{"_id":"5e1a14df8ebc3e879e19ab2e","slug":"cnds-trapped-by-gst-demand-government-asked-for-information-azamgarh-news-vns504688270","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी की मांग कर फंसा सीएंडीएस, शासन ने मांगी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी की मांग कर फंसा सीएंडीएस, शासन ने मांगी जानकारी
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद के जीयनपुर और लालगंज में आसरा योजना का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था का शासन से जीएसटी की धनराशि मांगने का मामला उल्टा पड़ गया है। शासन ने धनराशि देने से इंकार करते हुए कार्यदायी संस्था से परियोजना की लागत, अब तक जारी धनराशि और इससे अब तक हुए कार्य की जान कारी तलब कर ली गई है। लालगंज में अभी तक परियोजना का कार्य पूर्ण नहीं होने से ये सीएंडीएस के गले में फंस गया है।
जनपद में आसरा योजना के तहत 108 आवासों का निर्माण हो रहा है। इसमें 48 आवासों का निर्माण लालगंज और 60 आवासों का निर्माण जीयनपुर नगर पंचायत में हुआ है। जीयनपुर में तो निर्माण पूरा करने बाद इसे हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन लालंगज में अभी आसरा आवासों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था का कहना है कि लालगंज में आवासों का निर्माण 2.41 करोड़ से हो रहा है। इसमें 37 लाख रुपये मिलने बाकी हैं। धनराशि मिलने पर एक माह में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर सीएंडीएस की इस पर जमकर क्लास भी लगाई थी। एक माह के भीतर आवासों को पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसके आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस बीच कार्यदायी संस्था की ओर से शासन को पत्र भेजकर परियोजना लागत पर जीएसटी के भुगतान की मांग कर दी गई है। शासन की ओर से इसे सिरे से नकार दिया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि शासन की ओर से जीएसटी का प्रावधान वर्ष 2017 में किया गया था। उक्त परियोजना वर्ष 2013-14 की है। उस समय जीएसटी लागू भी नहीं हुआ था। ये भी कहा गया है कि उक्त परियोजनाओं को जीएसटी लागू होने से पहली ही समाप्त हो जाना चाहिए था। शासने वर्ष 2017 में इस परियोजना को रोकते हुए निर्देश दिया था कि निर्माणाधीन आवास एवं अवस्थापना में ही कार्य कराया जाए। नये आवास निर्माण शुरू नहीं किए जाएंगे। छह साल का समय बीत जाने के बाद भी परियोजना क्यों अधूरी है। इससे नाराज शासम ने सीएमंडीएस से योजना के तहत कब-कू कितनी धनराशि जारी हुई, कितना कार्य हुआ इसकी पूरी जानकारी तलब कर ली है। अब इससे सीएंडीएस की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि लालगंज की परियोजना अभी तक पूरी ही नहीं हुई है।
जीयनपुर के लिए लिए जा चुके हैं आवेदन
आजमगढ़। जीयनपुर में आसरा आवास के हैंडओवर होने के बाद डूडा की ओर से इस पर आवेदन भी लिए जा चुके हैं। इसे जांच के लिए एसडीएम सगड़ी को भेजा गया था। डूडा की मानें तो जांच भी पूरी हो चुकी हैं। रिपोर्ट मिलते ही आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
गुणवत्ता की शिकायत पर होनी है जांच
आजमगढ़। लालगंज में हो रहे आसरा आवास के निर्माण घटिया सामग्री के प्रयोग करने और मानक को विपरीत कार्य होने के भी आरोप लगे हैं। जिलाधिकारी की ओर से इसकी जांच के लिए एसडीएम लालगंज, एई पीडब्ल्यूडी और प्रोजेक्ट मैनेजर सीएंडीएस की टीम का गठन किया है। अभी तक जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
जनपद में दो स्थानों पर 108 आसरा आवासों का निर्माण सीएंडडीएस की ओर से कराया जा रहा है। जीयनपुर में आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके हैंडओवर ले लिया गया है। लालंगज में आवासों का निर्माण पूरा नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी जांच भी चल रही है।
अरविंद पांडेय, पीओ डूडा
विज्ञापन
जनपद में आसरा योजना के तहत 108 आवासों का निर्माण हो रहा है। इसमें 48 आवासों का निर्माण लालगंज और 60 आवासों का निर्माण जीयनपुर नगर पंचायत में हुआ है। जीयनपुर में तो निर्माण पूरा करने बाद इसे हैंडओवर कर दिया गया है, लेकिन लालंगज में अभी आसरा आवासों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। कार्यदायी संस्था का कहना है कि लालगंज में आवासों का निर्माण 2.41 करोड़ से हो रहा है। इसमें 37 लाख रुपये मिलने बाकी हैं। धनराशि मिलने पर एक माह में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर सीएंडीएस की इस पर जमकर क्लास भी लगाई थी। एक माह के भीतर आवासों को पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसके आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस बीच कार्यदायी संस्था की ओर से शासन को पत्र भेजकर परियोजना लागत पर जीएसटी के भुगतान की मांग कर दी गई है। शासन की ओर से इसे सिरे से नकार दिया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि शासन की ओर से जीएसटी का प्रावधान वर्ष 2017 में किया गया था। उक्त परियोजना वर्ष 2013-14 की है। उस समय जीएसटी लागू भी नहीं हुआ था। ये भी कहा गया है कि उक्त परियोजनाओं को जीएसटी लागू होने से पहली ही समाप्त हो जाना चाहिए था। शासने वर्ष 2017 में इस परियोजना को रोकते हुए निर्देश दिया था कि निर्माणाधीन आवास एवं अवस्थापना में ही कार्य कराया जाए। नये आवास निर्माण शुरू नहीं किए जाएंगे। छह साल का समय बीत जाने के बाद भी परियोजना क्यों अधूरी है। इससे नाराज शासम ने सीएमंडीएस से योजना के तहत कब-कू कितनी धनराशि जारी हुई, कितना कार्य हुआ इसकी पूरी जानकारी तलब कर ली है। अब इससे सीएंडीएस की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि लालगंज की परियोजना अभी तक पूरी ही नहीं हुई है।
विज्ञापन
जीयनपुर के लिए लिए जा चुके हैं आवेदन
आजमगढ़। जीयनपुर में आसरा आवास के हैंडओवर होने के बाद डूडा की ओर से इस पर आवेदन भी लिए जा चुके हैं। इसे जांच के लिए एसडीएम सगड़ी को भेजा गया था। डूडा की मानें तो जांच भी पूरी हो चुकी हैं। रिपोर्ट मिलते ही आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
गुणवत्ता की शिकायत पर होनी है जांच
आजमगढ़। लालगंज में हो रहे आसरा आवास के निर्माण घटिया सामग्री के प्रयोग करने और मानक को विपरीत कार्य होने के भी आरोप लगे हैं। जिलाधिकारी की ओर से इसकी जांच के लिए एसडीएम लालगंज, एई पीडब्ल्यूडी और प्रोजेक्ट मैनेजर सीएंडीएस की टीम का गठन किया है। अभी तक जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
जनपद में दो स्थानों पर 108 आसरा आवासों का निर्माण सीएंडडीएस की ओर से कराया जा रहा है। जीयनपुर में आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके हैंडओवर ले लिया गया है। लालंगज में आवासों का निर्माण पूरा नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इसकी जांच भी चल रही है।
अरविंद पांडेय, पीओ डूडा