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नियम को ताक पर रखकर प्रयोग के लिए भेजी लाश
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:28 PM IST
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बलरामपुर। लावारिस लाश की पहचान के लिए उसे 72 घंटे तक मोर्चरी में रखने के प्रावधान को दरकिनार कर बुधवार को जिला अस्पताल के मोर्चरी से अज्ञात युवक की लाश को प्रयोग के लिए सौंप दिया। डीएम के लिखित आदेश पर सीएमओ ने यह कार्रवाई की है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि युवक के घर वाले उसे खोजते हुए अस्पताल पहुंचेंगे तो किसकी शिनाख्त करेंगे और किस हालत में ले जाकर उसका अंतिम संस्कार करेंगे।
आपातकालीन एबुलेंस के चालक ने मंगलवार की रात करीब 8 बजे खून से लथपथ एक युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। नियमत: शव की शिनाख्त के लिए मोर्चरी हाउस में रखवा दिया। नियमत: शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक शव रखा जाता है। बावजूद इसके दूसरे दिन बुधवार की सुबह डीएम के आदेश पर सीएमओ ने आरके मेडिकल कालेज सठियांव के छात्रों के प्रयोग और परीक्षण के लिए सौंप दिया। ऐसे में युवक के बारे में पता करने आने वाले किसकी पहचान करेंगे। यदि पहचान हो भी जाती है तो मौत घटना है या दुर्घटना, कैसे पता चलेगा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ये कदम किसी बड़े बवाल को जन्म भी दे सकता है।
डीएम के आदेश पर यह शव मेडिकल कॉलेज के छात्रों को सौंपा गया है। पहले 72 घंटे तक लावारिस लाश को मोर्चरी में रखने का आदेश था। लेकिन नया आदेश यह है कि किसी भी लावारिस लाश के विषय में पुलिस को सूचना देने के बाद उसका तत्काल पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया जाए। इसी आदेश के तहत यह शव मेडिकल कालेज के छात्रों को सौंपी गया है।
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डा. एसके त्रिपाठी, सीएमओ
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आपातकालीन एबुलेंस के चालक ने मंगलवार की रात करीब 8 बजे खून से लथपथ एक युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। नियमत: शव की शिनाख्त के लिए मोर्चरी हाउस में रखवा दिया। नियमत: शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक शव रखा जाता है। बावजूद इसके दूसरे दिन बुधवार की सुबह डीएम के आदेश पर सीएमओ ने आरके मेडिकल कालेज सठियांव के छात्रों के प्रयोग और परीक्षण के लिए सौंप दिया। ऐसे में युवक के बारे में पता करने आने वाले किसकी पहचान करेंगे। यदि पहचान हो भी जाती है तो मौत घटना है या दुर्घटना, कैसे पता चलेगा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ये कदम किसी बड़े बवाल को जन्म भी दे सकता है।
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डीएम के आदेश पर यह शव मेडिकल कॉलेज के छात्रों को सौंपा गया है। पहले 72 घंटे तक लावारिस लाश को मोर्चरी में रखने का आदेश था। लेकिन नया आदेश यह है कि किसी भी लावारिस लाश के विषय में पुलिस को सूचना देने के बाद उसका तत्काल पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया जाए। इसी आदेश के तहत यह शव मेडिकल कालेज के छात्रों को सौंपी गया है।
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डा. एसके त्रिपाठी, सीएमओ