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आयोग की सदस्य बन ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को दौड़ाया
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। आयोग की सदस्य होने की धौंस देकर मुबारकपुर थाना क्षेत्र की एक महिला प्रधान ने जिला प्रशासन को खूब घुमाया। उनके इस कार्य से नाराज एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को रिपोर्ट भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला 30 जनवरी का है, उस दिन जिले के नोडल अधिकारी सचिव सिंचाई सीपी त्रिपाठी जनपद आए हुए थे। मुख्य राजस्व अधिकारी अतरौलिया में आयोजित कार्यक्रम में उनके साथ थे। तभी चकसिक्ठी की ग्राम प्रधान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की सदस्या सना परवीन का फोन आया। उन्होंने खुद को सठियांव में होने की बात की। इस मुख्य राजस्व अधिकारी ने एडीएम प्रशासन को फोन किया कि वह उनको प्रोटाकाल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस पर एडीएम ने प्रोटोकाल सहायक हरिप्रकाश श्रीवास्तव को सर्किट हाउस में अति विशिष्ट कक्ष आरक्षित करते हुए उचित जलपान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। शिकायत लिपिक से अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर एडीएम प्रशासन सर्किट हाउस के लिए रवाना हुए। जब उन्होंने आयोग की सदस्या के मोबाइल पर फोन कर उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी लेनी चाही तो कोई उत्तर नहीं दिया गया। तब उन्होंने बाबू को खंड विकास अधिकारी सठियांव से उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया। पता चला कि अभी वह सठियांव में ही हैं। तब एडीएम प्रशासन खुद सठियांव पहुंच गए जहां सना परवीन ने अपना परिचय चकसिक्ठी प्रधान के रूप में दिया। लेकिन उन्होंने जो विजिटिंग कार्ड एडीएम प्रशासन को दिया उस पर उनके दोनों पद लिखे हुए थे। इस पर एडीएम प्रशासन ने एक गुप्त रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भेजी है। जिसमें उन्होंने उनसे उचित कार्रवाई की मांग की है।
एडीएम प्रशासन की रिपोर्ट आई है, लेकिन अभी मैंने उसे देखा है। रिपोर्ट को देखने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।
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मामला 30 जनवरी का है, उस दिन जिले के नोडल अधिकारी सचिव सिंचाई सीपी त्रिपाठी जनपद आए हुए थे। मुख्य राजस्व अधिकारी अतरौलिया में आयोजित कार्यक्रम में उनके साथ थे। तभी चकसिक्ठी की ग्राम प्रधान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की सदस्या सना परवीन का फोन आया। उन्होंने खुद को सठियांव में होने की बात की। इस मुख्य राजस्व अधिकारी ने एडीएम प्रशासन को फोन किया कि वह उनको प्रोटाकाल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस पर एडीएम ने प्रोटोकाल सहायक हरिप्रकाश श्रीवास्तव को सर्किट हाउस में अति विशिष्ट कक्ष आरक्षित करते हुए उचित जलपान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। शिकायत लिपिक से अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर एडीएम प्रशासन सर्किट हाउस के लिए रवाना हुए। जब उन्होंने आयोग की सदस्या के मोबाइल पर फोन कर उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी लेनी चाही तो कोई उत्तर नहीं दिया गया। तब उन्होंने बाबू को खंड विकास अधिकारी सठियांव से उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया। पता चला कि अभी वह सठियांव में ही हैं। तब एडीएम प्रशासन खुद सठियांव पहुंच गए जहां सना परवीन ने अपना परिचय चकसिक्ठी प्रधान के रूप में दिया। लेकिन उन्होंने जो विजिटिंग कार्ड एडीएम प्रशासन को दिया उस पर उनके दोनों पद लिखे हुए थे। इस पर एडीएम प्रशासन ने एक गुप्त रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भेजी है। जिसमें उन्होंने उनसे उचित कार्रवाई की मांग की है।
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एडीएम प्रशासन की रिपोर्ट आई है, लेकिन अभी मैंने उसे देखा है। रिपोर्ट को देखने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।
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