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एक तो बिना जुर्म भेजा जेल फिर हड़प कर बैठ गये 91 हजार
Updated Sun, 06 May 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली पुलिस पर क्षेत्र के रहने वाले दो युवकों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बिना जुर्म के जहां जेल भेज दिया गया तो वहीं गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से कोतवाली पर जमा कराए गए विदेशी मुद्रा, अंगूठी और कपड़े आदि को अब वापस नहीं किया जा रहा है। पीड़ितों ने न्याय के लिए शनिवार को एसपी दरबार में गुहार लगाई।
जमीन सिकरौरा गांव निवासी मुन्ना पुत्र बालचंद रोजी रोटी के लिए विदेश रहता था। वहां से वह सऊदी अरब की करेंसी 5100 रियाल लेकर आया था। दो अप्रैल को वह गांव निवासी कुलदीप पुत्र मंतू के साथ 5100 रियाल को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए जीयनपुर कस्बा आया। मुन्ना का कहना है कि पुलिस ने उनसे जाति पूछकर कोतवाली ले आई। उसके पास के 5100 रियाल (भारतीय मुद्रा में कीमत 91000 रुपये) और लेनेवो की मोबाइल कीमत 20 हजार तथा कुलदीप के पास मौजूद 1200 रुपये, सोने की अंगूठी और बेल्ट और जूता कोतवाली पर जमा करा लिया और फर्जी मामले में चालान कर जेल भेज दिया। 29 अप्रैल को जमानत पर रिहा होने के बाद कई बार कोतवाली पर गिरफ्तारी के दौरान जमा कराए गए पैसे, अंगूठी और सामान लेने के लिए गए, लेकिन पुलिस ने वापस नहीं किया। दोनों पीड़ित शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जमा पैसा मांगने नहीं आया। वैसे मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। पीड़ितों के आने पर धन अगर जमा होगा तो वापस कराया जाएगा।
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जमीन सिकरौरा गांव निवासी मुन्ना पुत्र बालचंद रोजी रोटी के लिए विदेश रहता था। वहां से वह सऊदी अरब की करेंसी 5100 रियाल लेकर आया था। दो अप्रैल को वह गांव निवासी कुलदीप पुत्र मंतू के साथ 5100 रियाल को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए जीयनपुर कस्बा आया। मुन्ना का कहना है कि पुलिस ने उनसे जाति पूछकर कोतवाली ले आई। उसके पास के 5100 रियाल (भारतीय मुद्रा में कीमत 91000 रुपये) और लेनेवो की मोबाइल कीमत 20 हजार तथा कुलदीप के पास मौजूद 1200 रुपये, सोने की अंगूठी और बेल्ट और जूता कोतवाली पर जमा करा लिया और फर्जी मामले में चालान कर जेल भेज दिया। 29 अप्रैल को जमानत पर रिहा होने के बाद कई बार कोतवाली पर गिरफ्तारी के दौरान जमा कराए गए पैसे, अंगूठी और सामान लेने के लिए गए, लेकिन पुलिस ने वापस नहीं किया। दोनों पीड़ित शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जमा पैसा मांगने नहीं आया। वैसे मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। पीड़ितों के आने पर धन अगर जमा होगा तो वापस कराया जाएगा।
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