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जम्मू-कश्मीर के छात्रों की आई याद, सुलझाई जाएंगी समस्याएं
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आजमगढ़। अपने कई निर्णयों और घटना के कारण भाजपा सरकार कश्मीरी छात्रों के निशाने पर रहती है। चाहे प्रकरण जेएनयू का हो या एमयू का, सरकार को कश्मीरी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ता है। अपनी छवि को सुधारने के लिए शासन को अब जम्मू-कश्मीर छात्रों की याद आई है। इन छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए सीएम स्तर से शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इसमें डीएम को अध्यक्ष बनाया गया है। डीएम को प्रत्येक माह शिकायत प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित कर इनकी समस्याओं के निराकरण का निर्देश दिया गया है। जनपद में लगभग 120 से ज्यादा कश्मीरी छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं।
विभिन्न घटनाओं और शासन या विवि के निर्णय को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा कश्मीरी छात्रों के निशाने पर रही है। जेएनयू और अलीगढ़ के एमयू में कई बार उक्त प्रकरणों को लेकर शासन को कश्मीरी छात्रों को विरोध का सामना पड़ा है। इसको संज्ञान लेकर सितंबर माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर अलीगढ़ समेत प्रदेश भर से आए जम्मू-कश्मीर के छात्रों के समूह से मुलाकात की थी। छात्रों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। कहा था कि राज्य स्तर पर मेरी और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि इन छात्रों से संवाद स्थापित किया जाए और उनकी समस्याओं को सुलझाया जाए। साथ ही उन्हें सुरक्षा दी जाए।
सीएम की इस घोषणा पर प्रदेश सरकार की ओर से पहल शुरू कर दी गई है। सभी जनपदों को डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि जनपद में शिक्षा ग्रहण कर रहे जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और कठिनाइयों की जानकारी ली जाए। अध्ययन के दौरान आ रही आर्थिक कठिनाइयों और सुरक्षा संबंधी समस्या को दूर किया जाए। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाए। इसके लिए जनपद में डीएम की अध्यक्षता में शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी का गठन भी किया गया है। प्रत्येक माह इस कमेटी की बैठक होगी। बैठक के तीन दिन में इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शिकायतों का रजिस्टर बनाने और समिति की बैठक की कार्यवृत्ति भी जारी करनी होगी। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की समस्याएं के समाधान के लिए शासन को प्रस्ताव भेजना होगा, ताकि इसका निराकरण किया जाए।
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ये होंगे कमेटी में शामिल
डीएम कमेटी के अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही एसपी, सीडीओ, एसडीएम, पुलिस उपाधीक्षक. डीआईओएस, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके सदस्य होगें। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
120 कश्मीरी छात्र हैं जनपद में
पिछले दिनों खुफिया विभाग की ओर से जिला प्रशासन को दी गई एक रिपोर्ट में जिक्र किया गया था कि जनपद में लगभग 120 कश्मीरी छात्र तीन शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण करते हैं। तीनों संस्थाएं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित हैं। जम्मू के भी कुछ छात्र जनपद के अन्य शिक्षण संस्थाओं में हो सकते हैं। इससे इस संख्या में और इजाफा हो सकता है।
शासन का पत्र मिला है। इसमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठन की बात कही गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में ऐसे छात्र नहीं हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस
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विभिन्न घटनाओं और शासन या विवि के निर्णय को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा कश्मीरी छात्रों के निशाने पर रही है। जेएनयू और अलीगढ़ के एमयू में कई बार उक्त प्रकरणों को लेकर शासन को कश्मीरी छात्रों को विरोध का सामना पड़ा है। इसको संज्ञान लेकर सितंबर माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर अलीगढ़ समेत प्रदेश भर से आए जम्मू-कश्मीर के छात्रों के समूह से मुलाकात की थी। छात्रों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। कहा था कि राज्य स्तर पर मेरी और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि इन छात्रों से संवाद स्थापित किया जाए और उनकी समस्याओं को सुलझाया जाए। साथ ही उन्हें सुरक्षा दी जाए।
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सीएम की इस घोषणा पर प्रदेश सरकार की ओर से पहल शुरू कर दी गई है। सभी जनपदों को डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि जनपद में शिक्षा ग्रहण कर रहे जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और कठिनाइयों की जानकारी ली जाए। अध्ययन के दौरान आ रही आर्थिक कठिनाइयों और सुरक्षा संबंधी समस्या को दूर किया जाए। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाए। इसके लिए जनपद में डीएम की अध्यक्षता में शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी का गठन भी किया गया है। प्रत्येक माह इस कमेटी की बैठक होगी। बैठक के तीन दिन में इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शिकायतों का रजिस्टर बनाने और समिति की बैठक की कार्यवृत्ति भी जारी करनी होगी। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की समस्याएं के समाधान के लिए शासन को प्रस्ताव भेजना होगा, ताकि इसका निराकरण किया जाए।
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ये होंगे कमेटी में शामिल
डीएम कमेटी के अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही एसपी, सीडीओ, एसडीएम, पुलिस उपाधीक्षक. डीआईओएस, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके सदस्य होगें। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
120 कश्मीरी छात्र हैं जनपद में
पिछले दिनों खुफिया विभाग की ओर से जिला प्रशासन को दी गई एक रिपोर्ट में जिक्र किया गया था कि जनपद में लगभग 120 कश्मीरी छात्र तीन शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा ग्रहण करते हैं। तीनों संस्थाएं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित हैं। जम्मू के भी कुछ छात्र जनपद के अन्य शिक्षण संस्थाओं में हो सकते हैं। इससे इस संख्या में और इजाफा हो सकता है।
शासन का पत्र मिला है। इसमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठन की बात कही गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में ऐसे छात्र नहीं हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस