फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने में प्रशासन फेल

जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने में प्रशासन फेल

Wed, 03 Jan 2018 11:49 PM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने में प्रशासन फेल
लाटघाट। प्रदेश सरकार ने अवैध खनन पर रोक तो लगा दी है लेकिन अपने जनपद में अवैध खनन पर लगाम लगती दिखाई नहीं देती। सगड़ी तहसील के हरैया विकास खंड के आधा दर्जन से भी अधिक गांवों में अवैध खनन का कार्य धड़ल्ले से हो रहा है। जिसे रोक पाने में प्रशासन नाकाम हो रहा है।
विज्ञापन

रौनापार थाना क्षेत्र के हरैया ब्लाक के बांका बूढ़नपट्टी में अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। बता दें कि इसके पूर्व रौनापार थाना क्षेत्र के पकड़ीहवा, बाढ़ू का पुरा, सिंहीगढ़, रोशनगंज, रामपुर करखिया और जीयनपुर थाना क्षेत्र के लाटघाट, सुरैना, फतेहपुर, आसपुर, घाघरा में अवैध खनन निर्बाध गति से चल रहा था। जानकारी के बाद प्रशासन ने जब दबाव बनाया तो खनन माफिया शांत हो गए। वहीं रौनापार थाना क्षेत्र के बांका गांव के प्राइमरी विद्यालय के पीछे अवैध खनन हो रहा है। इस संबंध में किसी को भनक तक नहीं लग रही है। जबकि क्षेत्र के चट्टी चौराहों और गांव में सफेद बालू का अवैध भंडारण किया गया है। लाटघाट, बेलकुंडा, रोहुवार, घाघरा, खोजौली, मानिकपुर, नैनीजोर, चांदपट्टी, सगड़ी के अंजान सहित के पास सफेद बालू का अवैध भंडारण किया गया है। यह खनन का कार्य रात के समय किया जा रहा है। एक ट्राली बालू का दाम 3000 से 3500 और 4000 तक लिया जाता है। अवैध खनन को लेकर मऊ गोंडा फतेहपुर के आला अफसरों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। तहसीलदार सगड़ी मनोज कुमार ने कहा कि हमें अभी खनन की कोई जानकारी नहीं है। पता कराते हैं उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed