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आबकारी निरीक्षक और दो सिपाहियों पर केस

Sun, 29 Oct 2017 11:22 PM IST
Updated Sun, 29 Oct 2017 11:22 PM IST
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आबकारी निरीक्षक और दो सिपाहियों पर केस
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में 25 अक्तूबर दिन बुधवार को एसटीएफ लखनऊ की टीम द्वारा जिस अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। वह पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से चल रही थी। जांच में मिली भगत उजागर होने पर शनिवार को जिला आबकारी अधिकारी ने क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक और दो सिपाहियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि घटना के दूसरे दिन ही एक दरोगा और सात सिपाहियों की संलिप्तता पाए जाने पर एसपी ने इन्हें निलंबित कर दिया। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। इनके विरुद्ध तथ्य सबूत जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज आदि भी खंगाला जा रहा है।
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गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव निवासी राजीव सिंह गंभीरपुर थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर अपने हाते में अवैध शराब की फैक्ट्री चला रहे थे। 25 अक्तूबर को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने छापेमारी कर इसका भंडाफोड़ किया। मामले की जांच पड़ताल के दौरान थाने के एक दरोगा और सात सिपाहियों की संलिप्तता पाए जाने पर एसपी अजय कुमार साहनी ने इन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार को सौंपी गई है। पुलिस साक्ष्य सबूत इकट्ठा करने के लिए जिस स्थान पर फैक्ट्री संचालित हो रही थी। उसके अगल-बगल लगे सीसीटीवी फुटेज आदि भी खंगाल रही है। इस मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला था कि इसमें आबकारी विभाग के लोगों की भी संलिप्तता है। शनिवार को जांच पड़ताल के बाद जिला आबकारी अधिकारी सूदर्शन सिंह ने मेंहनगर तहसील पर तैनात आबकारी निरीक्षक मनीष कुमार के अलावा आबकारी सिपाही उदय कुमार और संजीत गुप्ता के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। उनका आरोप है कि आरोपीगण अपने कर्तव्यों का पालन न करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर अवैध शराब की फैक्ट्री चलवा रहे थे। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि आबकारी निरीक्षक और सिपाहियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस वालों के विरुद्ध केस दर्ज कराने के लिए साक्ष्य सबूत इकट्ठा किया जा रहा है।
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