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फर्जीवाड़े में शामिल आठ प्रशिक्षु पड़ोसी जनपदों में कर रहे नौकरी

Fri, 10 Nov 2017 11:38 PM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:38 PM IST
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फर्जीवाड़े में शामिल आठ प्रशिक्षु पड़ोसी जनपदों में कर रहे नौकरी
आजमगढ़। वर्ष 2007 और 2008 में विशिष्ट बीटीसी में चयन के लिए प्रदेश के 22 जनपदों के 74 लोगों ने फर्जी विकलांग प्रमाण-पत्र लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया था। इसमें जिले के भी 21 प्रशिक्षु शामिल थे। इसमें से 13 तो जिले में ही नौकरी करते हैं। शेष आठ के पड़ोसी जिले में नौकरी करने की बातें सामने आ रही हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक की ओर से भेजी गई सूची के अनुसार मऊ, बलिया, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और गोरखपुर जैसे पड़ोसी जनपदों के भी कई प्रशिक्षु इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। ये जिले में नौकरी तो नहीं कर रहे इसकी भी जांच की जा रही है।
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वर्ष 2007 और 2008 में विशिष्ट बीटीसी में चयन के लिए प्रदेश के 231 लोगों ने विकलांग प्रमाण पत्र लगा कर प्रशिक्षण हासिल कर नौकरी पाई थी। वर्ष 2010 में राज्यस्तरीय बोर्ड ने इनका फिर से परीक्षण कर 22 जिलों के 74 लोगों के विकलांग प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया था। इसमें जिले के भी 21 प्रशिक्षु शामिल थे। इसके बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने डायट प्राचार्य को इनकी सूची जारी कर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश को डायट विभाग के अधिकारी दबाकर बैठ गए। मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने इस पर जांच बिठाते हुए कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूची में शामिल 13 प्रशिक्षु जिले में शिक्षक बन कर नौकरी कर रहे हैं, जबकि आठ के बारे में जौनपुर समेत पड़ोसी जिलों में नौकरी पाने का बाते जांच के दौरान सामने आ रही है। इनको भी जांच के दायरे में रखा गया है।
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फर्जी विकलागंता सर्टिफिकेट के आधार पर प्रशिक्षण करने वाले मामले की जांच हो रही है। मामले में विभागीय अधिकारियों की ओर से कार्रवाई न करने की भी जांच हो रही है। सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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इन जिलों के प्रशिक्षु थे शामिल
आजमगढ़। राज्यस्तर पर गठित बोर्ड की ओर से 22 जनपदों के 72 प्रशिक्षुओं के विकलांग प्रमाण-पत्र को फर्जी बताया गया था। इसमें बदायूं, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, सीतापुर, इलाहाबाद, फतेहपुर, झांसी, जालौन, प्रतापगढ़, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, सोमभद्र, भदोही, बलिया, मऊ और गोरखपुर जिले के प्रशिक्षु शामिल थे।
फर्जी प्रमाण-पर ये जिले में कर रहे नौकरी
फर्जी प्रमाण-पर ये जिले में कर रहे नौकरी
आजमगढ़। माधुरी सिंह पत्नी राजेंद्र प्रताप, चंद्रशेखर सिंह पुत्र राजेंद्र, भरतलाल यादव पुत्र स्व. रामपाल यादव, अजीत कुमार यादव पुत्र राम यादव, रेखा सिंह पत्नी राजकुमार, नंदकिशोर यादव पुत्र स्वामीनाथ यादव, शिव नरायण पुत्र मित्तू, राजेश कुमार पुत्र अनिकेश, जय सिंह यादव पुत्र शेखर यादव, अखिलेश कुमार पुत्र मुन्नी लाल, राहुल यादव पुत्र बजरंगी यादव, राम सिंह पुत्र शम्भूनाथ।

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इन्होंने ली पड़ोसी जनपदों में शरण
आजमगढ़। सत्यसेन सिंह पुत्र बृजनाथ सिंह, जयपाल सिंह यादव पुत्र चंद्रिका यादव, हेमा साहू पत्नी जगदीश प्रसाद साहू, वीर बहादुर सिंह पुत्र प्रभाकर, ब्रह्मशील यादव पुत्र जगन्नाथ यादव, सत्येंद्र कुमार सिंह पुुत्र शिवकु़मार, शशि भूषण उपाध्याय पुत्र अवधेश उपाध्याय, सुनीता देवी पत्नी अरविंद त्रिपाठी। इनका चिह्नीकरण जिलाधिकारी की ओर से पड़ोसी जनपदों के अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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