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एसडीएम सदर को सौंपी गई मजिस्ट्रीयल जांच
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:24 AM IST
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आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बजहड़ा गांव में स्थित कांशीराम आवास कालोनी में 18 अगस्त की शाम हुई मुठभेड़ में पुलिस ने डी-9 गैंग के सरगना सुजीत सिंह ‘बुढ़वा’ को मार गिराया था। पुलिस की गोली से एसओ मुबारकपुर अनुप शुक्ला सहित तीन सिपाही घायल हो गए थे। सुजीत के एनकाउंटर की घटना का डीएम ने मजिस्ट्रीयल जांच करने का निर्देश दिया। यह जांच एसडीएम सदर करेंगे।
एसडीएम सदर ने इस संबंध में बुधवार छह सितंबर से 16 सितंबर के बीच इस मामले से जुड़े किसी भी प्रकार के साक्ष्य सबूत, या अन्य कोई जानकारी हो तो मांगी है। साथ ही बताया कि निर्धारित अवधि के बाद कोई साक्ष्य सबूत मान्य नहीं होगा। बता दें कि मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अल्देमऊ गांव का निवासी डी-9 गिरोह का सरगना था और रामपुर जेल में निरुद्ध था। 11 अगस्त को रामपुर जिले की पुलिस सुजीत को लेकर मऊ न्यायालय में पेशी पर आई थी। यहां से लौटते समय अतरौलिया थाना क्षेत्र के बूढ़नपुर चौक पर शौच का बहाना करके सुजीत फरार हो गया। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 18 अगस्त की शाम शारदा तिराहे पर पुलिस वाहन चेक कर रही थी। तभी सुजीत अपने एक साथी की बाइक पर बैठकर जा रहा था। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो फायर कर भाग निकला। सुजीत पुलिस से बचने के लिए मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बजहड़ा गांव में स्थित कांशीराम आवास कालोनी में घुस गया और भीतर से पुलिस पार्टी पर गोली चलाने लगा। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में सुजीत मारा गया। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने सुजीत पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने पर उस पर 15 हजार का ईनाम था।
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एसडीएम सदर ने इस संबंध में बुधवार छह सितंबर से 16 सितंबर के बीच इस मामले से जुड़े किसी भी प्रकार के साक्ष्य सबूत, या अन्य कोई जानकारी हो तो मांगी है। साथ ही बताया कि निर्धारित अवधि के बाद कोई साक्ष्य सबूत मान्य नहीं होगा। बता दें कि मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अल्देमऊ गांव का निवासी डी-9 गिरोह का सरगना था और रामपुर जेल में निरुद्ध था। 11 अगस्त को रामपुर जिले की पुलिस सुजीत को लेकर मऊ न्यायालय में पेशी पर आई थी। यहां से लौटते समय अतरौलिया थाना क्षेत्र के बूढ़नपुर चौक पर शौच का बहाना करके सुजीत फरार हो गया। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 18 अगस्त की शाम शारदा तिराहे पर पुलिस वाहन चेक कर रही थी। तभी सुजीत अपने एक साथी की बाइक पर बैठकर जा रहा था। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो फायर कर भाग निकला। सुजीत पुलिस से बचने के लिए मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बजहड़ा गांव में स्थित कांशीराम आवास कालोनी में घुस गया और भीतर से पुलिस पार्टी पर गोली चलाने लगा। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में सुजीत मारा गया। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने सुजीत पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार होने पर उस पर 15 हजार का ईनाम था।
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