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पुलिस के दरोगा ने रची थी हत्या की साजिश

Sun, 04 Jun 2017 11:35 PM IST
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:35 PM IST
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पुलिस के दरोगा ने रची थी हत्या की साजिश
दोहरा हत्याकांड : दरोगा ने रची थी हत्या की साजिश!
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आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव निवासी सत्यदेव चौहान ने रविवार को डीआईजी आजमगढ़ रेंज से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने डीआईजी को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि 28 मई की रात गांव में पीट पीटकर हुई दो लोगों की हत्या की साजिश एक दरोगा ने रची थी। वह दरोगा आरोपियों की गिरफ्तारी में भी मौजूद रहा। यदि दरोगा को जल्द किसी अन्य जिले में नहीं भेजा गया तो वह उसकी और परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या करवा देगा। साथ ही दोहरे हत्याकांड की विवेचना भी प्रभावित होगी। डीआईजी ने सीओ रैंक के अधिकारी से घटना की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
बता दें कि चकमेउवा गांव निवासी प्रधान राजेंद्र यादव और सुदर्शन चौहान के बीच कोटे का विवाद चल रहा था। इसी के चलते राजेंद्र आदि ने 28 मई की रात सुदर्शन, मुन्नीलाल की पीट पीटकर हत्या कर दी जबकि सुदर्शन का भतीजा राजू घायल है। उसका अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के संबंध में सुदर्शन के भाई सत्यदेव चौहान ने प्रधान राजेंद्र यादव सहित 13 लोगों को नामजद और कुछ अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने प्रधान पर 12 हजार और अन्य पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया। घटना के पांचवें दिन नाटकीय ढंग से बेलइसा चौराहे से मुख्य आरोपी राजेंद्र यादव सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष की तलाश की जा रही है। घटना को लेकर गांव मेें आज भी तनाव है। घटना वाले दिन से फोर्स तैनात है। रविवार को इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब दोहरे हत्याकांड के वादी मुकदमा सत्यदेव चौहान ने डीआईजी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। सत्यदेव का आरोप है कि इस पूरे घटना की साजिश पुलिस के एक दरोगा ने रची है। वह दरोगा आरोपियों की गिरफ्तारी में भी मौजूद रहा। दरोगा अपनी बिरादरी के लोगों की हर स्तर की मदद करने के लिए मशहूर है। पीड़ित ने आशंका जताई कि उक्त दरोगा की वजह से ना केवल विवेचना प्रभावित हो सकती है। उसने दरोगा का स्थानांतरण न होने पर परिवार और अन्य गवाहों की भी हत्या की आशंका भी जताई।
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आरोपियों की गिरफ्तारी में दरोगा की अहम भूमिका रही है। जांच के दौरान दरोगा की भूमिका देखी जाएगी। साथ ही पहले की भी पृष्ठभूमि खंगाली जाएगी। यदि दरोगा दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में एसपी आजमगढ़ अजय साहनी से बात हुई है। जल्द ही जांच किसी सीओ रैंक के अधिकारी को सौंपी जाएगी। - उदयशंकर जायसवाल, डीआईजी आजमगढ़ रेंज
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