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वेदांता पर फिर पैसे के लिए लाश रोकने का आरोप, अस्पताल प्रशासन का इंकार

Sun, 02 Sep 2018 11:57 PM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:57 PM IST
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वेदांता पर फिर पैसे के लिए लाश रोकने का आरोप, अस्पताल प्रशासन का इंकार
आजमगढ़। वेदांता अस्पताल में रविवार सुबह माहुल की रहने वाली एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने महिला की मौत के बाद और पैसे की मांग की। पैसा जमा न करने पर लाश देने से इनकार कर दिया। भाजपा नेताओं और पुलिस के पहुंचने पर परिजनों को मृतका की लाश सौंपी। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।
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माहुल के सरदार बल्लभ भाई पटेल नगर निवासी 55 वर्षीय दुखना देवी पत्नी जयशराज बिंद शनिवार शाम अपनी बेटी और पति के साथ खेत पर गई थी। लौटते वक्त एक पिकअप ने बाइक सवार को धक्का मार दिया। बाइक सवार की चपेट में आकर दुखना गंभीर रूप से घायल हो गई। रात साढ़े नौ बजे परिजनों ने दुखना को वेदांता में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि इलाज शुरू करने के पहले उनसे 15 हजार रुपये जमा करा लिए गए। आरोप है कि कुछ घंटे बाद महिला की मौत हो गई थी लेकिन सुबह साढ़े छह बजे मौत की सूचना दी गई। जब लाश मांगी गई तो 10100 रुपये का बिल और थमाते हुए लाश देने से इनकार कर दिया गया। भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष आशु जायसवाल समेत अन्य नेताओं के हस्तक्षेप और शहर कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर शव परिजनों को मिल पाया।
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उधर, अस्पताल के प्रबंधक विशाल जायसवाल का कहना है कि जो भी पैसा जमा कराया गया, उसका बिल परिजनों को दिया गया है। सुबह महिला की मौत होने के बाद परिजनों ने जब लाश मांगी तो कर्मचारियों ने उनसे शेष पैसे जमा करने को कहा। बाद में परिजनों ने गरीबी को देखते हुए मैंने उन्हें लाश ले जाने के लिए कह दिया। मैंने परिजनों से यह भी कहा कि बाकी पैसा जब हो, तब जमा कर देना।
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