{"_id":"5995daf84f1c1bc9028b4612","slug":"181502993144-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति को बीस, सास और ससुर को दस साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पति को बीस, सास और ससुर को दस साल की कैद
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़ । अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार वर्मा की अदालत ने गुरुवार को दहेज हत्या के मामले में आरोपित विवाहिता के पति को बीस, सास और ससुर को दस-दस साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही कुल बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
तरवां थाना क्षेत्र के महोली गांव निवासी रुपनरायन पुत्र राजपति सिंह की लड़की प्रियंका की शादी 11 मार्च 2012 में इसी थाना क्षेत्र के भीटी जयचंद गांव में अशोक सिंह के पुत्र दीपक सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद विदा होकर वह अपने ससुराल गई। 21 जून 2014 को उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने स्थानीय थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया इसमें आरोप लगाया कि ससुराल के लोग दहेज में चार चक्का वाहन की मांग करते थे। नहीं दिए जाने पर प्रताड़ित करते थे। इसी मांग को लेकर घटना के दिन फांसी लगाकर उसे मार डाले। इस मामले में तरवां थाना पुलिस ने विवाहिता के पति दीपक, सास माधुरी और ससुर अशोक के विरुद्ध अरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्को को सुनने के बाद नामजद तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
तरवां थाना क्षेत्र के महोली गांव निवासी रुपनरायन पुत्र राजपति सिंह की लड़की प्रियंका की शादी 11 मार्च 2012 में इसी थाना क्षेत्र के भीटी जयचंद गांव में अशोक सिंह के पुत्र दीपक सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद विदा होकर वह अपने ससुराल गई। 21 जून 2014 को उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने स्थानीय थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया इसमें आरोप लगाया कि ससुराल के लोग दहेज में चार चक्का वाहन की मांग करते थे। नहीं दिए जाने पर प्रताड़ित करते थे। इसी मांग को लेकर घटना के दिन फांसी लगाकर उसे मार डाले। इस मामले में तरवां थाना पुलिस ने विवाहिता के पति दीपक, सास माधुरी और ससुर अशोक के विरुद्ध अरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्को को सुनने के बाद नामजद तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन