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रिश्वत न देने पर प्रसुता को धकेला, खुले में जन्मे जुड़वा बच्चे
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:27 PM IST
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सगड़ी। पीएचसी अजमतगढ़ में तैनात एक नर्स को डिलेवरी से पहले रिश्वत नहीं मिली तो उसने ना केवल प्रसूता को अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया बल्कि उसे धक्का देकर बाहर कर दिया। नर्स के धक्के से असंतुलित होकर जमीन पर गिरी प्रसूता ने खुले में ही जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। नर्स की क्रूरता से नाराज महिला के घर वाले हंगामा करने लगे। उनके आंदोलन में आशा बहुएं भी शामिल हो गई और सभी लोग नर्स को हटाने की मांग करते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपे।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उदकाचौकोखुर्द गांव निवासी कलमाती देवी पत्नी संगम चौहान दूसरी बार गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार की सुबह परिवार के लोग उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजमतगढ़ ले गए। वहां मौजूद नर्स स्मिता राय ने कलमाती के खून की जांच बाहर से कराकर आने को कहा। घर के लोग ब्लड जांच कराई। रिपोर्ट में कलमाती के शरीर में नौ ग्राम खून था। घर वाले खून की जांच रिपोर्ट लेकर पुन: अस्पताल पहुंचे तो नर्स ने तत्काल दो हजार रुपये जमा करने को कहा। घर वालों ने रुपये देने से इंकार करने पर नर्स ने उन्हें बाहर जाने को कहा। इसी बात पर दोनों ओर से कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इससे गुस्से में लाल नर्स ने कलमाती को धक्का दे दिया और वह जमीन पर गिर गई। कलमाती ने अस्पताल परिसर में ही जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इससे नाराज घरवाले वहां हंगामा करने लगे।
इसी बीच वहां क्षेत्र की तमाम आशा बहुएं भी पहुंच गई और कलमाती के घर वालों के साथ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगी। वहीं दूसरी ओर स्टाफ नर्स स्मिता राय का कहना है कि प्रसूता को मुझसे पहले दूसरी नर्स देख रही थी। मैं बाद में आई हूं। धक्का देने का आरोप पूरी तरह से गलत है। पहले बच्चे को अस्पताल परिसर में जन्म देने के बाद महिला को तत्काल कमरे में ले जाया गया। घटना से नाराज कलमाती के घर वालों और आशाएं ने चिकित्सा प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उधर हंगामा होने पर अस्पताल में तैनात डाक्टर ममता राय पहुंच गई और कलमाती देवी को अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब चार बजे तक उसका अस्पताल में इलाज चला। इसके बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। बाद में परिवार ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
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स्मिता राय संविदा की स्टाफ नर्स हैं। इनके विरुद्ध अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं। शनिवार को अस्पताल में हुए मामले की जांच डा. परवेज को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - डा. एसके त्रिपाठी, सीएमओ
नर्स स्मिता राय के खिलाफ पूर्व में भी कई बार कार्रवाई के लिए सीएमओ और जिलाधिकारी से लिखित शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। -डा. शौकत अली, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी अजमतगढ़।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के उदकाचौकोखुर्द गांव निवासी कलमाती देवी पत्नी संगम चौहान दूसरी बार गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार की सुबह परिवार के लोग उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजमतगढ़ ले गए। वहां मौजूद नर्स स्मिता राय ने कलमाती के खून की जांच बाहर से कराकर आने को कहा। घर के लोग ब्लड जांच कराई। रिपोर्ट में कलमाती के शरीर में नौ ग्राम खून था। घर वाले खून की जांच रिपोर्ट लेकर पुन: अस्पताल पहुंचे तो नर्स ने तत्काल दो हजार रुपये जमा करने को कहा। घर वालों ने रुपये देने से इंकार करने पर नर्स ने उन्हें बाहर जाने को कहा। इसी बात पर दोनों ओर से कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इससे गुस्से में लाल नर्स ने कलमाती को धक्का दे दिया और वह जमीन पर गिर गई। कलमाती ने अस्पताल परिसर में ही जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इससे नाराज घरवाले वहां हंगामा करने लगे।
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इसी बीच वहां क्षेत्र की तमाम आशा बहुएं भी पहुंच गई और कलमाती के घर वालों के साथ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगी। वहीं दूसरी ओर स्टाफ नर्स स्मिता राय का कहना है कि प्रसूता को मुझसे पहले दूसरी नर्स देख रही थी। मैं बाद में आई हूं। धक्का देने का आरोप पूरी तरह से गलत है। पहले बच्चे को अस्पताल परिसर में जन्म देने के बाद महिला को तत्काल कमरे में ले जाया गया। घटना से नाराज कलमाती के घर वालों और आशाएं ने चिकित्सा प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उधर हंगामा होने पर अस्पताल में तैनात डाक्टर ममता राय पहुंच गई और कलमाती देवी को अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब चार बजे तक उसका अस्पताल में इलाज चला। इसके बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। बाद में परिवार ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
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स्मिता राय संविदा की स्टाफ नर्स हैं। इनके विरुद्ध अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं। शनिवार को अस्पताल में हुए मामले की जांच डा. परवेज को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - डा. एसके त्रिपाठी, सीएमओ
नर्स स्मिता राय के खिलाफ पूर्व में भी कई बार कार्रवाई के लिए सीएमओ और जिलाधिकारी से लिखित शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। -डा. शौकत अली, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी अजमतगढ़।