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Prayagraj News: इलाज के दौरान युवक की मौत, अस्पताल में तोड़फोड़
Fri, 04 Sep 2026 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:41 AM IST
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सरायइनायत थाना क्षेत्र के हबूसामोड़ स्थित एक अस्पताल में हर्निया का ऑपरेशन के बाद इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में तोड़फोड़ कर जीटी रोड पर चक्काजाम कर दिया।
परिजन मुआवजा देने और संचालक के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल बंद कराने की मांग करने लगे। कई घंटे तक अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद भी परिजनों के नहीं मानने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जबरन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया और रोडवेज बस सहित कई वाहनों के शीशे टूट गए।
क्षेत्र के डोडापुर गांव निवासी रमाशंकर भारतीय उर्फ पप्पू (35) मजदूरी करता था। बीते 29 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर हबूसामोड़ स्थित तेजस हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड में भर्ती हुआ था।
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परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने हर्निया होना बताया और दो दिन पहले ऑपरेशन किया गया था। बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे इलाज के दौरान रामशंकर की मौत हो गई तो परिजन आक्रोशित हो गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों के साथ अस्पताल में तोड़फोड़ कर अस्पताल के सामने जीटी रोड पर शव रख चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
चक्काजाम की सूचना पर एसीपी थरवई अजेंद्र यादव नायब तहसीलदार रवींद्र नाथ सरायइनायत एवं थरवई थाने की पुलिस मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर जाम समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन मानने के लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों ने एक करोड़ मुआवजा एवं अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर और अस्पताल बंद कराने की मांग करने लगे।
अधिकारियों द्वारा तकरीबन चार घंटे तक समझाने के बाद भी परिजन मुआवजा मिलने एवं कार्रवाई के बिना पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। इसी बीच कुछ महिलाएं को आगे कर ग्रामीण अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे।
तभी किसी ने पुलिस की ओर पत्थर फेंका तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई। इसी बीच मौका देख पुलिस ने जबरन शव को कब्जे में लेकर एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिससे सड़क पर खड़ी रोडवेज बस समेत कई वाहनों के शीशे टूट गए।
करीब एक घंटे तक उपद्रव करने के बाद ग्रामीण शांत हुए तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। पति की मौत से पत्नी पूजा बेसुध हो गई। पुत्रियों वंतिका(10), नैंसी(8) एवं पुत्र आयुष(5) का रो-रो कर बुरा हाल था।
एसीपी थरवई अजेंद्र यादव का कहना है कि मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और मुआवजा एवं कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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परिजन मुआवजा देने और संचालक के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल बंद कराने की मांग करने लगे। कई घंटे तक अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद भी परिजनों के नहीं मानने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जबरन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया और रोडवेज बस सहित कई वाहनों के शीशे टूट गए।
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क्षेत्र के डोडापुर गांव निवासी रमाशंकर भारतीय उर्फ पप्पू (35) मजदूरी करता था। बीते 29 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर हबूसामोड़ स्थित तेजस हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड में भर्ती हुआ था।
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परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने हर्निया होना बताया और दो दिन पहले ऑपरेशन किया गया था। बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे इलाज के दौरान रामशंकर की मौत हो गई तो परिजन आक्रोशित हो गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों के साथ अस्पताल में तोड़फोड़ कर अस्पताल के सामने जीटी रोड पर शव रख चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
चक्काजाम की सूचना पर एसीपी थरवई अजेंद्र यादव नायब तहसीलदार रवींद्र नाथ सरायइनायत एवं थरवई थाने की पुलिस मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर जाम समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन मानने के लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों ने एक करोड़ मुआवजा एवं अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर और अस्पताल बंद कराने की मांग करने लगे।
अधिकारियों द्वारा तकरीबन चार घंटे तक समझाने के बाद भी परिजन मुआवजा मिलने एवं कार्रवाई के बिना पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। इसी बीच कुछ महिलाएं को आगे कर ग्रामीण अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे।
तभी किसी ने पुलिस की ओर पत्थर फेंका तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई। इसी बीच मौका देख पुलिस ने जबरन शव को कब्जे में लेकर एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिससे सड़क पर खड़ी रोडवेज बस समेत कई वाहनों के शीशे टूट गए।
करीब एक घंटे तक उपद्रव करने के बाद ग्रामीण शांत हुए तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। पति की मौत से पत्नी पूजा बेसुध हो गई। पुत्रियों वंतिका(10), नैंसी(8) एवं पुत्र आयुष(5) का रो-रो कर बुरा हाल था।
एसीपी थरवई अजेंद्र यादव का कहना है कि मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और मुआवजा एवं कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।