{"_id":"59bac7c64f1c1b27688b492b","slug":"41505413062-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता के पैसे से खड़ा किया लाखों का काला साम्राज्य","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जनता के पैसे से खड़ा किया लाखों का काला साम्राज्य
Updated Thu, 14 Sep 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। फर्जी आधार कार्ड बनाकर खातों से लोगों के रुपये निकालने वाले गिरोह में शामिल अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ पुत्र कल्पनाथ के हालात पांच वर्ष में अचानक बदल गए। लोगों के पैसे से उसने लाखों का काला साम्राज्य खड़ा कर लिया। लोगों की नजर से बचने के लिए मकान बनवाने की बजाय पैसा जमीन में लगाया है। बीए की पढ़ाई करने के बाद गुड्डू गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अपने जीजा के लहबरिया बाजार में स्थित आधार कार्ड बनाने की दूकान पर काम करने लगा। एसटीएफ लखनऊ गुड्डू के लहबरिया वाली दूकान पर आधार कार्ड बनवाने के बहाने पहुंची और उसे गिरफ्तार कर ली। एसटीएफ के साथ गंभीरपुर थाने की पुलिस भी मौजूद रही।
अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ दो भाइयों में बड़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से बीए की पढ़ाई के बाद गुड्डू गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले जीजा के यहां चला गया। उनके साथ लहबरिया बाजार में स्थित जीजा के कंप्यूटर की दूकान पर काम करने लगा। वहां आधार कार्ड बनाया जाता था। करीब पांच वर्ष पूर्व गुड्डू का जीजा अध्यापक बन गया। इसके बाद पूरी दूकान गुड्डू संभालने लगा। सूत्रों की मानें तो इस दौरान उसने एक व्यक्ति का फर्जी आधार बनाकर उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाले। इसके बाद हौसला बढ़ने पर गुड्डू धीरे-धीरे इस तरह का फर्जीवाड़ा करके दूसरे के आधार कार्ड के जरिए खाते से रुपये उड़ाने लगा। गुड्डू के गांव वालों की मानें तो पहले उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बीते पांच वर्ष में अचानक ही दशा बदल गई। जो परिवार दो जून की रोटी के लिए तरस रहा था। वह अचानक ही लोगों की जमीन का बैनामा कराने लगा। गांव वालों को भी हैरत जरूर हुई लेकिन लोगों ने उसे कमाई समझी। उधर लोगों के खातों से रुपये उड़ाकर काफी धन इकट्ठा कर चुका गुड्डू ने अपने सहयोग के लिए छोटे भाई को भी अपने साथ दूकान पर रख लिया। उधर फर्जीवाड़े का पता लगाते-लगाते एसटीएफ लखनऊ की टीम नौ सितंबर को गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ लहबरिया बाजार पहुंचकर गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर लखनऊ चली गई।
ऐसे बनाते थे आधार कार्ड
आजमगढ़। आधार कार्ड बनाने के लिये निधार्रित विधिक प्रणाली मानकों को बाईपास करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से अधिकृत आपरेटर्स के फिंगर प्रिंट ले लेते थे। इसके बाद उसका बटर पेपर पर लेजर प्रिंटर से प्रिंट आउट निकालते थे। फोटो पॉलीमर रेजिन केमिकल डालकर पॉलीमर क्यूरिंग उपकरण में पहले 10 डिग्री उसके पश्चात 40 डिग्री तापमान पर कृत्रिम फिंगर प्रिंट, मूल फिंगर प्रिंट के समान तैयार कर लेते थे। उसी कृत्रिम फिंगर प्रिंट का प्रयोग करके आधार कार्ड की वेबसाइट पर लॉगिन आपरेट करते थे। तैयार किया गया कृत्रिम फिंगर प्रिंट आपरेटर के मूल फिंगर प्रिंट की भांति ही काम करता है।
विज्ञापन
गुड्डू आदि के गिरफ्तारी के संबंध में एसटीएफ लखनऊ अपने स्तर से जांच कर रही है। उनके लोग सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। पुलिस की जहां आवश्यकता होगी। पुलिस वहां सहयोग करेगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी
विज्ञापन
अहरौला थाना क्षेत्र के विसुनपुरा गांव निवासी गुड्डू गोड़ दो भाइयों में बड़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से बीए की पढ़ाई के बाद गुड्डू गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले जीजा के यहां चला गया। उनके साथ लहबरिया बाजार में स्थित जीजा के कंप्यूटर की दूकान पर काम करने लगा। वहां आधार कार्ड बनाया जाता था। करीब पांच वर्ष पूर्व गुड्डू का जीजा अध्यापक बन गया। इसके बाद पूरी दूकान गुड्डू संभालने लगा। सूत्रों की मानें तो इस दौरान उसने एक व्यक्ति का फर्जी आधार बनाकर उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाले। इसके बाद हौसला बढ़ने पर गुड्डू धीरे-धीरे इस तरह का फर्जीवाड़ा करके दूसरे के आधार कार्ड के जरिए खाते से रुपये उड़ाने लगा। गुड्डू के गांव वालों की मानें तो पहले उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन बीते पांच वर्ष में अचानक ही दशा बदल गई। जो परिवार दो जून की रोटी के लिए तरस रहा था। वह अचानक ही लोगों की जमीन का बैनामा कराने लगा। गांव वालों को भी हैरत जरूर हुई लेकिन लोगों ने उसे कमाई समझी। उधर लोगों के खातों से रुपये उड़ाकर काफी धन इकट्ठा कर चुका गुड्डू ने अपने सहयोग के लिए छोटे भाई को भी अपने साथ दूकान पर रख लिया। उधर फर्जीवाड़े का पता लगाते-लगाते एसटीएफ लखनऊ की टीम नौ सितंबर को गंभीरपुर थाने की पुलिस के साथ लहबरिया बाजार पहुंचकर गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर लखनऊ चली गई।
विज्ञापन
ऐसे बनाते थे आधार कार्ड
आजमगढ़। आधार कार्ड बनाने के लिये निधार्रित विधिक प्रणाली मानकों को बाईपास करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से अधिकृत आपरेटर्स के फिंगर प्रिंट ले लेते थे। इसके बाद उसका बटर पेपर पर लेजर प्रिंटर से प्रिंट आउट निकालते थे। फोटो पॉलीमर रेजिन केमिकल डालकर पॉलीमर क्यूरिंग उपकरण में पहले 10 डिग्री उसके पश्चात 40 डिग्री तापमान पर कृत्रिम फिंगर प्रिंट, मूल फिंगर प्रिंट के समान तैयार कर लेते थे। उसी कृत्रिम फिंगर प्रिंट का प्रयोग करके आधार कार्ड की वेबसाइट पर लॉगिन आपरेट करते थे। तैयार किया गया कृत्रिम फिंगर प्रिंट आपरेटर के मूल फिंगर प्रिंट की भांति ही काम करता है।
विज्ञापन
गुड्डू आदि के गिरफ्तारी के संबंध में एसटीएफ लखनऊ अपने स्तर से जांच कर रही है। उनके लोग सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। पुलिस की जहां आवश्यकता होगी। पुलिस वहां सहयोग करेगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी