाने के सोनवार गांव में छापेमारी कर अर्जुन को घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान अर्जुन ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल किया।
पवई थाने की पुलिस को खुलासे के लिए लगाया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। - दयानंद मिश्रा, पुलिस अधीक्षक
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छह दिन पूर्व आरोपी युवक अपने मित्र के घर आया था। उसका ठाठ-बाट देखने के बाद उसकी नीयत में खोट आ गई। एसओ पवई तेजबहादुर सिंह ने बताया कि रज्जाकपुर गांव निवासी डा. नरमधेश्वर सिंह का परिवार संपन्न है। वह निजामाबाद तहसील में प्लांनटेशन करते हैं। इनका बड़ा बेटा बिपुल सिंह भी डाक्टर है। उसकी शादी तय है। 11 मार्च को उसका तिलक था।
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नरमधेश्वर का छोटा बेटा अश्वनी पांडेय कानपुर में स्थित कालेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा। बड़े भाई के तिलक में अश्वनी ने रानी की सराय थाने के सोनवार गांव निवासी अपने मित्र अर्जुन राम को भी निमंत्रण दिया था। 11 मार्च को दोस्त के घर पहुंचा अर्जुन मित्र के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीकठाक देखा तो 15 मार्च को नरमधेश्वर के मोबाइल पर फोन किया। उसने कहा कि तुम्हारे बेटे के नाम की दो लाख रुपये में सुपारी दी गई है।
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इसलिए बेटे की जान की सलामती चाहते हो तो पांच लाख रुपया दे दो। अन्यथा बेटे की हत्या कर दी जाएगी। डाक्टर को अर्जुन ने अपना नाम फैसल बताया था। रुपया कहां पहुंचाना है, इसकी भी जानकारी नहीं दी थी।
उधर, रंगदारी मांगे जाने की सूचना से हलाकान डा. नरमधेश्वर ने 16 मार्च को पवई थाने में फैसल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस इनके द्वारा दिए गए फोन नंबर का कॉल डिटेल निकलवाने के बाद गुरुवार को रानी की सराय थाने के सोनवार गांव में छापेमारी कर अर्जुन को घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान अर्जुन ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल किया।
पवई थाने की पुलिस को खुलासे के लिए लगाया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। - दयानंद मिश्रा, पुलिस अधीक्षक