{"_id":"59fcad6a4f1c1b68678b94eb","slug":"clerk-arrested-in-scam-2-86-crores","type":"story","status":"publish","title_hn":"2.86 करोड़ के घोटाले में एक और लिपिक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2.86 करोड़ के घोटाले में एक और लिपिक गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
गिरफ्तार
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 11 तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के नाम हुए करोड़ों के घोटाले में क्राइम ब्रांच और सिधारी पुलिस ने मिर्जापुर के समाज कल्याण कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी के यहां लाने के लिए रिमांड आदि की प्रक्रिया की जा रही थी। घोटाले में इससे पहले जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रबंधक समेत तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
6समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 के दौरान हुए 150 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की नेतृत्व में बनी कमेटी को सौंपी थी।
विज्ञापन
कमेटी में शामिल अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह ने मामले की जांच की तो पाया गया कि जून 2011 में तत्कालीन बाबू जोखन राम का स्थानांतरण महारागंज होने पर उन्होंने विधवा, विकलांग पेंशन और छात्रवृत्ति के 204 ऐसे चेक नवागत बाबू गंगासागर राय को सौंपा था जो लाभार्थी के न मिलने के कारण बैंकों से लौट आए थे।
इनको समाज कल्याण विभाग के नोशनल खाते में जमा कराना था। तत्कालीन बाबू गंगासागर राय ने इसमें से कई चेकों को विभाग के खाते में जमा कराने के बजाय जिला सहकारी बैंकों में खोले गए फर्जी खातों में जमा कर 1.45 करोड़ की धनराशि भुना ली।
घोटाले में शामिल इस रैकेट में विभाग के तत्कालीन कनिष्ट लिपिक संतोष कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। इसके खिलाफ भी सिधारी थाने और सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज था। बाद में इनका तबादला हो गया और ये लिपिक पद पर प्रमोट भी हो गए।
मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच और सिधारी पुलिस ने शुक्रवार को मिर्जापुर स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से आरोपी के गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के रिमांड पर लेकर जनपद लाने की प्रक्रिया की जा रही है।
घोटाले में अब तक जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रबंधक हरीराम यादव, प्रोबेशन विभाग के लिपिक सुभाष चंद्र एवं एक अन्य लिपिक धरम सिंह गिरफ्तार हो चुके हैं।
घोटाले की जांच कर रही टीम को एक और सफलता मिली है। एक आरोपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
आरोपी के यहां लाने के लिए रिमांड आदि की प्रक्रिया की जा रही थी। घोटाले में इससे पहले जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रबंधक समेत तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन
6समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 के दौरान हुए 150 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की नेतृत्व में बनी कमेटी को सौंपी थी।
विज्ञापन
कमेटी में शामिल अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह ने मामले की जांच की तो पाया गया कि जून 2011 में तत्कालीन बाबू जोखन राम का स्थानांतरण महारागंज होने पर उन्होंने विधवा, विकलांग पेंशन और छात्रवृत्ति के 204 ऐसे चेक नवागत बाबू गंगासागर राय को सौंपा था जो लाभार्थी के न मिलने के कारण बैंकों से लौट आए थे।
इनको समाज कल्याण विभाग के नोशनल खाते में जमा कराना था। तत्कालीन बाबू गंगासागर राय ने इसमें से कई चेकों को विभाग के खाते में जमा कराने के बजाय जिला सहकारी बैंकों में खोले गए फर्जी खातों में जमा कर 1.45 करोड़ की धनराशि भुना ली।
घोटाले में शामिल इस रैकेट में विभाग के तत्कालीन कनिष्ट लिपिक संतोष कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। इसके खिलाफ भी सिधारी थाने और सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज था। बाद में इनका तबादला हो गया और ये लिपिक पद पर प्रमोट भी हो गए।
मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच और सिधारी पुलिस ने शुक्रवार को मिर्जापुर स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से आरोपी के गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के रिमांड पर लेकर जनपद लाने की प्रक्रिया की जा रही है।
घोटाले में अब तक जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रबंधक हरीराम यादव, प्रोबेशन विभाग के लिपिक सुभाष चंद्र एवं एक अन्य लिपिक धरम सिंह गिरफ्तार हो चुके हैं।
घोटाले की जांच कर रही टीम को एक और सफलता मिली है। एक आरोपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी