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भूने हुए चने और मूंगफली का नमूना हुआ फेल
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आजमगढ़। शासन और डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छह दिसंबर 2018 को ठेकमा में प्रसिद्ध चने के व्यापारी के यहां से भूने हुए चने और जहानागंज में कच्चे मूंगफली के दानों का नमूना लिया था। जांच में दोनों ही नमूने फेल पाए गए। दोनों कारोबारियों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
अभिहित अधिकारी डा. दीनानाथ यादव ने बताया कि छह दिसंबर 2018 को ठेकमा बाजार से विनय कुमार पुत्र किशोरी लाल की दुकान से भूने चने का नमूना लिया गया था। वहीं जहानागंज बाजार स्थित रहुल अमीन पुत्र फारूख की दुकान से कच्चे साबूत मूंगफली के दानों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में भूने चने में सिंथेटिक रंग औरामीन पाया गया। जिसके सेवन से लीवर खराब हो सकता है। वहीं कच्ची मूंगफली के दानों पर फंगस पाया गया जो असुरक्षित है। इसके लिए पत्रावली को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र लखनऊ को भेजा जा रहा है। उसकी स्वीकृति प्राप्त कर एसीजेएम कोर्ट प्रथम में वाद दायर कर दिया जाएगा। ऐसे प्रकरण में तीन वर्ष तक के कारावास और पांच लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
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अभिहित अधिकारी डा. दीनानाथ यादव ने बताया कि छह दिसंबर 2018 को ठेकमा बाजार से विनय कुमार पुत्र किशोरी लाल की दुकान से भूने चने का नमूना लिया गया था। वहीं जहानागंज बाजार स्थित रहुल अमीन पुत्र फारूख की दुकान से कच्चे साबूत मूंगफली के दानों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में भूने चने में सिंथेटिक रंग औरामीन पाया गया। जिसके सेवन से लीवर खराब हो सकता है। वहीं कच्ची मूंगफली के दानों पर फंगस पाया गया जो असुरक्षित है। इसके लिए पत्रावली को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र लखनऊ को भेजा जा रहा है। उसकी स्वीकृति प्राप्त कर एसीजेएम कोर्ट प्रथम में वाद दायर कर दिया जाएगा। ऐसे प्रकरण में तीन वर्ष तक के कारावास और पांच लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
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