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कहीं एक लाभार्थी के दो खाते तो कहीं एक खाते में कई लाभार्थी
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:02 AM IST
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आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से जारी होने वाली समाजवादी पेंशन में सामने आए फर्जीवाड़े में अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है। कहीं एक लाभार्थी के दो खाते हैं तो कहीं एक खाते में कई लाभार्थियों को पेंशन जारी की जा रही थी। सत्यापान के दौरान अपात्रों को तो छांटा जाता था, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। ऐसे लगभग 2000 खाते चिह्नित हैं। जांच हुई तो ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं।
वर्ष 2007 से 2011 तक समाज कल्याण विभाग में 150 करोड़ के घोटाले का मामले की जांच अभी सिरे भी नहीं चढ़ पाई थी कि वर्ष 2014 से 2017 के दौरान जारी की गई समाजवादी पेंशन में करोड़ों के घोटाले का मामला गुरुवार को सामने आया था। मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह की ओर से घपले की शिकायत कमिश्नर से कई गई थी। बताया था कि विभाग की ओर से जारी गई पेंशन में कई पेंशनधारियों के खाते एक ही हैं। साथ ही कई लाभार्थियों को एक से अधिक खातों में पेंशन दी जा रही है। कमिश्नर ने देर शाम अधिकारियों को ब्यौरे के साथ तलब किया था। सीडीओ और डीडी समाज कल्याण को शिकायकर्ता से जानकारी लेकर मामले की जांच को कहा था। शिकायत सत्य पाई जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर कराने को कहा था। शिकायकर्ता की ओर से ऐसे दो हजार खातों को चिह्नित किया था जो संदेह के दायरे में थे। पेंशन की समय-समय पर सत्यापन भी कराया जाता है, लेकिन इस दौरान उन्हीं लाभार्थियों के नाम काटे जाते थे जो या तो मर चुके होते थे। कहीं एक लाभार्थी के दो खाते तो कहीं एक खाते में कई लाभार्थी वाले मामलों पर ध्यान ही नहीं दिया जाता था। इसके अलावा इसमें कई खातों में पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिल रही है। मामले की जांच शुरू होती है तो जहां ऐसे खातों की संख्या बढञ सकती है वहीं, कई नए तथ्य निकल कर समाने आ सकते हैं।
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वर्ष 2007 से 2011 तक समाज कल्याण विभाग में 150 करोड़ के घोटाले का मामले की जांच अभी सिरे भी नहीं चढ़ पाई थी कि वर्ष 2014 से 2017 के दौरान जारी की गई समाजवादी पेंशन में करोड़ों के घोटाले का मामला गुरुवार को सामने आया था। मानवाधिकार संगठन के सदस्य अरुण कुमार सिंह की ओर से घपले की शिकायत कमिश्नर से कई गई थी। बताया था कि विभाग की ओर से जारी गई पेंशन में कई पेंशनधारियों के खाते एक ही हैं। साथ ही कई लाभार्थियों को एक से अधिक खातों में पेंशन दी जा रही है। कमिश्नर ने देर शाम अधिकारियों को ब्यौरे के साथ तलब किया था। सीडीओ और डीडी समाज कल्याण को शिकायकर्ता से जानकारी लेकर मामले की जांच को कहा था। शिकायत सत्य पाई जाने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर कराने को कहा था। शिकायकर्ता की ओर से ऐसे दो हजार खातों को चिह्नित किया था जो संदेह के दायरे में थे। पेंशन की समय-समय पर सत्यापन भी कराया जाता है, लेकिन इस दौरान उन्हीं लाभार्थियों के नाम काटे जाते थे जो या तो मर चुके होते थे। कहीं एक लाभार्थी के दो खाते तो कहीं एक खाते में कई लाभार्थी वाले मामलों पर ध्यान ही नहीं दिया जाता था। इसके अलावा इसमें कई खातों में पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिल रही है। मामले की जांच शुरू होती है तो जहां ऐसे खातों की संख्या बढञ सकती है वहीं, कई नए तथ्य निकल कर समाने आ सकते हैं।
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