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नहीं पूरा हो सका 100 शैय्यायुक्त चिकित्सालय और ट्रामा सेंटर का निर्माण

Tue, 27 Apr 2021 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Apr 2021 11:37 PM IST
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Construction of 100 beds and trauma centers could not be completed
मेजवां। धनाभाव के चलते फूलपुर तहसील मुख्यालय पर सीएचसी परिसर में उच्चीकृत चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर का निर्माण धनाभाव के कारण अधर में लटका हुआ है। सपा सरकार के कार्यकाल में फूलपुर तहसील मुख्यालय पर सीएचसी परिसर में 100 बेड का उच्चीकृत चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर का प्रस्ताव 2016 में हुआ था। सपा के क्षेत्रीय विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव के प्रयास से सरकार ने हरी झंडी देने के साथ ही 23 करोड़ रुपया अवमुक्त कर दिया था। इसका निर्माण मार्च 2018 पूरा होना था। लेकीन यह काम अब तक पूरा नही किया गया। काम पूरा होने में देरी के पीछे धनराशि की कमी बताया जा रहा है। क्षेत्रीय जनता की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर की स्थापना के लिए स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव मांगा था। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से चला। कई बार तो धनाभाव के कारण काम को रोकना पड़ा। फूलपुर में ट्रामा सेंटर का निर्माण कराने के पीछे मकसद था कि हजारों गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना था। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को 40 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से किए गए प्रस्ताव को सपा सरकार ने हरी झंडी देने का साथ 23 करोङ रुपया की स्वीकृति दी थी। वर्ष 2016 में अनुबंध के बाद कार्यदायी संस्था आवास विकास को टेंडर किया गया। लेकिन बजट के अभाव में पहला तल का स्लैब न लगने से काम ठप हो गया था। कई माह काम बंद रहने के के बाद पुन: बजट अवमुक्त हुआ तो दूसरा तल की छत लग गई। इसका परिणाम रहा कि मार्च 2018 में पूरा होने वाला काम अभी तक अधर में लटका हुआ है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि इस मसले पर जनप्रतिनिधयों को आगे आकर निर्माण में तेजी लाने के प्रयास करना चाहिए। अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहायक अभियंता आवास विकास का कहना है कि 2018 में निर्माण कार्य पूरा होना था लेकिन यह प्रोजेक्ट बजट के अभाव में देर से तैयार हो रहा है। कास्ट में भी बढोतरी की गई है। अब तक साढ़े तेरह करोड़ अवमुक्त किए गए हैं। रिवाइज इस्टीमेट निदेशालय से शासन को भेजा गया। पिछले एक साल से कोविड की वजह से काम में ब्यवधान आ रहा है। बीच- बीच में मजदूर घर चले जा रहे हैं। ट्रामा सेंटर के लिए अब लगभग 14 करोड़ रुपये रिलीज होने हैं इसकी शासन स्तर पर जांच चल रहीं है।
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