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रोडवेज काउंटर से दी जा रही फर्जी रसीद
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आजमगढ़। परिवहन निगम विभाग आजमगढ़ का बृहस्पतिवार को एक और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। एमएसटी पास धारक से काउंटर पर बैठे लिपिक ने महीने भर का रुपया लेकर उसे फर्जी रसीद थमा दी और पूरे रुपये जेब में रख लिए। मामला संज्ञान में आने पर पीड़िता ने एआरएम आजमगढ़ डिपो से शिकायत की तो वहां हंगामा खड़ा हो गया। जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर एआरएम ने आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। उसे ड्यूटी से हटाने के लिए लखनऊ की कंपनी को पत्र भेजने को भी कहा है।
बिंद्राबाजार निवासी अंकिता सोनी मुख्यालय स्थित एक कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग करती है। क्लास करने के लिए उसे रोज आजमगढ़ आना पड़ता है। ऐसे में वह आजमगढ़ डिपो के एमएसटी काउंटर से मासिक बस का पास बनवाकर चलती है। अंकिता के पिता प्रमोद के मुताबिक 13 नवंबर को अंकिता ने काउंटर पर रुपये जमाकर मासिक पास बनवाया। रसीद उसे 15 नवंबर को दी गई। तब से वह लगातार सफर कर रही थी। बृहस्पतिवार को बिंद्राबाजार से बस में बैठने पर परिचालक ने अंकिता की रसीद देखी तो उस पर किराया कम था। परिचालक ने बताया कि उसका एमएसटी पास फर्जी है। इसके बाद अंकिता ने डिपो पहुंचकर काउंटर पर रसीद दिखाई तो वहां मौजूद लिपिक विवेक पांडेय हंगामा करने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई। तभी एआरएम आजमगढ़ भी वहां पहुंच गए। जांच के दौरान पता चला कि आजमगढ़ से बिंद्राबाजार तक का मासिक पास 635 रुपये में बनता है जबकि रसीद पर 625 रुपये ही लिखा हुआ था। इस पर एआरएम ने प्राइवेट लिपिक विवेक पांडेय को फटकार लगाते हुए उससे निर्धारित शुल्क जमा करवाकर अंकिता को दूसरी रसीद दिलवायी।
एआरएम एसडी राम ने बताया कि विवेक प्राइवेट कर्मचारी है। उसे हटाने के लिए कंपनी को पत्र लिखा जा रहा है। आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले तो कोई और गड़बड़ी नहीं की है।
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बिंद्राबाजार निवासी अंकिता सोनी मुख्यालय स्थित एक कंप्यूटर सेंटर में कोचिंग करती है। क्लास करने के लिए उसे रोज आजमगढ़ आना पड़ता है। ऐसे में वह आजमगढ़ डिपो के एमएसटी काउंटर से मासिक बस का पास बनवाकर चलती है। अंकिता के पिता प्रमोद के मुताबिक 13 नवंबर को अंकिता ने काउंटर पर रुपये जमाकर मासिक पास बनवाया। रसीद उसे 15 नवंबर को दी गई। तब से वह लगातार सफर कर रही थी। बृहस्पतिवार को बिंद्राबाजार से बस में बैठने पर परिचालक ने अंकिता की रसीद देखी तो उस पर किराया कम था। परिचालक ने बताया कि उसका एमएसटी पास फर्जी है। इसके बाद अंकिता ने डिपो पहुंचकर काउंटर पर रसीद दिखाई तो वहां मौजूद लिपिक विवेक पांडेय हंगामा करने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई। तभी एआरएम आजमगढ़ भी वहां पहुंच गए। जांच के दौरान पता चला कि आजमगढ़ से बिंद्राबाजार तक का मासिक पास 635 रुपये में बनता है जबकि रसीद पर 625 रुपये ही लिखा हुआ था। इस पर एआरएम ने प्राइवेट लिपिक विवेक पांडेय को फटकार लगाते हुए उससे निर्धारित शुल्क जमा करवाकर अंकिता को दूसरी रसीद दिलवायी।
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एआरएम एसडी राम ने बताया कि विवेक प्राइवेट कर्मचारी है। उसे हटाने के लिए कंपनी को पत्र लिखा जा रहा है। आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले तो कोई और गड़बड़ी नहीं की है।
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