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गलत आंगणन पर कमिश्नर सख्त, पैक्सफेड पर बिठाई जांच

Wed, 26 Jun 2019 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:33 PM IST
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commisioner set inquiry against packsfed
गलत आंगणन पर कमिश्नर सख्त, पैक्सफेड पर बिठाई जांच
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--मार्टीनंगज तहसील समेत कई परियोजनाएं के आंगणन संदेह के घेरे में
--एक्सईएन लोनिवि को सौंपी गई जांच, समीक्षा से एक्सईएम आरईएस गायब
--पूरे माह का वेतन रोका गया, कई अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने बुधवार को 50 लाख और उससे ऊपर के परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान कार्यदायी संस्था पैक्सफेड की ओर से कई परियोजनाओं में ग़लत एवं संदेहास्पद आंगणन तैयार करने पर नाराजगी जताई। अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि को सभी आंगणन की जांच के निर्देश दिए। एक्सईएन आरईएस के बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने पूरे माह का वेतन रोक दिा। इसके साथ ही स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के परियोजना अभियन्ता और यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबन्धक के अनुपस्थित रहने पर चेतावनी दी।
कमिश्नर ने कहा कि कतिपय कार्यदायी की ओर से कार्यावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी परियोजनाएं अपूर्ण हैं। इस पर उन्होंने सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। कमिश्नर ने जिला कृषि अधिकारी बलिया से स्पष्टीकरण मांगा। आजमगढ़ की नगर पंचायत लालगंज में आसरा योजना के अन्तर्गत 48 आवास की धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा। बलिया के जिगिड़सर में गर्ल्स हास्टल का 75 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। पूरी धनराशि अवमुक्त है। परियोजना प्रबन्धक पैक्सफेड से से स्पष्टीकरण मांगा।
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जनपद आजमगढ़ में 50 लाख से ज्यादा की 56 परियोजनाएं हैं। इसमें पांच परियोजनायें अनारम्भ हैं। अवमुक्त धनराशि 408.86 करोड़ के सापेक्ष 83.59 प्रतिशत व्यय हुआ है। तीन परियोजनायें पूर्ण हो चुकी है। मऊ में 47 परियोजनाओं में सात अनारम्भ हैं। 111.11 करोड़ के सापेक्ष 85 प्रतिशत व्यय कर तीन परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं। बलिया में 55 परियोजनाओं में छह अनराम्भ हैं। अवमुक्त धनराशि 796.11 करोड़ के सापेक्ष 87.19 प्रतिशत खर्च की गई है। चार परियोजनाओें को पूर्ण कराया गया है। आजमगढ़ में 14, मऊ में 15, बलिया में 29 परियोजनाएं की भौतिक प्रगति 67-99 प्रतिशत के मध्य हैं। कमिश्नर ने निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर प्रारम्भ कराने को कहा।
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जमीन के कारण भी रुकी परियोजनाएं
अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि बलिया में पीएचसी के लिए जो स्थान चयनित है वहां हास्पीटल तो बन सकता है, लेकिन आवासीय भवन के निर्माण के लिए भूमि पर्याप्त नहीं है। आजमगढ़ में नो-फ्रिल्स एयरपोर्ट सितम्बर तक पूर्ण होना बताया गया। उन्होंने सम्बन्धित कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता मेंनटेन रखने का निर्देश दिया।
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इन परियोजनाएं के आंगणन संदेहास्पद
कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने आजमगढ़ के तहसील मार्टिनगंज के आवासीय भवन, उच्चतर माध्यमकि विद्यालय बरवां, सीएचसी-पीएचसी छांऊॅ सहित मण्डल के अन्तर्गत कई परियोजनाओं का आंगणन त्रुटिपूण एवं संदेहास्पद पाए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को जांच का निर्देश दिए। आंगणन तैयार करने के दोषी अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करने का भी निर्देश दिया। मऊ के सुल्तानीपुर में माडल स्कूल के निर्माण में पैक्सफेड ने बताया कि भवन सम्बन्धित विभाग को हैण्डओवर कर दिया गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इसे अधर में होना बताया। इस प्रकरण को भी जांच के लिए अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि के सुपुर्द किया।
30 तक पूरा हो अवशेष गेहूं की डिलिवरी
-आजमगढ़ में 8308, मऊ में 12414, बलिया में 21905 एमटी गेहूं अवशेष
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मंगलवार देर शाम कैम्प कार्यालय में गेहूं क्रय केन्द्रों पर खरीदे गए गेहूं के सापेक्ष केन्द्रीय पूल में डिलेवरी के अवशेष गेहूं की समीक्षा की। कमिश्नर ने डिप्टी आरएमओ आजमगढ़, मऊ, बलिया को निर्देश दिए कि 30 जून तक शत प्रतिशत अवशेष गेहूं की डिलिवरी रोस्टर बनाकर पूर्ण कराएं। सीएमआर की डिलिवरी भी 30 जून तक शत प्रतिशत होनी चाहिए।

आजमगढ़ में खाद्य विभाग का 3665.40 एमटी, पंजीकृत समिति का 800.53 एमटी, नैकॉफ का 1624.11 एमटी, पीसीएफ का 1646.46 एमटी, यूपी एग्रो का 162.25 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम का 248.40 एमटी, भारतीय खाद्य निगम का 161.25 एमटी समेत कुल 8308.40 एमटी गेहूं डिलेवरी के लिए अवशेष है। जनपद मऊ में कुल 12414.16 एमटी, बलिया में कुल 21905.59 एमटी गेहूं डिलेवरी के लिए अवशेष हैं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुछ मीलर्स पैसा नहीं कर रहे हैं। तीनों जनपदों में कुल 219 मीलरों पर वर्ष 2006-07 से 2011-12 तक कुल 99.49 करोड़ बकाया है। सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है। अभी तक सिर्फ 29.12 करोड़ की वसूली हुई है। आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए वसूली के निर्देश दिये। आरएमओ को निर्देश दिए कि मिलवार बकाएदार राइस मिलों की सूची उपलब्ध कराएं।
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